भू-माफिया की गिरफ्त में रजिस्ट्रार कार्यालय निजी और सरकारी जमीनों की हो गई रजिस्ट्री


मंदसौर। जिले में 8 लेन मेलखेड़ा के पास निकला है वहां की निजी और सरकारी जमीन है राजस्व विभाग और पंजीयन कार्यालय के भ्रष्टाचार की भेंट चल रही है। पटवारी और पंजीयक कार्यालय के साथ ही तहसीलदार और एसडीएम भी बहती गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।
मामला 8 लेन के समीप स्थित ग्राम मेल खेड़ा तहसील शामगढ़ का है जहां पर स्थित पटवारी हल्का नंबर 24 की भूमि सर्वे क्रमांक 539 का कपटपूर्वक रिकॉर्ड तैयार कर विक्रय कर आवेदक कैलाशचंद्र एवम मोहनलाल पिता बद्रीलाल मुजावदिया ने कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, थाने में भी आवेदन दिया है किंतु भू-माफिया की गठजोड़ शासकीय विभागों में इतनी तगड़ी है कि कोई भी कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
प्रकरण के अनुसार मेल खेड़ा की भूमि क्रमांक 539 जिससे पटवारी ने अन्य व्यक्ति की बताकर और साथ ही सरकारी भूमि को भी उसमें सम्मिलित कर दूसरों को बेच दी और हद तो तब हो गई जब पटवारी और पंजीयन कार्यालय की मिलीभगत से उसकी रजिस्ट्री भी हो गई और इसके साथ ही तहसीलदार ने सब नियम कानून कायदों को बलाए ताक रखकर क्रेता के पक्ष में भूमि हस्तांतरण भी हो गई।

यहां तक तो ठीक था किंतु उक्त भूमिका लैंड यूज भी बदल दिया गया और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गरोठ द्वारा उक्त भूमि का डायवर्सन भी कर दिया गया।

इससे यह सिद्ध हो रहा है कि एक बहुत बड़ा भू-माफिया गरोठ शामगढ़ में भूमि जमीन की जमीनों की खरीदी बिक्री में करोड़ों के न्यारे गारे कर रहा है और इन सब में राजस्व विभाग भी पूरी की पूरी टीम भृष्टाचार की गंगोत्री में गोते लगा रही है।

ग्राम मेलखेड़ा चौपाटी के पास आठ लेन का भारत माला प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा मुंबई दिल्ली को जोडऩे वाला रोड गुजर रहा है तो इसके आसपास की जमीन जो कल तक कौडिय़ों के भाव की थी वह करोड़ों में बिक रही है यही कारण में आए दिन सामने आ रहे हैं किंतु भू-माफियाओं और अधिकारियों की इस गठजोड़ को कलेक्टर तोड़ नहीं पा रहे हैं।

अगर यहां की विगत 3 या 5 वर्ष की भूमि नामांतरण, विक्रय और डायवर्सन प्रकरणों की जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे।