अल्टो कार में डोडाचूरा की तस्करी करनें वाले 2 आरोपीयों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास।(latest news update by danik patallok )

जावद। अनुज कुमार मित्तल, विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) जावद के द्वारा मारूती अल्टो कार में 166 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी करने वाले आरोपीगण (1) फकीरचंद पिता हीरालाल रावत मीणा, उम्र-52 वर्ष व (2) दशरथ पिता वजेराम पाटीदार, उम्र-52 वर्ष, दोनो निवासी-ग्राम धामनिया, जिला नीमच (म.प्र.) को एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 की धारा 8सी/15(सी) के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000-1,00,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक अरविन्द शर्मा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 6 वर्ष पूर्व दिनांक 19.12.2016 की प्रातः के लगभग 4 बजे थाना जावद क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले लासूर-धामनिया मार्ग स्थित मोरवन तिराहा की हैं। सरवानिया महाराज पुलिस चैकी में पदस्थ ए.एस.आई. रमेश डामोर को मुखबीर सूचना प्राप्त हुई की आरोपीगण सफेद रंग की मारूती अल्टो कार से डोडाचूरा को राजस्थान के किसी तस्कर को देने जाने वाले हैं। मुखबिर सूचना के आधार पर उनके द्वारा फोर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पँहुचकर घेराबंदी की गई जहां उन्हें सफेद रंग की अल्टो कार आती हुई दिखाई दी, जिसमें से एक आरोपी दशरथ पुलिस को देखकर मौके से भागने में सफल हो गया तथा फोर्स द्वारा गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी लिये जाने पर पीछली सीट पर प्लास्टीक के 8 कट्टों में 166 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा रखा हुवा था। मौके से डोडाचूरा व कार को जप्त कर व आरोपी फकीरचंद को गिरफ्तार करके उनके विरूद्ध पुलिस थाना जावद में अपराध क्रमांक 414/2016, धारा 8सी/15(सी) एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। इसके पश्चात् विवेचना के दौरान फरार आरोपी दशरथ को गिरफ्तार कर आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय, जावद में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुवे आरोपीगण द्वारा अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा वर्तमान समाज विशेषकर युवाओं में फैल रही नशे की प्रवृत्ति देखते हुवे आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।