मातृशक्ति के त्याग और बलिदान से ही देश के शहीद जवानों में उत्साह का संचार हुआ है- राष्ट्रसंत कमलमुनि( latest news in hindi danik patallok mandsaur )    


      मंदसौर। मातृशक्ति ने देश की आजादी में मील का पत्थर बनकर समर्पित भाव से योगदान दिया है, इसको अनदेखा करना शहीदों का अपमान करने के समान है। उक्तविचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गांधी चौराहे पर मातृशक्ति द्वारा आयोजित तिरंगा समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संतश्री ने  कहा कि मातृशक्ति के त्याग और बलिदान से ही देश के शहीद जवानों में उत्साह का संचार हुआ है।
कितनी माताओं के सुहाग का सिंदूर धरती माता के लिए उजड़ा। कोख सुनी हुई उनके कलेजे के टुकड़े क़ुर्बान हुए तब हमें देश को आजादी मिली।
      राष्ट्रसंत ने कहा कि माता बहने ममता का त्याग नहीं करती तो देश के परवाने घर से निकल कर अपनी भूमिका नहीं निभा पाते। हर सफलता के पीछे नारी का योगदान ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण होता है।
संतश्री ने कहा कि ग्रंथों में लिखा है मां के चरणों में जन्नत है। जन्म देने वाली मां से भी धरती मा अनंत गुना महान है। जिसे मां को मां कहने में शर्म आती वह कपूत हैं।
       इस मौक़े पर शहर काजी आसिफ उल्ला खा ने कहा कि वतन प्राणों से प्यारा है। इसकी रक्षा के लिए हर प्रकार की कुर्बानी के लिए तैयार रहेंगे।
  यहाँ तहसीलदार मुकेश सोनी, रविंद्र पांडे, रवि प्रताप बुंदेला, प्रकाश सिसोदिया, कमल कोठारी, विनोद मेहता, अजीत खटोड़, संजय पोरवाल, राजेश जैन एडवोकेट, नरेंद्र अग्रवाल, नरेंद्र मेहता विशेष रूप से उपस्थित थे। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा की अनीता जैन, शीला जैन, वीणा जैन, दिव्या खटोड़, साधना खाबिया सहित मातृशक्ति ने तिरंगा लहराय