
मारपीट की घटना के बाद भी कार्रवाई नहीं, मजबूरी में लिया नीलामी से दूरी का निर्णय
मंदसौर।
कृषि उपज मंडी में उपजी अनिश्चितकालीन हड़ताल और नीलामी बंद होने की स्थिति को लेकर दशपुर मंडी व्यापारी संघ ने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा है कि मंडी में बिगड़े हालात के लिए प्रशासनिक सुस्ती और उदासीन रवैया जिम्मेदार है। संघ ने पूरे घटनाक्रम को सामने रखते हुए कहा कि व्यापारियों का निर्णय किसी दबाव या स्वार्थ में नहीं, बल्कि मंडी में सुरक्षित, भयमुक्त और सुव्यवस्थित वातावरण की मांग को लेकर लिया गया।
व्यापारी संघ के अनुसार 13 जनवरी 2026 को मंडी परिसर में एक हम्माल द्वारा व्यापारी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर घटना हुई। इस घटना से व्यापारियों में भय का माहौल बन गया। संघ ने तत्क्षण प्रशासन को अवगत कराते हुए लिखित शिकायत दी और दोषियों पर निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारियों ने नीलामी से दूरी बनाई
संघ ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम न उठाए जाने के कारण मजबूरन यह निर्णय लिया गया कि 15 जनवरी 2026 से व्यापारी नीलामी प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। इसकी सूचना भी विधिवत प्रशासन को दी गई। संघ ने स्पष्ट किया कि यह कदम मंडी में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया।
मंडी में बढ़ी असामाजिक गतिविधियों पर चिंता
व्यापारी संघ का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण मंडी परिसर में असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े हैं, जिससे लूट-पाट, चोरी, अवैध वसूली और मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे व्यापारी ही नहीं, किसान भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बैठक में नाराज होकर चले गए मंडी सचिव
संघ ने बताया कि मंडी चालू रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। संघ की बैठक में सुझाव दिया गया कि हम्मालों के व्यवहार और गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है, लेकिन चर्चा के दौरान मंडी सचिव नाराज होकर बैठक छोड़कर चले गए।
किसानों को राहत देने का प्रयास, फिर भी नीलामी रोकी गई
संघ के अनुसार 15 जनवरी को एसडीएम से चर्चा के बाद चिन्हित असामाजिक हम्मालों को बाहर करने और मंडी चालू करने पर सहमति बनी। दोपहर बाद कई मंडियों में नीलामी शुरू भी हो गई और कुछ उपज की बिक्री हुई, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा पुनः नीलामी और तुलाई प्रक्रिया बंद करवा दी गई।
व्यापारी संघ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि कम से कम उस दिन का कार्य पूर्ण कर किसानों को घर जाने दिया जाए, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बन सकी।
हड़ताल समाप्त करने के बावजूद परेशानी
संघ ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी और मंडी चालू करने के प्रयास किए गए, इसके बावजूद शाम को मंडी सचिव द्वारा लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आए वाहनों को रोक दिया गया, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी हुई। इस पर मांगा गया स्पष्टीकरण भी आपत्तिजनक बताया गया।
व्यापारी संघ की प्रमुख मांगें
दशपुर मंडी व्यापारी संघ ने पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए मांग की है कि—
दोषी व्यक्तियों पर निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की जाए
मंडी परिसर को असामाजिक तत्वों से मुक्त किया जाए
किसानों और व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए
संघ ने कहा कि दशपुर मंडी का व्यापारी वर्ग हमेशा सौम्य व्यवहार, ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाना जाता रहा है, इसके बावजूद जिस तरह का प्रशासनिक रवैया सामने आया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।






