कम हो रहे हैं लाड़ा लाड़ी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में,पिछली बार सिर्फ 56 हुवे कन्यादान (failing scheme of shivraj government news update )

मंदसौर। मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह या निकाह योजना की शुरुआत जिस तरह से हुई थी। उसी तरह से अब इस योजना से लोग दूरी बना रहे हैं। सरकारी बाराती और सरकारी मंडप लोगों को पसंद नहीं आ रहा। जहां 2013-14 में यह आंकड़ा 487 विवाह पर था। वहीं अब पिछली बार यह आकड़ा सिर्फ 56 पर पहुंच गया। मतलब 56 जोड़े इस योजना में परिणय सूत्र में बंधे। नगद राशि से लेकर उपहार और विवाह आयोजन की तमाम व्यवस्था भी सरकारी फिर भी इससे हर कोई दूरी बना रहा है। शहर हो या गांव कही पर भी अब इसमें इतने जोड़ों के पंजीयन नहीं हो पा रहे है।

सात साल में घटते गए आंकड़े

वर्ष 2006 से सरकारी ने यह योजना निर्धन व निराश्रित परिवारों के लिए लागू की। शुरुआत सालों में तो सरकारी मंडप में कई जोड़ों की शादियां हुई। लेकिन बाद में कई विसंगतियों के कारण इससे लोगों ने दूरी बना ली। वर्ष 2018 के चुनावी दौर में कन्यादान योजना भी बड़ा मुद्दा था और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी हुई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना में पिछले सात साल के आंकड़ों को देखे तो इसमें साल दर साल आंकड़े घटते चले गए। जिले में 2013-14 में जहां 487 की सरकारी मंडप में शादी हुई थी तो 2014-15 में 454, 2015-16 में 167, 2016-17 में 82, 2017-18 में मात्र 25, 2018-19 में 84, 2019-20 में 56 नवयुगल की शादी योजना में हुई थी। शासन-प्रशासन के तमाम प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन के बाद भी आम लोगों ने इससे दूरी बनाई है। साल दर साल सरकार की इस योजनाओं से लोगों की दूर बनाते हुए अपने स्तर से विवाह के आयोजनों को संपन्न किया।

दो साल कोविड के कारण नहीं हुए, इस बार होंगे

वर्ष 2020 में मार्च माह में कोविड आया। इसके कारण दो साल तक मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना बंद रही। दो साल में इस योजना में जिले में एक भी विवाह या निकाह नहीं हुआ। शासन ने वर्ष 2022-23 के लिए फिर से इस योजना की शुरुआत की है। सामाजिक न्याय विभाग ने भी जिले की सभी निकायों व जनपदों को कन्या विवाह-निकाह योजना के लिए लक्ष्य दिए है। ऐसे में दो साल बाद इस योजना में जिले में विवाह होंगे।

5 जोड़ों से कम स्थिति में नहीं होगा सम्मेलन

कन्यादान विवाह योजना को संशोधित कर नए आदेश के साथ इस साल जारी किया गया है। इसमें 5 जोड़ों से कम की स्थिति में सामूहिक विवाह सम्मेलन योजना के तहत नहीं हो सकेगा। इसमें 55 हजार रुपए की राशि प्रति कन्या पर दी जाएगी। इसमें वधु को 11 हजार रुपए की नगद राशि उसके बैंक खाते में तो 38 हजार रुपए के उपहार दिए जाएंगे तो वहीं 6 हजार रुपए आयोजन के लिए प्रति कन्या के मान से योजना में दिए जाएंगे।

फैक्ट फाइल

वर्षजोड़ेकन्या विवाहकन्या निकाह
2013-144874870
2014-20154544540
2015-161671670
2016-17825428
2017-18251213
2018-19844143
2019-20563521