
आने वाले दिनों में और गिरेगा
तापमान, बुजुर्गों-बच्चों के लिए अलर्ट, अलाव की संख्या बढ़ाने की जरूरत
कश्मीर से आई बर्फीली हवाओं ने मालवा को जकड़ा, मंदसौर में और गिरेगा पारा
मंदसौर।
कश्मीर से आ रही बर्फीली हवाओं ने मालवा अंचल में ठंड का ऐसा कहर बरपाया है कि 67 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। मंदसौर सहित पूरे जिले में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रात और सुबह के समय ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह ठहराव की स्थिति में ला दिया है।
शहर के चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड और अस्पतालों के बाहर अलाव ही लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है। ठंड की मार इतनी तीखी है कि सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु भी अलाव के पास खड़े होकर गर्मी तलाशते नजर आ रहे हैं।
“इंसानों के साथ जानवरों को भी गर्मी की तलाश है—
कड़ाके की ठंड ने सबको एक ही आग के इर्द-गिर्द ला खड़ा किया है।”
आने वाले दिनों के लिए मौसम अलर्ट
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार अभी राहत के आसार नहीं हैं। आने वाले कुछ दिनों तक मंदसौर में
सुबह-शाम कड़ाके की ठंड
घना कोहरा
और तापमान में और गिरावट
देखी जा सकती है। जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंड का असर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
नगर पालिका ने जलाए अलाव, लेकिन और जरूरत
नगर पालिका द्वारा शहर के कई प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, जो सराहनीय कदम है।
हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए अलाव की संख्या और स्थान दोनों में इजाफा करना जरूरी हो गया है, खासकर
गरीब बस्तियों,
फुटपाथ पर रहने वालों
मजदूर इलाकों
और अस्पतालों व बस स्टैंड के आसपास,
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ठंड का असर ज्यादा होता है, ऐसे में अलाव की उपलब्धता बढ़ाना समय की मांग है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी
डॉक्टरों के अनुसार यह ठंड बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
ठंड से बचाव के जरूरी उपाय
बुजुर्गों व बच्चों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचाएं
ऊनी कपड़े, टोपी, मोजे व दस्ताने अनिवार्य
गुनगुने पेय और पौष्टिक आहार लें
ठंडी जमीन पर बच्चों को सीधे न बैठने दें
सर्दी, खांसी, बुखार या सांस की दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
पशुओं के लिए भी सुरक्षित व गर्म स्थान की व्यवस्था करें
ठंड के इस बदले मिजाज ने साफ कर दिया है कि मंदसौर में सर्दी अभी और इम्तिहान लेगी। ऐसे में प्रशासन, नगर पालिका और समाज—तीनों को मिलकर संवेदनशीलता और तत्परता दिखानी होगी, ताकि कोई भी ठंड की चपेट में आकर असहाय न रह जाए।




