स्ट्रैचर पर जौहरी का क्लिनिक, प्रशासन ने शुरू किया ऑपरेशन

स्ट्रैचर पर जौहरी का क्लिनिक, प्रशासन ने शुरू किया ऑपरेशन

स्ट्रैचर पर जौहरी का क्लिनिक, प्रशासन ने शुरू किया ऑपरेशन

सुवासरा में डॉ जौहरी के क्लिनिक पर प्रशासन की छापामार कार्यवाही, विधायक डंग ने विस में दिए क्लिनिक संचालन के सबूत

विस अध्यक्ष ने कहा दो घंटे में चाहिए रिपोर्ट तो प्रशासन ने लगाई दौड़
पालो रिपोर्टर ? मंदसौर/सुवासरा

आखिरकार सुवासरा की बेशकिमती भूमि पर अवैध रूप से खड़े डॉ जौहरी के क्लिनिक की उल्टी गिनती शुरू हो ही गई। दरअसल मंगलवार को विधायक हरदीपसिंह डंग ने इस मामले में मय सबूत के विधान सभा में मुद्दा उठाया, जिस पर विस अध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन को दो घंटे के भीतर सदन में जांच तलब की। इसके बाद अब तक जो प्रशासन इस तरह के किसी भी क्लिीनक के सुवासरा में न संचालित होने की रिपोर्ट भेज चुका था। उसी प्रशासन को ताबड़-तौब दौड़ डॉ जौहरी के क्लिनिक को स्ट्रैचर पर लेकर ऑपरेशन शुरू करना पड़ा। हालांकि इसमें भी मौके पर जबरदस्त नौटंकी हुई, लेकिन बाद में दबाव बडऩे पर क्लिनिक का निरीक्षण करने दिया गया। करीब ढाई घंटे निरीक्षण के बाद स्थानीय प्रशासन ने विस के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की हालांकि तब तक सदन का समय पूर्ण हो चुका था। गौरतलब है कि इस मामले में दैनिक पाताल लोक ने समय-समय पर कई तरह के गंभीर तथ्यों के साथ खबरों का प्रकाशन भी किया है, जिसका असर यह हुआ कि विधायक डंग ने इस मामले को लगातार दूसरी बार विस में उठाया और मंगलवार को कार्रवाई यहां तक पहुंची। हालांकि अब भी क्लिनिक पड़ताल में कई तरह के पैंच है, जिन तक प्रशासन व विधायक डंग का पहुंचा बहुत आवश्यक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब एक पखवाड़े पूर्व विधायक हरदीपसिंह डंग ने विस में मुद्दा उठाया था कि सुवासरा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ जौहरी द्वारा सरकारी अस्पताल की तमाम मशीनरी को अपने निजी क्लिनिक में मरीजों की भीड़ बढाने के उद्देश्य से लगभग खराब कर दिया है और वे अपने निजी अस्पताल में सरकारी चिकित्सकों व स्टॉफ से भी काम लेते हैं। एसे में उस वक्त स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सीलावट ने स्थानीय प्रशासन से इस तरह के किसी क्लिनिक के बारे में सवाल-जवाब करने पर तो उन्हें रिपोर्ट भेज दी कि एसा कोई क्लिनिक सुवासरा में संचालित नहीं हो रहा है। एसे में मंगलवार को सुवासरा में इस क्लिनिक के संचालित होने के सबूतों के साथ विधायक डंग ने मुद्दा उठाया, जिसके बाद विस अध्यक्ष ने दो घंटे के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए। इसके बाद प्रशासन ने डॉ जौहरी के क्लिनिक का रूख किया, लेकिन यहां करीब एक घंटे तक बैल बजाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। एसे में प्रशासन को पुलिस का सहयोग लेना पड़ा। पुलिस के अधिकारियों ने यहां आकर जबरदस्त ढंग से दरवाजा बजाना प्रारंभ किया और आखिरकार डॉ जौहरी की पत्नी सरोज जौहरी ने दरवाजा खोला और बाद में एसडीएम रोशनी पाटीदार ने अपनी टीम के साथ करीब ढाई घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम पाटीदार ने यहां से मरीजों की पर्चियों की कॉपी, रजिस्टर आदि कागजात जब्त किए। साथ ही एक्स-रे मशीन का भी निरीक्षण किया। छापामार कार्यवाही की टीम में एसडीएम रोशनी पाटीदार, सीतामऊ एसडीओपी ओपी शर्मा सहित स्वास्थ्य अमले के अधिकारी शामिल थे।
विषपाई हैं विधायक डंग
इस पूरे घटनाक्रम में एक कहानी और चल रही है, जिस पर गौर करें तो विधायह हरदीपसिंह डंग विषपाई निकले। दरअसल करीब सालभर पूर्व विधायक डंग ने सुवासरा के पुरान स्वास्थ्य केंद्र के जच्चा-बच्चा वार्ड में विधायक निधि से महिला जीम की योजना बनाई। उस वक्त बीएमओ डॉ पाटीदार थे, तब उनने भी इसके लिए रजामंदी दे दी थी और उक्त वार्ड में जीम की मशीने भी रखी जा चुकी थी। किंतु कुछ दिन बाद डॉ पाटीदार सेवा निवृत्त हो गए, जिनके स्थान पर डॉ जौहरी को पद दिया गया। अब विधायक डंग उक्त जीम के शुभारंभ हेतु जच्चा-बच्चा वार्ड की चाबी लेने डॉ जौहरी के समक्ष पहुंचे तो उनने सभी के सामने विधायक डंग को चाबी देने से स्पष्ट मना कर दिया और कहा कि आप अपनी जीम के लिए कोई दूसरा स्थान ढूंढ लें। बताया जा रहा है कि तब से ही विधायक डंग ने डॉ जौहरी को सबक सीखने का मन बना लिया। खबरों के अनुसार डंग ने जौहरी का स्थानांतरण डिंडोरी करवा दिया था, लेकिन जौहरी अपने रसुख के बल पर स्थानांतरण स्थगित करवा लाए। एसे में डंग की बैचेनी और अधिक बड़ गई। वे तो अपने तई प्रयासरत थे ही इसी बीच डॉ जौहरी के कई कारनामे भी उजागर हुए और आखिकार वे अपने माजने से खुद ही सोमवार को स्थानांतरित हो गए और दूसरे ही दिन उनके क्लिनिक पर छापा भी पड़ गया। इन सवालों के जवाब भी
खौजे प्रशासन
1डॉ जौहरी के करीब 25 साल सुवासरा कार्यकाल में अब तक उनकी तमाम शिकायतों की जांच का क्या हुआ?
1इतने समय से उनके निजी क्लिनिक में सरकारी कर्मचारियों का जो शोषण हुआ उसका हिसाब-किताब कौन लेगा?
1जिस जमीन पर उनका निजी क्लिनिक बना है वह असल में डॉ जौहरी ने कैसे हथियाई?
1उक्त निजी अस्पताल की निर्माण अनुमति किस आधार पर दी गई?
1उक्त अस्पताल नर्सिंग होम नियमों के अधिन काम भी कर रहा है या नहीं?
1यहां लगी एक्स-रे आदि मशीनें किसकी अनुमति से संचालित की जा रही है?
1एक सरकारी चिकित्सक वह भी बीएमओ किस आधार पर अपनी सरकारी ड्यूटी से अधिक यहां समय दे रहा था?

patallok

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