बिना लाइब्रेरियन के संचालित हो रहे हैं, मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों के पुस्तकालय*(latest news in hindi danik patallok mandsaur)

देश इस समय आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है दूसरी तरफ आज भी मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई हैं। लाइब्रेरी प्रोफेशनल एसोसिएशन,मध्यप्रदेश काफ़ी समय से सरकार के मंत्रियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से स्वयं मिलकर एवं ईमेल,ट्विटर आदि के माध्यम से पुस्तकालयों के विकास एवं भर्ती से सम्बंधित मांग लगातार कर रहा है।

  भारत के 19 राज्यों में पुस्तकालय अधिनियम पारित किया जा चुका है, यहाँ तक कि मध्यप्रदेश से अलग होकर नए राज्य छत्तीसगढ़ में भी 2009 में पुस्तकालय अधिनियम लागू हो चुका है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के सभी पड़ोसी राज्य राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, एवं बिहार में भी पुस्तकालय अधिनियम लागू हो चुका है एवं इन राज्यों में नियमित अंतराल पर पुस्तकालयों में लाइब्रेरियन की भर्ती की जा रही है। मध्यप्रदेश में भी जल्द पुस्तकालय अधिनियम पारित किया जाना चाहिए जिससे मध्यप्रदेश के पुस्तकालय का विकास संभव हो सके।

     एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राजपूत के नेतृत्व में एसोसिएशन के सदस्यों एवं अन्य बेरोजगार युवाओं द्वारा मुख्यमंत्री के सचिव एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के सचिव से भोपाल में 2 माह पूर्व इन सभी मुद्दों को लेकर मुलाकात की थी ,जिसमे उन्होंने जल्द भर्ती करने का आश्वासन दिया था लेकिन इतना समय हो जाने पर भी कोई उचित कदम नही उठाया गया है,इन मुद्दों को लेकर सरकार को एक बार ओर एसोसिएशन ने लेटर लिखा है जिसमें विभिन्न मांग की गई है:-

1. मध्यप्रदेश के समस्त शासकीय विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन) की सीधी भर्ती की जाए।

2.मध्यप्रदेश में बनाएं जा रहे सीएम राइज विद्यालयों में लाइब्रेरियन के पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएं। ताकि उच्च शिक्षित डिग्रीधारी लाइब्रेरियन विद्यालयों को मिल पाए।

3.मध्यप्रदेश में पुस्तकालय अधिनियम पारित किया जाए,जिससे पुस्तकालय का विकास संभव हो पाए।

4. प्रदेश के समस्त जिलों में सार्वजनिक पुस्तकालयों के विकास के लिए उचित कदम उठाएं जाए एवं रिक्त पड़े लाइब्रेरियन के पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाए।

मध्यप्रदेश के सभी विद्यालयों में लाइब्रेरियन के पद रिक्त चल रहें है, एसोसिएशन लगातार सरकार से इन सभी पदों एवं सभी विद्यालयों में लाइब्रेरियन के पद स्वीकृत करके भर्ती करने की मांग लगातार कर रहा है, उम्मीद है कि इस वर्ष 1लाख भर्ती जो सरकार करने जा रही है उसमें लाइब्रेरियन की भर्ती भी की जाएगी।

लाइब्रेरी प्रोफेशनल एसोसिएशन,मध्यप्रदेश

देश के 19 राज्यों में पुस्तकालय अधिनियम लागू है, मध्यप्रदेश से निकलकर छत्तीसगढ़ राज्य अलग हुआ है उसमें भी 2009 में अधिनियम लागू हो चुका है लेकिन मध्यप्रदेश में अभी तक सरकार के द्वारा इस पर कोई विचार नही किया जा रहा है,जिससे पुस्तकालयों का विकास नही हो पा रहा है।मध्यप्रदेश में भी सरकार द्वारा जल्द पुस्तकालय अधिनियम लागू किया जाना चाहिए।