उपाध्याय श्री डॉक्टर गोत्तम मुनि जी की सदप्रेरणा से..जिला जेल में कैदियों को देश दुनिया और रचनात्मकता से जोड़ने के लिए एलईडी सेट वितरण किया गया (patallok mandsaur news update )

जेल का नाम बदल कर सुधार गृह होना चाहिये- राष्ट्र सन्त
कमल मुनि कमलेश

यहां जन भागीदारी के साथ मन भागीदारी भी बहुत है ..विधायक सिसोदिया

यहां निरुद्ध सभी लोग आवश्यक नहीं है कि दोषी ही हों कलेक्टर सिंह

पुलिस का कार्य समाज की व्यवस्था में संतुलन स्थापित करना है ..कप्तान सुजानिया

विधायक व डीजी जेल की मौजूदगी में मारू परिवार द्वारा जिला जेल में एलईडी टीवी सेट भेंट किया गया

मंदसौर। पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री आगम दाता गोत्तम मिनी जी महाराज की प्रेरणा से आज लक्ष्मीलाल सूरज बाई परमार्थिक ट्रस्ट एवम् सर्व जन हिताय गुरु गोतम मुनि पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा बंद कैदियों के मनोरंजन व देश दुनिया व रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप सेवा संस्थान की अगुआई में प्रदेश की जेलों में एलईडी टीवी सेट भेंट करने के सेवा प्रकल्प का संकल्प लिया गया है। जिसकी पहली कड़ी के रूप में उज्जैन संभाग की पहली जिला जेल मंदसौर में राष्ट्रसंत पूज्य श्री कमल मुनि कमलेश के सानिध्य में टेस्ला कम्पनी का एलईडी टीवी सेट भेंट किया गया। जिला जेल परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया एवं डीजी जेल मध्यप्रदेश शासन अरविंद कुमार मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला कलेक्टर गौतम सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया भी विशेष अतिथि के रुप में सम्मिलित हुए। ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक मारू संस्थापक ऋषभ मारु भी मंचासीन थे।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि जो लोग किन्हीं कारणों से जेल में बंद रहते हैं उनमें से 40% लोग निर्दोष होते हैं और 90% विचाराधीन होते हैं तो ऐसे में इन्हें कैदी या बंदी कहने के इन्हें प्रेमी कहना चाहिए। जब तक अपराध साबित नहीं हो जाता तब तक किसी को भी कैदी कहना मानवाधिकार के भी विरुद्ध है आपने कहा कि हमने पूरे देश में 80 हजार किलोमीटर यात्रा की है और 35 जेलों में जाकर वहां निरुद्ध प्रेमी बंधुओं से चर्चा की है। उन्हें समाज की मुख्य धारा में आने को प्रेरित किया। इस स्थान को जेल ना कहते हुए सुधार ग्रह कहना चाहिए। व्यवस्था नियंताओं को यह सोचना चाहिए जिन लोगों को किसी आरोप में 4 से 5 साल तक जेल में निरुद्ध रखा गया यदि वह दोषमुक्त हो जाते हैं तो जेल में बिताए उनकी सजा के वे दिन उन्हें कैसे लौटाए जा सकते हैं।आपने कहा कि संतों का यह दायित्व है कि वह सामाज में जा कर लोगों की पीड़ा में उनका ढांढस बंधाएं उनके आंसू पोंछें।
विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा किया मंदसौर क्षेत्र की तासीर है कि यहां जन भागीदारी के साथ मन भागीदारी भी बहुत है। उन्होंने कहा कि मैं समय-समय पर प्रदेश की जेलों की समस्या विधानसभा में उठाता हूं। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी डीजी जेल का ध्यान आकर्षित किया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को गमी या किसी शुभ कार्य के लिए पैरोल पर छोड़ने की प्रक्रिया बहुत लंबी हो जाती है उन्हें उसी दिन पैरोल पर भेजना चाहिए प्रायः देखा जाता है कि किसी बन्दी के किसी परिजन की मृत्यु होने के 12 या 15 दिन बाद उसे छोड़ा जाता है ऐसा नहीं होना चाहिए।
डीजी जेल अरविंद कुमार ने कहा कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की सुविधा के लिए सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास कर रही है आपने कहा कि पूज्य संत श्री ने जेल को जो सुधार गृह कहने की जो बात कही है इसे प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने मारु परिवार के गुरु गोत्तम व लक्ष्मीलाल सूरजबाई मारू परमार्थिक ट्रस्ट सेवा संस्थान की इस सेवा गतिविधि की सराहना की और कहा कि
उज्जैन संभाग में मंदसौर की जिला जेल से यह सेवा शुरू की गई है जो आवश्यकतानुसार पूरे प्रदेश में की जाएगी।
कलेक्टर गौतम सिंह ने कहा कि जेल वास्तव में एक सुधार गृह है यह यातना गृह नहीं होता। यहां निरुद्ध सभी लोग आवश्यक नहीं है कि दोषी ही हों अनेक निर्दोष होते हैं, हमारी भावनाएं इनके प्रति संवेदनशील होनी चाहिए।
उन्होंने मारू परिवार की इस सेवा गतिविधि की प्रशंसा की।
जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सजानिया ने कहा कि पुलिस किसी की दुश्मन नहीं होती वह भी समाज का एक हिस्सा है पुलिस का कार्य समाज की व्यवस्था में संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने यहां प्रस्तुत सेवा गतिविधि को प्रेरणादायी बताया।
आरंभ में स्वागत उद्बोधन देते हुए मनीष मारू ने श्री लक्ष्मी लाल सूरज भाई परमार्थिक ट्रस्ट और श्री जैन दिवाकर गुरु प्रताप सेवा संस्थान की सेवा गतिविधियों से अवगत कराया और कहा कि विगत दिनों डीजे अरविंद कुमार से उनकी मुलाकात में जब उन्होंने जेल में आवश्यकतानुसार सेवा प्रकल्प की पहल की तो उन्हीं की प्रेरणा से यह एलईडी टीवी सेट भेंट करने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार उज्जैन संभाग व प्रदेश के अन्य जिलों में भी एलईडी टीवी सेट भेंट किये जाएंगे।
आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ किया पूज्य संत श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया अतिथियों का स्वागत संस्थान के अध्यक्ष मनीष मारु उपाध्यक्ष अशोक झेलावत, कोषाध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी, आशीष उकावत, डॉ योगेंद्र कोठारी व जेलर पीके सिंह ने किया।
मंदसौर जिला जेल व रतलाम जिला जेल के लिए एलईडी टीवी सेट मंच पर जेलर द्वय पीके सिंह मन्दसौर व लक्ष्मणसिंह भदोरिया रतलाम को भेंट किये। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने किया आभार जिला जेल के जेलर पीके सिंह ने माना