संत चिन्मयानंदजी बापू झूलेलालजी के अवतार पर कथा करने का किया संकल्प सिन्धी समाज हमें स्वाभिमान से जीवन जीने की प्रेरणा देता है(latest news in hindi danik patallok mandsaur)

मन्दसौर। अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव की पवित्र पावन धार्मिक नगरी मंदसौर में रामकथा करने हेतु पधारे संत श्री चिन्मयानंदजी बापू महल पधारे ।और श्री झूलेलाल धाम में विराजित भगवान श्री झूलेलाल के दर्शन कर पूजा अर्चना कर द्वीप प्रज्जवलित किया। गोपाल महाराज ने बापू को तिलक लगाकर पूजा सम्पन्न करवाई।
इस आशय की जानकारी देते हुए श्री झूलेलाल सिन्धु महल समिति के सचिव पुरूषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया कि बापूजी ने भगवान श्री झूलेलालजी के दर्शन कर कहा कि भगवान की यह प्रतीमा अद्वितीय है और मुझे दर्शन से व सुन्दर मंदिर व सिन्धु महल में प्रवेश से ही सकारात्मक वातावरण की अनुभूति प्राप्त हो रही है।
आपश्री का श्री झूलेलाल सिन्धु महल परिवार के संयोजक दृष्टानंद नैनवानी, उपाध्यक्ष नन्दू आडवानी, सचिव पुरूषोत्तम शिवानी, कोषाध्यक्ष गिरीश भगतानी, संयुक्त सचिव दयाराम जैसवानी, सदस्य रमेश लवाणी, ब्रजलाल नैनवानी, वासुदेव सेवानी, ताराचन्द जैसवानी ने शाल, श्रीफल से सम्मानित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मोतियों की माला से बापू का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त करने वाले सिन्धी समाज के प्रमुख थे पूज्य सिन्धी जनरल पंचायत के अध्यक्ष राम कोटवानी, संयोजक मोहन रामचंदानी, पाताल लोक के संपादक ईश्वर रामचंदानी, प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष ब्रजेश जोशी, अनिल गुप्ता, सुंदर सेवानी, राजेश ज्ञानानी, राजेश चाहूजा, लक्ष्मण मेघनानी, भगवानदास वासवानी, प्रीतम खेमानी, पवन ज्ञानी, गिरधारीलाल पुर्सवानी, डॉ. कुशल शर्मा, अशोक खोतानी, ईश्वर सालोदु, अभिषेक सहित महिलाओं और बच्चों ने भी बापू के चरणों में वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शिवानी ने बताया कि सन्तश्री चिन्मयानंदजी बापू ने अपने मुखारविन्द से उपस्थित संगत पर अपनी अमृतमयी वर्षा में कहा कि जब मुगलों ने हिन्दू जाति पर आक्रमण किया तब भगवान श्री झूलेलाल वरूण अवतार हुआ और हिन्दूओं की रक्षा हुई। विभाजन की त्रासदी भोगने के बाद  शून्य से शिखर तक पहुंचने एवं अपने धर्म की रक्षा करने की अगर हमें प्रेरणा की आवश्यकता हो तो वह सिन्धी समाज में देखने को मिलती है। वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों को सिन्धी समाज से सीख लेना चाहिये।
मैंने भगवान श्री झूलेलालजी के अवतार को बहुत ही गहराई से अध्यन किया है और आज इस सुन्दर सिन्धु महल में अत्यन्त ही सुन्दर मंदिर में अप्रतिम भगवान श्री झूलेलाल की प्रतिमा के दर्शन से प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है और मुझे भगवान की प्रेरणा से संकल्प हुआ है कि एक कथा में भगवान श्री झूलेलाल के नाम से करूं।
आपके इस संकल्प पर सुन्दर प्रेरणादायक आशीर्वाद वचनों को श्रवण कर उपस्थित संगत ने अपने आपको धन्य महसूस किया।
अंत में बापू का एवं उपस्थित संगत का आभार प्रदर्शन  पूज्य सिन्धी भाई बंध पंचायत के अध्यक्ष वासुदेव सेवानी एवं सिन्धु महल के कोषाध्यक्ष गिरीश भगतानी ने प्रकट किया।
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