असंभव को संभव बनाने वाले महानायक श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन 17 सितम्बर पर विशेष

-जगदीश देवड़ा (लेखक मध्यप्रदेश शासन में वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी मंत्री हैं।)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज जब अपने यशस्वी जीवन के 73वें वर्ष में प्रवेश कर रहे
हैं उनके यश में कुछ कहना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। फिर भी उनके अनुपम और
आदर्श व्यक्तित्व और कृतित्व के विषय में अपने विचारों को अभिव्यक्ति किए बिना रह पाना
भी संभव नहीं है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के विराट व्यक्तित्व की अनूठी विशेषताओं और उनकी
विलक्षण उपलब्धियों को शब्दों में बांधना मुश्किल है। उनकी यशस्वी जीवन यात्रा त्याग,
तपस्या और संघर्ष की कहानी है। उनके दृढ़ संकल्प, जनसेवा की भावना, कर्तव्यों के प्रति
समर्पण और करिश्माई व्यक्तित्व की लोकप्रियता ने उन्हें भारत की 130 करोड़ जनता का
महानायक बना दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय पहचान

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री श्री मोदी की राय अब इतनी महत्वपूर्ण मानी जाती है
कि टाइम और फोर्ब्स सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों ने उन्हें विश्व की सबसे ताकतवर
हस्तियों की सूची में शामिल कर सम्मानित किया है। कई देशों की सरकारों ने प्रधानमंत्री श्री
मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण
पुरस्कार “चैंपियन आप द अर्थ” से सम्मानित किया जा चुका है । प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले
कार्यकाल में प्रारंभ स्वच्छ भारत अभियान से प्रभावित होकर बिल गेट्स फाउंडेशन ने उन्हें
ग्लोबल गोलकीपर पुरस्कार से नवाजा था।
अंतरराष्ट्रीय जगत के प्रतिष्ठित संस्थानों ने भले ही श्री मोदी को विश्व की सबसे
ताकतवर हस्तियों में शुमार किया हो लेकिन उनकी ताकत का स्रोत सत्ता नहीं है बल्कि जनता
का वह अटूट विश्वास और अपार स्नेह है। सबको साथ लेकर सबके विकास की भावना से
निस्वार्थ जनसेवा करते हुए उन्होने अपार स्नेह अर्जित किया है।
देश की राजधानी में स्थित राजपथ का नाम कर्तव्य पथ रखकर उन्होंने यह साबित कर
दिया है कि वे राजपथ के यात्री नहीं है। सत्ता के शिखर पर आसीन रहते हुए भी उन्होंने हमेशा
निष्ठापूर्वक कर्तव्य पालन को ही प्रधानता दी। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब एक राष्ट्रीय
सर्वेक्षण के आधार पर उन्हें देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित किया गया था । आज जब वे देश

के प्रधानमंत्री पद पर आसीन हैं उनका सहज-सरल व्यक्तित्व यह सिद्ध करता है कि वे सत्ता के
अहंकार से शून्य है।
जनता के हृदय सम्राट श्री नरेन्द्र मोदी का हृदय समाज के सर्वहारा वर्ग के लिए गहन
संवेदना से ओत-प्रोत है परंतु राष्ट्र की प्रगति में बाधक और राष्ट्र की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने
के कुत्सित प्रयास करने वाले तत्वों के लिए कठोर हैं। समय-समय पर समाज और राष्ट्र के
व्यापक हित में उन्होने चौंकाने वाले फैसले लिये जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे।
उनकी कार्यशैली पूर्व प्रधानमंत्रियों से अलग है। वे दृढ़ निश्चय के साथ अपने मंतव्य को अकाट्य
तर्कों के साथ वजनदारी से पेश करने की कला में पारंगत हैं ।
पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में जो ऐतिहासिक उपलब्धियां श्री मोदी ने हासिल की हैं वे
किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर युगांतरकारी ‌ फैसलों ने
आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कोरोना काल में प्रारंभ आत्मनिर्भर भारत अभियान ने बड़े-बड़े देशों को हतप्रभ कर दिया है।

करिश्माई लोकप्रियता

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग 12वर्षों तक लोकप्रियता के
शिखर पर आसीन रहने के पश्चात् जब 2013 में राष्ट्रीय राजनीति में पदार्पण किया । तब से
आज तक उनकी करिश्माई लोकप्रियता को चुनौती देने का साहस कोई विरोधी दल नहीं जुटा
पाया। उनकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ते जा रही है। जब श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की
शपथ ली उस शुभ घड़ी में स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के लेखन का
सिलसिला भी प्रारंभ हुआ। इस स्वर्णिम अध्याय का प्रभाव इतना व्यापक हुआ कि न केवल देश
के विरोधी दल बल्कि समृद्ध और शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी आश्चर्य चकित रह गए।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज और विचारों को अनसुना कर देने का सिलसिला अब
थम गया । महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों श्री मोदी की राय अहम मानी जाती है।

साहसिक निर्णय

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए प्रत्येक वर्ष 21 जून
को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक
ओबामा ने कहा था कि’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन स्पष्ट है। उनके अंदर की ऊर्जा से मैं
प्रभावित हूं। वे विकास के रास्ते में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने में दिलचस्पी लेते
हैं। वे कड़े फैसले लेने वाले नेता हैं।’ विश्व के प्रमुख प्रगतिशील राष्ट्रों के शासनाध्यक्षों ने भी
प्रधानमंत्री मोदी के बारे में इसी तरह के विचार व्यक्त किए हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जो महत्वपूर्ण फैसले किए हैं वे इतिहास में
स्वर्णाक्षरों में अंकित किए जाने योग्य हैं । तीन ऐतिहासिक फैसलों के बारे में निश्चित रूप से
यह कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी असंभव को संभव बनाने की सामर्थ्य के
धनी हैं। भारतीय संविधान में जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले प्रावधान का
निष्प्रभावीकरण, मुस्लिम महिलाओं को नारकीय जीवन जीने के विवश करने वाली तीन तलाक़
की कुप्रथा की समाप्ति और अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का शिलान्यास का
श्रेय । ये तीन ऐतिहासिक कदम केंद्र सरकार सिर्फ श्री मोदी के शक्तिशाली नेतृत्व के कारण
उठा सकी। इसीलिए आज हर भारतवासी को विश्वास है कि ” मोदी हैं तो मुमकिन है”।