खेत के विवाद के कारण महिला को अश्लील गालियाँ देते हुवे मारपीट करने वाली दो महिलाओं को 3-3 माह का कारावास(latest news in hindi danik patallok mandsaur)

खेत के विवाद के कारण महिला को अश्लील गालियाँ देते हुवे मारपीट करने वाली दो महिलाओं को 3-3 माह का कारावास।

मनासा। श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा खेत विवाद के कारण महिला को अश्लील गालियाँ देते हुवे लकड़ी से मारपीट करने वाली दो महिलाओं (1) केशरबाई पति रामलाल कीर, उम्र-70 वर्ष व (2) देऊबाई पति कारूलाल कीर, उम्र-51 वर्ष, निवासी-ग्राम आंत्रीबुजुर्ग, तहसील-मनासा, जिला नीमच को धारा 323/34, 294 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 अंतर्गत 03-03 माह के कारावास व कुल 600-600रू जुर्माने से दण्डित किया।

श्री अरविन्द सिंह थापक, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 7 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 30.07.2015 दोपहर के 1 बजे थाना मनासा क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आंत्रीमाता स्थित फरियादीया हीराबाई के खेत की हैं। घटना दिनांक को फरियादीया उसके खेत पर निंदाई कर रही थी, तभी दोनो आरोपी महिलायें जो फरियादीया के खेत पर कब्जा भी करना चाहती हैं, उन्होंने फरियादीया के खेत में गाय-भैस को घुंसा दिये। फरियादीया जब गाय-भैसों को उसके खेत से भगाने लगी तो दोनो आरोपीयाओं ने उसको अश्लील गाँलीया देते हुवे उसके साथ लकड़ी से मारपीट करी, जिस कारण वह चिल्लाने लगी तो उसका पति गोपाल व खेत के पड़ोसी लाला ने आकर बीच-बचाव किया। फरियादीया द्वारा घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना मनासा में की गई, जिस पर से अपराध क्रमांक 449/2015, धारा 323/34, 294 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। विवेचना के दौरान फरियादीया का मेडिकल कराये जाने के बाद व चश्मदीद साक्षीगण के बयान लेकर शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 

श्री अरविन्द सिंह थापक, एडीपीओ द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण के दौरान फरियादीया व चश्मदीद साक्षीगण सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान करवा कर दोनो आरोपी महिलाओं द्वारा फरियादीया को गाँलीया देकर मारपीट किये जाने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुए उन्हें कठोर दण्ड से दण्डित किए जाने का निवेदन किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा दोनो आरोपी महिला को धारा 323/34 व 294 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 अंतर्गत 03-03 माह के कारावास व कुल 600-600रू जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री अरविन्द सिंह थापक, एडीपीओ द्वारा की गई।