बारिश ने उजागर किया सड़कों का भ्रष्टाचार

बारिश ने उजागर किया सड़कों का भ्रष्टाचार

बारिश ने उजागर किया सड़कों का भ्रष्टाचार

साल-सालभर पहले बनी सड़कें भी हुई छलनी, जिम्मेदार रो रहे गारंटी पीरियड का रोना
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

यदि किसी चीज की गारंटी है तो इसका मतलब ये नहीं होता कि उपभोक्ता को बिल्कुल कुछ तो भी उठाकर दे दिया जाए। कुछ एसी ही कहानी हमारे शहर की सड़कों के मामले में नपा की है। अभी तो वर्षा सत्र पूरा बाकी है और अभी से शहर की सड़कों का भ्रष्टाचार उजागर होने लगा है। खास तौर से साल-सालभर पहले बनी सड़कें भी छलनी हो चली है और नपा के जिम्मेदार यह रोना रो रहे हैं कि सड़कें वापस गारंट पीरियड में ठीक हो जाएगी। एसे में क्या यह मान लिया जाए कि नपा के पास इस बेवकूफी के अलावा दूसरे कोई काम ही नहीं है या जनता की गाढ़ी कमाई यों ही गड्ढों और डाबरों के नाम पर बर्बाद करने का खेल साल दर साल चलता ही रहेगा।
शहर में बारिश से हर साल सड़कों का डामर उखड़ता है। इस पर नपा वैकल्पिक तौर पर पहले कच्चा मुर्रम फिर डामर से पेचवर्क करती है। लेकिन सड़क की गुणवत्ता को नहीं जांचा जाता। सड़कों पर डामरीकरण कितना घटिया किस्म का रहा है यह कई बार उजागर हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण के समय इंजीनियर ध्यान नहीं रखते और एक-दो बारिश में ही सड़को से डामर बह जाता है। घटिया निर्माण और गुणवत्ताविहीन सामग्री अब शहर की सड़कों की पहचान बन गई है। अभी शहर में लगभग 16 इंच बरसात हुई है और अधिकांश सड़कों का डामर पानी में बह गया है। गड्ढे होने से गिट्टी भी बह गई है। बस गारंटी पीरियड के नाम पर घटिया निर्माण पर आड़ डाली जा रही है। पिछले दिनों दिन-दिनभर बारिश के दौरान नेहरू पर पानी भरा रहा, जिसके कारण बस स्टैंड से कैलाश मार्ग तक की सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए। शुक्रवार को व्यवसायी एवं रहवासियों ने नगरपालिका को शिकायत की, जिसके बाद नपा ने गड्ढो में कच्चा मुर्रम भरवा दिया। नपा के अनुसार शहरभर में जहां-जहां भी सड़को पर गड्ढे हुए है वहां पर लगभग एक लाखरूपए का मुर्रम डाला जाएगा। बारिश थमने के बाद पेचवर्क करेगी। नगर में अब तक औसत की आधी बारिश भी नहीं हुई है। इतनी बारिश ने ही शहर की सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। शहरभर में आधा दर्जन से अधिक सड़कों पर बारिश के कारण बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। जिसके कारण रहवासी, व्यवसायी एवं राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। शहर की प्रमुख सड़़के भी बारिश में बह गई है। दूर-दराज एवं कॉलोनी की सड़कों की हालत भी खराब हो गई है। महू-नीमच राजमार्ग पर कृषि उपज मंडी से बीपीएल चौराहे तक मार्ग की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग से सैकड़ों वाहन रोज निकलते है। सड़क खराब होने से राहगीर परेशान हो रहे है। इसी तरह से गोल चौराहा क्षेत्र में संघवी किराना से गोल चौराहा पुरानी मंडी मार्ग पर बारिश से सड़क जर्जर हो गई है। नेहरू बस स्टैंड से कैलाश मार्ग, नाहर सैय्यद रोड, श्री कोल्ड तिराहा, दशरथ नगर एवं मेघदूत नगर, कालाखेत की सडके भी बारिश से गड्ढों में तब्दील हो गई है। इसके बाद बारिश थमी रही, लेकिन सड़कों पर गड्ढो में भरे पानी एवं उड़ रही धूल मिट्टी से लोग परेशान होते रहे। लेकिन नगर पालिका ने इसकी सुध नहीं ली। नेहरू बस स्टैंड के रहवासियों एवं व्यवसाईयों में नपा से शिकायत की, इसकेक बाद नपा को वैकल्पिक समाधान की याद आई। नपा के कर्मचारी कच्चा मुर्रम लेकर यहां पहुंचे, कुछ गड्ढों में कच्चा मुर्रम भरकर कर्मचारी चले गए। जबकि कई गड्ढों में मुर्रम डाला ही नहीं गया। अधिकारियों के अनुसार शहर में दो अन्य मार्गों पर पर भी मुर्रम डाला गया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों की सड़कें उखड़ गई है वहां पर मुर्रम डाला जाएगा इस पर लगभग एक लाख रूपया खर्च होगा।
कृषि मंडी के बाहर भी हाल बुरे
इधर, महू-नीमच राजमार्ग स्थित कृषि उपज मंडी के बाहर भी सड़क के हालात जबरदस्त खराब है। सालों से निरंतर गड्ढों में तब्दील होती जा रही इस सड़क पर समय-समय पर लोनिवि महज पैचवर्क करवाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर देता है और यही पेचवर्क हफ्ते दस दिन में फिर उखड़ भी जाता है। दिनभर उड़ते धुल के गुबार के कारण हालात इतने खराब है कि यहां के दुकानों को डस्ट एलेर्जी, श्वास रोग जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं आए दिन यहां गढ्डों के कारण हादसे हो रहे हैं।

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