
मंदसौर |
न्यू ईयर ईव ट्रिपल डेथ केस पर जांच तेज
गोल चौराहा ट्रिपल डेथ: वायदा बाजार और सोना-चांदी के लेनदेन की परछाईं में उजड़ा जैन परिवार,
कई बड़े खुलासों की आशंका
मंदसौर।
नववर्ष की पूर्व संध्या पर मंदसौर शहर एक दिल दहला देने वाली घटना से दहल उठा। गोल चौराहा क्षेत्र में एक ही मकान में तीन लोगों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत, सनसनी और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया।
इस घटना में दिलीप ऑटो एजेंसी वाले दिलीप जैन, उनकी धर्मपत्नी रेखा जैन और एक अन्य युवक की गोली लगने से मौत हो गई।
घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। जैसे ही दिलीप जैन के घर से गोली चलने की आवाज आई, क्षेत्र के निवासी व भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद डगवार ने तत्काल कोतवाली टीआई पुष्पेंद्र सिंह राठौर को सूचना दी। सूचना मिलते ही महज पांच मिनट के भीतर पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
जब पुलिस ने मकान में प्रवेश किया, तब तक तीनों की लाशें घर के भीतर पड़ी मिलीं।
मृतकों में 60 वर्षीय दिलीप जैन (पुत्र ज्ञानमल छिंगावत जैन), उनकी पत्नी रेखा जैन और एक अन्य युवक शामिल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीसरी मृत देह को निंबाहेड़ा निवासी विकास सोनी से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
सूत्रों के अनुसार दिलीप जैन वायदा बाजार के साथ-साथ सोना-चांदी के कारोबार में भी सक्रिय थे। वहीं विकास सोनी के बारे में जानकारी सामने आई है कि वह वायदा सौदों और क्रिकेट बुकींग से भी जुड़ा रहा है। दोनों के बीच सोने-चांदी की खरीदी-बिक्री और वायदा बाजार के बड़े लेनदेन को लेकर संबंध थे।
बताया जाता है कि पिछले दिनों लेनदेन को लेकर दिलीप जैन और विकास सोनी के बीच विवाद भी हुआ था। इस विवाद को सोने-चांदी के बड़े व्यापारी विशाल ने बीच-बचाव कर शांत करवाया था, लेकिन अंदरखाने तनाव बना रहा और वही विवाद आज खूनी अंजाम तक पहुंच गया।
सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि हाल ही में नीमच में वायदा बाजार के लेनदेन से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया था। सूत्र बताते हैं पुलिस इस आत्महत्या को भी इसी लेनदेन और दबाव के नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। जांच का दायरा अब केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लगातार घाटे, दबाव और लेनदेन की श्रृंखला की ओर बढ़ रहा है।
घटनास्थल से पुलिस ने एक रिवॉल्वर और एक चाकू बरामद किया है। यह भी जांच का विषय है कि किस हथियार का इस्तेमाल किस चरण में हुआ और पूरी वारदात का सटीक घटनाक्रम क्या रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान विनोद मीना, टी आई पुष्पेंद्र राठौड़ तथा अन्य अधिकारी पांच मिनट में ही मौके पर पहुंचे लेकिन इससे पहले ही घटना क्रम घट चुका था । पुलिस कप्तान मीना ने बताया कि गोली चलने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, जहां पति-पत्नी की डेथ बॉडी और एक अन्य व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई।
एसपी मीना के अनुसार, मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को परखा जाएगा।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि यह मामला केवल एक आपसी विवाद नहीं है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इसकी तह में कई मामलों के खुलासे हो सकते हैं। वायदा बाजार, सोना-चांदी के सौदे, बुकी नेटवर्क और उनसे जुड़े आर्थिक दबावों की परत-दर-परत जांच की जा रही है।
पुलिस कप्तान की कार्यशैली को देखते हुए यह संकेत भी मिल रहे हैं कि इस केस को सतही स्तर पर नहीं छोड़ा जाएगा। पूर्व के मामलों में जिस तरह उन्होंने गंभीर आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया है, उसी तर्ज पर इस मामले में भी बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच में जुटी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर हर कड़ी को खंगालने का प्रयास कर रही है।
यह सिर्फ एक त्रासदी नहीं,
बल्कि उस दुनिया की सच्चाई है
जहां वायदा बाजार, सट्टा और भारी लेनदेन
धीरे-धीरे इंसानी रिश्तों से ऊपर रख दिए जाते हैं।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि
गोली किसने चलाई
सवाल यह है कि इसके पीछे खड़ा पूरा तंत्र कब उजागर होगा?
श–सट्टा नेटवर्क से जोड़कर देख रही है।
जांच का दायरा अब केवल इस एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि
• घाटे के दबाव
• अनियंत्रित लेनदेन
• सट्टा–बुकी चेन
• वित्तीय मनोवैज्ञानिक तनाव
‘इन्वेस्टमेंट प्रेशर और सोशल स्टेटस’ मॉडल पर भी जांच
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन
• कई कारोबारी परिवारों में बड़े इन्वेस्टमेंट, वायदा सौदे और सट्टा चेन को लेकर सामाजिक प्रतिष्ठा का दबाव बढ़ता है।
• सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलों में नुकसान छिपाने की प्रवृत्ति, रिश्तों में तनाव और मानसिक दबाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
• पुलिस इस केस में यह भी जांच रही है कि
क्या लगातार घाटे का दबाव था?
क्या लेनदेन किसी बड़े चक्र का हिस्सा थे?
– क्या घटना से पहले वित्तीय विवाद की कोई अंतिम बैठक या बातचीत हुई थी?
• इस एंगल से जुड़े कॉल रिकार्ड, चैट्स और वित्तीय ट्रेल खंगाले जा रहे हैं।
यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं…
यह उस दुनिया की सच्चाई है,
जहाँ वायदा बाजार, सट्टा, भारी लेनदेन और मुनाफे की होड़
धीरे-धीरे इंसानी रिश्तों से ऊपर रख दी जाती है।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि
गोली किसने चलाई
सवाल यह है कि
इसके पीछे खड़ा पूरा तंत्र कब सामने आएगा।
मंदसौर गोलीकांड -डीआईजी का मौके पर निरीक्षण
• डीआईजी निमिष अग्रवाल मंदसौर पहुंचे
• घटनास्थल का मौका-मुआयना किया
• पुलिस अधिकारियों के साथ जांच की प्रगति पर चर्चा
• सुरक्षा व्यवस्था और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया की समीक्षा
• केस से जुड़े हर एंगल पर गहन जांच के निर्देश




