एटीएम में की थी तोडफ़ोड़, तीन साल की सजारुपए नहीं निकले तो स्क्रीन पर मुक्का मार तोड़ दिया

मंदसौर। एटीएम में तोडफ़ोड़ करने वाले योगेश पिता राजूलाल गेहलोत निवासी नयापुरा रोड को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीमच ने तीन साल की सजा सुनाई है। रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना 5 वर्ष पूर्व की होकर 29 नवंबर 2017 को दोपहर के लगभग 4 बजे की कमल चैक, टैगोर मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम कक्ष की हैं। आरोपी योगेश गेहलोत व दिपेश पंवार दोनो ए.टी.एम. कक्ष में रूपये निकालने के लिए गये थे, किन्तु मशीन में से रूपये नहीं निकलने के कारण आरोपी योगेश ने मशीन की स्क्रीन पर मुक्का मारकर उसे क्षतीग्रस्त कर दिया। आरोपीयों को ऐसा करते हुए चपरासी विकास ने देख लिया जिस कारण उसने कक्ष का दरवाजा बंद करके मैनेजर विनोद धाकड़ को घटना की सूचना दी, जिसके पश्चात् मैनेजर द्वारा पुलिस को बुलाया गया तथा पुलिस द्वारा दोनो आरोपीयों को थाना नीमच केंट पर ले जाकर केस दर्ज कराया। प्रकरण की विवेचना ए.एस.आई. कन्हैयालाल सौलंकी द्वारा की गई, जिनके द्वारा ए.टी.एम. मशीन में हुए लगभग 1 लाख रूपये के नुकसान के संबंध में नुकसानी पंचनामा बनाया गया तथा ए.टी.एम. कक्ष के सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त कर शेष आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान एक आरोपी दिपेश पंवार की मृत्यु हो जाने से आरोपी योगेश के विरूद्ध विचारण हुवा। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी व चश्मदीद साक्षीगण सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराये गये तथा घटना की सीसीटीवी फुटेज को न्यायालय के समक्ष चलाया गया, जिसमें आरोपी मुक्का मारकर ए.टी.एम. की स्क्रीन को तोड़ते हुए दिखाई दे रहा था। अभिलेख पर आई साक्ष्य के आधार पर अभियोजन द्वारा अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। न्यायालय ने आरोपी को तीन साल की सजा और एक हजार जुर्माना की सजा से दंडित किया है। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी रितेश कुमार सोमपुरा, एडीपीओ द्वारा की गई।