
रेलवे के दोहरीकरण कार्य का दुष्परिणाम, सरपंच के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन
ढोढर (जावरा)।
ग्राम पंचायत ढोढर के चिकलाना फाटक की ओर रेलवे द्वारा किए जा रहे रतलाम–नीमच ब्रॉडगेज दोहरीकरण कार्य के चलते किसानों के खेतों तक जाने का वर्षों पुराना रास्ता बंद हो गया है। इससे क्षेत्र के दर्जनों किसान खेती कार्य के लिए खेतों तक पहुंच नहीं पा रहे हैं और लगातार परेशान हो रहे हैं।
किसानों ने बताया कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र से पटरी किनारे उनकी भूमि तक पहुंचने के लिए पूर्व में अधिग्रहित जमीन में से 4 मीटर चौड़ा शासकीय रास्ता निर्धारित था, जिससे वे वर्षों से अपने खेतों पर आना-जाना करते थे। दोहरीकरण कार्य के दौरान रेलवे द्वारा गोदाम निर्माण के नाम पर यह रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया।

किसानों का आरोप है कि रेलवे अधिकारियों ने पीछे की ओर भूमि अधिग्रहण कर 4 मीटर का वैकल्पिक रास्ता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उसी वैकल्पिक मार्ग को भी बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए जेसीबी से गड्ढे खोदकर बंद कर दिया गया। परिणामस्वरूप किसानों के खेतों तक पहुंच का कोई भी मार्ग शेष नहीं बचा।
सरपंच के नेतृत्व में ज्ञापन
मंगलवार को ग्राम पंचायत ढोढर के सरपंच जगदीश माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान एसडीएम कार्यालय जावरा पहुंचे और जनसुनवाई में अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान बद्रीलाल राठौर, ओमप्रकाश राठौर, लखन राठौर, ईश्वरलाल, नंदकिशोर, जीवनलाल, शांतिलाल और दीपक कुमावत सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
एसडीएम द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व निरीक्षक (आरआई) को मौके पर भेजा गया, लेकिन रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसके चलते स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है और किसान लगातार समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से खेतों तक पहुंच के लिए स्थायी और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती कार्य बाधित न हो।
तथ्य
स्थान : ग्राम पंचायत ढोढर, चिकलाना फाटक क्षेत्र
समस्या : खेतों तक जाने का शासकीय रास्ता बंद
कारण : रेलवे दोहरीकरण एवं गोदाम/बाउंड्री निर्माण
मांग : 4 मीटर चौड़ा वैकल्पिक स्थायी रास्ता
कार्रवाई : एसडीएम ने आरआई को भेजा, रेलवे अधिकारी गैरहाजिर




