
मंदसौर।
सोना-चांदी के दामों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण सराफा बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों के बीच बढ़ते विवादों को लेकर स्वर्णकार/सराफा एसोसिएशन द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन थाना प्रभारी के माध्यम से दिया गया।
इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि सराफा एसोसिएशन द्वारा व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर विचार कर बेहतर सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
स्वर्णकार एसोसिएशन से जुड़े अशोक सोनी ने बताया कि सोना-चांदी के भाव अचानक बढ़ने से 15-20 वर्ष पुराने गिरवी रखे गए सामान को लेकर ग्राहक अब सामने आ रहे हैं, जिससे विवाद की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात जैसे राज्यों में नियम है कि तीन वर्ष बाद गिरवी रखे गए सामान का नियमानुसार निराकरण हो जाता है, लेकिन यहां ऐसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने गरोठ का उदाहरण देते हुए बताया कि 18-20 साल पुरानी चांदी को लेकर ग्राहक ने विवाद किया, जबकि संबंधित व्यापारी के बच्चे अब अलग-अलग तीन दुकानें संचालित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में व्यापारी विवाद से बचना चाहता है, लेकिन तनाव की स्थिति बन जाती है।
वहीं अजय सोनी (अध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन) ने कहा कि चांदी के भाव दो लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से पुराने गिरवी पेटों को लेकर ग्राहक बड़ी संख्या में आ रहे हैं, जिससे सराफा बाजार में विवाद बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में मंडी गेट और सराफा बाजार के बीच पुलिस चौकी संचालित थी, जिससे स्थिति नियंत्रित रहती थी। उस पुलिस चौकी को पुनः शुरू किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
दूसरी ओर अजय सोनी (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, सराफा एसोसिएशन) ने कहा कि लगातार बढ़ते विवाद अब व्यापारियों की सुरक्षा का विषय बन चुके हैं। सराफा बाजार संवेदनशील क्षेत्र है, जहां बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं का लेन-देन होता है। ऐसे में स्थायी पुलिस चौकी और नियमित गश्त से ही व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा कायम रह सकता है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि सराफा बाजार क्षेत्र में पुलिस चौकी पुनः स्थापित की जाए, ताकि विवादों पर नियंत्रण के साथ-साथ व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




