पिस्टल लेकर अफीम की तस्करी करने वालें को 10 वर्ष का सश्रम कारावास (latest news in hindi danik patallok mandsaur)

नीमच। श्रीमान अरविन्द दरिया, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) नीमच के द्वारा पिस्टल लेकर 10 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी करने वाले आरोपी विजय पिता भगवतीलाल शर्मा, आयु-36 वर्ष, निवासी-ग्राम शेरपुरा, थाना पिपलौदा, जिला रतलाम को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8/18(बी) के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000रू. अर्थदण्ड तथा धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत 3 वर्ष के सश्रम कारावास व 10,000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले लोक अभियोजक श्री चंचल बाहेती द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 7 वर्ष पूर्व दिनांक 28.08.2015 को 11ः45 बजे थाना जीरन क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले मन्दसौर-नीमच स्थित हर्कीयाखाल सांदा की हैं। पुलिस थाना जीरन में पदस्थ एस.आई. आर. के. व्यास को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई कि एक मोटरसायकल पर तीन व्यक्ति अफीम को राजस्थान के किसी तस्कर को देने जाने वाले हैं। मुखबिर सूचना के आधार पर उनके द्वारा फोर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पँहुचकर घेराबंदी की गई जहां उन्हें तीन व्यक्ति मोटरसायकल पर आते हुवे दिखाई दिये, जिनको रोका तथा मोटरसायकल चलाने वाले व्यक्ति हरपालसिंह राजपूत के पास से कुछ नहीं मिला, बीच में बैठे व्यक्ति लाखनसिंह राजपूत से 2 किलो 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम मिली तथा सबसे पीछे बैठे व्यक्ति विजय शर्मा के हाथ में एक पॉलीथीन में 7 किलो 800 ग्राम अवैध मादक पदाथ अफीम मिली व उसकी पैंट में एक पिस्टल 5 जिन्दा कारतुस सहित मिली। मौके से अफीम, पिस्टल व मोटरसायकल को जप्त कर व आरोपीगण को गिरफ्तार करके उनके विरूद्ध पुलिस थाना जीरन में अपराध क्रमांक 192/2015, धारा 8/18(बी) एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 व धारा 25 आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर, शेष आवश्यक विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान दो आरोपीगण हरपालसिंह व लाखनसिंह के फरार हो जाने से आरोपी विजय शर्मा के विरूद्ध विचारण जारी रहा