NEWS :

90 करोड़ का लोकतंत्र जिंदाबाद

सात चरणों के लम्बे और ऐतिहासिक चुनाव का आखरी चरण आज है, विभिन्न राज्यों की 59 सीटों के लिए होने वाले मतदान के साथ 17वीं लोकसभा की संसद का भविष्य इवीएम में कैद हो जाएगा और फिर 23 मई को नतीजे तय करेंगे की आने वाली 15 अगस्त को लाल किले से तिरंगे की डोर कौन खींचेगा।
हमें गर्व होना चाहिए कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा है जिसमें 90 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाता है, हमें गर्व होना चाहिए कि हमें वो अधिकार प्राप्त है जो फकीर को बादशाह और महाराजाओं को फुटपाथियां बनाने की ताकत रखता है, लेकिन अफसोसनाक पहलू यह है कि आम तौर पर हमारे यहां चुनावों में मत प्रतिशत अच्छा नहीं रहता, परसेन्ट तब बढ़ता है जब कोई बड़ी लहर सत्ता के खिलाफ या उसके पक्ष में हो चुनाव आयोग मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लाख जतन करें लेकिन पिछले 6 चरणों में एक दो राज्यों को छोड़ मतदाता घरों से उतने बाहर नहीं निकले जितने निकलना चाहिए, हम चौराहों पर चौपाल पर सरकार को बरसों से गालियां देते आ रहे है और कोसते आ रहे है सोचते आ रहे है कि सरकार ने ये क्यों किया या ये क्यों नहीं किया और जब सरकार बनाने का मौका हमारे हाथ आता है तो हम चद्दर ओढ़कर सो जाते है, छोटे-छोटे बहाने हमें लोकतंत्र के इस महायज्ञ में आहुति डालने से रोक देते है। यदि हम मतदान नहीं करते तो हम सरकार से किसी भी तरह की सुविधा पाने का हक और उसकी आलोचना का हक भी गंवा देते है। याद रखिए हमारी बादशाहत एक दिन की है एक पल की है इसे गंवाइये मत हम वो शहंशाह है जो सिर्फ एक दिन हुकूमत करता है और 5 साल कोड़े खाता है, यदि हम अपना शासक बुद्धिमानी से नहीं चुनते तो हमें न सिर्फ खुद को बल्कि देश को भी गड्ढे में डालने का पाप करते है। इसलिए आइए इस मौके को छोड़े नहीं, बेचे नहीं गंवाएं नहीं। बगैर किसी भय पक्षपात और लालच के बूथ तक पहुंचे पूरे परिवार के साथ पहुंचे और मतदान करें। लोकतंत्र के इस महाउत्सव को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मनाएं।
लोकतंत्र जिंदाबाद, हिन्दुस्तान जिंदाबाद।
मोहन रामचंदानी
संस्थापक-दैनिक पाताल लोक

patallok

leave a comment

Create Account



Log In Your Account