MKC कंपनी के गलत निर्माण के कारण बेलारी के मतदाताओं की चुनाव बहिष्कार की तैयारी

क्या बेबसी है ये क्या मजबूरियां हम पास है फिर भी कितनी है दूरियां। ऐसा ही कुछ हुआ है सीतामऊ तहसील ग्राम बेलारी के लोगो के साथ।भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बन रहा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे यू तो जिले के लिए कई सौगाते लेकर आया है।मन्दसौर जिले से दिल्ली और मुम्बई की दूरी जरूर कम हो गयी है परंतु 8 लेन का निर्माण कर रही कंपनी के गलत निर्माण के चलते जिले के दो गॉंवों के बीच के दूरी 3KM से 13KM हो गयी है।
मामला है जिले के सीतामउ तहसील के गांव बेलारी का।यहाँ के ग्रामीणों को जब मालूम पड़ा कि हमारे क्षेत्र से दिल्ली मुम्बई 8 लेन रोड निकल रहा है तब ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा।8 लेन निर्माण के लिए यहाँ के किसानों की भूमि भी प्रशासन द्वारा अधिग्रहित की गई।परंतु अब निर्माणाधीन 8 लेन रोड गांव वालों की मुसीबत का कारण बन रहा है।
गाँव वालों के मुताबिक यहाँ गुजरात की MKC इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी काम कर रही है।कंपनी ने NHAI के प्लान के मुताबिक काम न करते हुए अपने निजी हित के लिए गलत तरीके से अंडर पास का निर्माण किया है जिसके कारण बेलारी एवं उसके आस पास के गाँव वालों को हमेशा समस्या का सामना करना पड़ेगा।ग्रामीणों का कहना है कि MKC कंपनी ने सभी नियमो को तक पर रखकर अपने मन के हिसाब से काम किया है।NHAI के प्लान के अनुसार बेलारी से दो रास्तो बेलारी-सुरजनी एवं बेलारी – महुवा को जोडने के लिए 8 लेन से दो अंडरपास बनने थे।परंतु MKC कंपनी ने सिर्फ एक ही रास्ते बेलारी-सुरजनी के लिए अंडरपास बनाया है और वो भी जैसा बनना था वैसा नही बनाया है एवं बेलारी-महुवा के लिए अंडरपास की जगह एक बड़े नाले का निर्माण किया है।गांव वालों की यह भी शिकायत थी कि MKC कंपनी ने गांव बेलारी में स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास अवैध उत्खनन किया है जिसके कारण गाँव मे बड़े बड़े गड्ढे हो गए है जिनके कारण भविष्य में बड़ी दुर्घटना की भी संभावना है।
बेलारी निवासी गुलशन खान ने बताया की सुरजनी और बेलारी को जोड़ने वाला रोड से दिल्ली मुम्बई 8 लेन रोड निकल रहा है यहां NHAI के प्लान के मुताबिक अंडरपास सर्वे नंबर 74/5 से शुरू होकर सर्वे नंबर 224 पर होते हुए सर्वे नंबर 211 पर खत्म होना था जो कि गाँव वालों के लिए बिल्कुल सीधा रास्ता था परन्तु MKC कंपनी ने निर्माण की लागत बचाने के लिए उक्त अंडर पास को सर्वे नंबर 225 पर बनाया जिसके कारण गाँव वालों के लिए उस रास्ते से निकलना बहुत मुसीबत का काम हो गया है क्योंकि उस पर जाते समय संकीर्ण मोड़ आ रहा है जिसके कारण दुर्घटना की संभावना भी बाद गयी है एवं उक्त मोड़ के कारण बारिश के समय अंडरपास में पानी भरेगा जिससे वह से आवागमन असंभव हो जाएगा।गांव वालों ने बताया कि एक समय जब सीतामउ बसई के लिए जो वर्तमान पक्का रास्ता नही था तब ये रोड सीतामउ के लिए मुख्य रास्ता हुआ करता था जिस पर बसे भी चला करती थी।
गुलशन खान ने बताया कि महुवा बेलारी रोड जो कि जनपद पंचायत सीतामउ की और से सुदूर रोड के लिए स्वीकृत था उक्त रास्ते को कंपनी द्वारा बंद कर दिया गया है।NHAI की योजना के मुताबिक बेलारी महुआ रोड को जोड़ने के लिए 8 लेन से एक अंडरपास बनना था एवं अंडरपास के पास में ही एक नाले का निर्माण भी होना था परंतु MKC कंपनी ने अंडरपास बनाने की बजाए सिर्फ एक नाले का निर्माण किया है और उसको भी जैसा बनाना था ऐसा नही बनाया है।
गांव वालों ने बताया कि बेलारी का माध्यमिक विद्यालय, पोस्ट आफिस एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महुआ में है अगर ये रास्ता बंद होता है तो गांव वालों को उक्त सुविधाओ हेतु महुआ जाने के लिए 13 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा।जब गांव वालों ने इस बारे में MKC कंपनी के लोगो से बात की तो कंपनी वाले बोले कि हमने जो नाला बनाया है वो इतना बड़ा बनाया है की आप लोग उसमे से अपने वाहनों को लेकर भी निकल सकते है।गांव वालों के मुताबिक उक्त नाले में बारिश के समय पानी भरेगा एवं वहा से निकलना असंभव हो जाएगा।
बेलारी के ग्रामीणों ने बताया कि MKC कंपनी ने गांव के प्राथमिक विद्यालय से करीब 50 मीटर की दूरी पर भारी मात्रा में अवैध खनिज उत्खनन किया है जिसके कारण 15-15 फ़ीट के गड्ढे हो गए है ऐसे में विद्यालय के छात्रों के साथ या ग्रामीणों के साथ कोई बड़ी दुर्घटना होने की भी संभावना है।गुलशन खान ने बताया की पिछले साल भी उक्त गड्डों में गांव वालों के मवेशी गिरकर मरे है।
गांव वालों ने बताया कि हमने उक्त समस्याओं के बारे में MKC कंपनी वालों को ,अनुविभागीय अधिकारी सीतामउ को भी आवेदन देकर अवगत करवाया है परंतु हमारी समस्याओं का निराकरण नही हो पाया है,और यदि अब भी प्रशासन हमारी समस्याओं का समाधान नही करता है तो हम निश्चित तौर पर आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार करेंगे क्योकि हमारी समस्या सिर्फ बेलारी ग्राम की समस्या नही है बल्कि आसपास के लगभग तेरह गॉव की समस्या है।

प्रशासन को अवगत करने के बाद भी नही हुआ समस्या का निराकरण

NAHI के प्लान के मुताबिक पॉइंट 76600 और 76700 के बीच बेलारी और महुआ के लिए एक अंडरपास और एक नाला बनना था परंतु कंपनी ने सिर्फ नाला ही बनाया।

कंपनी द्वारा प्राथमिक विद्यालय बेलारी के पास किया गया अवैध उत्खनन जिसके कारण गड्ढे हो गए है

NHAI के प्लान के मुताबिक पॉइंट 77300 पर बेलारी और सुरजनी के लिए अंडरपास बनना था जो कि सर्वे नंबर224 से निकलना था और ये बेलारी के लिए सीधा रास्ता भी था परंतु कंपनी ने सर्वे नंबर 225 से अंडर पास बनाया है जिसके कारण गांव में जाने के लिए बहुत संकीर्ण मोड़ बन गया है।