
केर के पत्ते तहसीलदार और प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप कहा गईं” माय लॉर्ड ’ की इज़्ज़त? शासकीय जमीन पर अवैध धर्मशाला निर्माण मामले में आड़े के बावजूद नहीं हुई कार्यवाही , पीढ़ित बोला “न्याय की जगह मिली खामोशी”
मंदसौर । जिला मुख्यालय मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब दलौदा तहसील के ग्राम लाला खेड़ा निवासी पन्ना लाल सेन केर के पत्तों पर लिपट कर प्रशानिक सिस्टम पर विरोध जताने पहुंचा। यूके कहना था कि उसकी शासकीय जमीन पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ न केवल शिकायत किन बल्कि अपने निजी खर्च से तहसील न्यायालय से मुकदमा लड़कर आदेश भी प्राप्त कर लिया। फ़िर भी प्रशासन ने कुछ भी कार्यवाही नहीं की।
शिकायत का सा:
पीड़ित पन्ना लाल सेन ने जन सुनवाई में बताया कि ग्राम लाला खेड़ा सर्वे नम्बर 531’रकबा 3,02 हेक्टेयर पर शासकीय भूमि पर निजी संस्था पर द्वारा धर्मशाला का आवेश निर्माण किया गया। जिसे हटाया जाए और पंचायत के सुपुर्द किया जाए। लेकिन आदेश के 2 हफ्ते बाद भी अम्ल कार्यवाही शुरू नहीं हुई न हो अतिक्रमण हटाया गया। न ही संबंधित संस्था पर कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
प्रशासनिक ढुलमुल रवैया उजागर:
पीड़ित ने दस्तावेजों सहित बताया कि आदेश के बावजूद भी प्रशाशन की चुप्पी यह साबित करती है कि या तो संबंधित अधिकारी आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे है या फिर जानबूझकर संरक्षण में देरी कर रहे है।
कहा गईं माय’ लार्ड’ की इज्जत?
पन्ना लाल का सवाल था – की यदि न्यायालय के आदेश का पालन न हो तो फिर सामान्य नागरिक कहा जाए?” उसका यह प्रतीकात्मक विरोध इस बात a प्रतीक था कि अब वह खुद को नग्न और असहाय समझ रहा है। जन सुनवाई में अफसरों की घबराहट जैसे ही पन्ना लाल के की के पत्तो के लिपट कर कलेक्टोरेट पहुंचे। वह मौजूद पुलिस और अधिकारी सकते में आगय। हालांकि उसने सुनने को भरोसा दिय, लेकिन पीड़ित लेकिन पीड़ित का कहना ही की अब तक सुनवाई हो तो हो रही है’ कार्यवाही कब होगी?”
अब तक स्थिति
स्थान: ग्राम लाला खेड़ा, तहसील दलौदा, जिला मंदसौर
सर्वे नम्बर: 531 रकबा 3.02 हेक्टेयर
निर्माण: बिना अनुमति धर्मशाला निर्माण
आदेश: 26/6/2025 को तहसीलदार न्यायालय का आदेश– अतिक्रमण हटाए, पंचायत को सुपुर्द करे।
स्थिति: आदेश में बावजूद प्रशासन मौन
विरोध: फरियादी ने की के पत्ते को लिपटकर प्रतिमात्मक विरोध किया।
