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पुलवामा की आतंकवादी घटना को लेकर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

नई दिल्ली। इस बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली उपस्थित रहे। इस बैठक में आतंकवादी घटना को लेकर काफी देर तक गहन, मंथन, चिंतन का दौर चला उसके बाद पांच बिंदुओं पर निर्णय लिया गया जिसमें:-
एक- पाकिस्तान को मोस्ट फेवरेबल नेशन का जो दर्जा भारत ने दे रखा था उसे वापस ले लिया गया, इसके अंतर्गत भारत का पाकिस्तान के साथ अ_ारह हजार करोड़ का जो वार्षिक आयात निर्यात था उस पर प्रतिबंध लग जाएगा, बिना किसी भेदभाव के पाकिस्तान के साथ जो सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिए जाते थे, आयात निर्यात के लिए को समाप्त करते हुए एम एफ एन का दर्जा पाकिस्तान को भारत ने दे रखा था वह वापस ले लिया गया है जिससे भारत के पाकिस्तान भारत पाकिस्तान के आयात निर्यात व्यापारिक संबंध लगभग समाप्त हो जाएंगे।
दो- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व के सभी देशों से चर्चा कर पाकिस्तान को अलग-थलग करना और उसकी आतंकवादी गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने हेतु पाकिस्तान के जो समर्थक देश है उन पर दबाव डालकर पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियां रोकने के लिए दबावा डालना।
तीन- संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत ने 1986 में जो आतंक परिभाषा दी गई थी इसके अंतर्गत सभी देशों को उसके लिए राजी करना और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र संघ पर आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दबाव डालना।
चार- देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा कर सरकार द्वारा लिए जा रहे कदमों की जानकारी देश की वर्तमान स्थिति परिस्थितियों के अनुसार राष्ट्रीय हित में राष्ट्रीय में सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं की चर्चा करें उन्हें सरकार के कदमों की जानकारी देना।
पांच- सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि सेना को पाकिस्तान के आतंकवादी गतिविधियों की से निपटने के लिए पूरी छूट रहेगी कि वे पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में आतंकवादी गतिविधियों को नष्ट करने में पूरी तरह स्वतंत्र है, इसके लिए उन्हें सीमा पार कर भी करना पड़े तो वह कर सकते हैं।

patallok

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