दुधन सैय्यद तालाब में बुझे दो घरों के एकलौते चिराग

दुधन सैय्यद तालाब में बुझे दो घरों के एकलौते चिराग

दुधन सैय्यद तालाब में बुझे दो घरों के एकलौते चिराग

नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत

दरगाह के खादीम ने देखे कपड़े तो हुई डूबने की आशंका, गमगीन हुआ माहोल
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

शहर के नई आबादी स्थित दुधन सैय्यद दरगाह के तालाब में दो किशोर बालकों की डूबने से मौत की खबर ने शहर का माहोल ग़मज़दा कर दिया। दरअसल दोनों बच्चे नहाने के लिए गए थे औैर इसी दौरान वे तालाब में डूब गए। कुछ देर बाद जब दुधन सैय्यद दरगाह के खादीम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखौर बुलवाए और दोनों बच्चों को बाहर निकाला, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने दोनों किशारों को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों अपने-अपने अभिभावकों के इकलौते पुत्र थे। हादसे के बाद परिजनों का बुरा हाल हो गया और जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना सोमवार शाम की है, जब दुधन सैय्यद दरगाह के खादीम बड़े मिया अमीर बक्श ने देखा कि तालाब के बाहर किनारे पर कपड़े, चप्पल व मोबाइल पड़ा है, लेकिन तालाब में कोई नहाता हुआ दिख नहीं रहा। उनने इस बात की खबर तत्काल 100 डायल को दी। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने स्थिति का जायजा लेकर गोताखोरों को बुलवाया। इधर, शहर निरीक्षक नरेंद्र यादव भी दलबल के साथ यहां पहुंच चुके थे। गोतखोरों को तालाब में उतरवाया, जिनने कुछ ही देर में दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इनकी शिनाख्त आकिब पिता अफजल 10 साल निवासी नूर कॉलोनी व राजकुमार पिता मानसिंह 12 साल निवासी बिलोदिया जिला सिहोर हाल मुकाम कल्की पाइप फैक्ट्री के सामने नई आबादी के रूप में हुई। दोनों बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ ही देर में सूचना के बाद दोनों बच्चों के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे, जिनकी अपने बच्चों की लाश देखकर बुरी हालत हो गई। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था तो कोई सदमे से बदहवास होता जा रहा था। इधर, कुछ ही देर में परिवार के रिश्तेदार इष्ट मित्र भी यहां पहुंचे और देखते ही देखते जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। दोनों मौत के मामले में पुलिस ने मर्ग दर्ज किया।
मजदूरी करते हैं राजकुमार के माता-पिता
दोनों किशोर बालकों में से एक राजकुमार के माता-पिता दोनों भाजपा नेता महेंद्र चौरडिय़ा की नई आबादी स्थित कल्की पाइप फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं और इसी के चलते फैक्ट्री के सामने ही एक कच्चे मकान में रहते हैं। जिला अस्पताल में मौजूद राजकुमार के पिता का हाल बहुत ही बुरा था। उनका कहना था कि अभी राजकुमार की मां को तो इस हादसे के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है।
पिता से मोबाइल लेकर गया था राजकुमार
राजकुमार के पिता मानसिंह के अनुसार रोज की तरह कक्षा 6टीं में अध्ययनरत् उनका बेटा राजकुमार शाम 4 बजे फैक्ट्री आया और अपने पिता से घर की चाबी व मोबाइल ले गया। पिता ने भी उसे चाबी और मोबाइल दे दिया यह सोचकर की बेटा स्कूल से आया है घर जाकर गणवेश बदलकर भोजन करेगा और थोड़ी देर मोबाइल पर गेम खेलेगा, लेकिन उन्हें रत्तीभर भी यह जानकारी नहीं थी कि उनका चश्न-ओ-चिराग घर से कपड़े बदलकर तालाब में नहाने जाएगा। खास बात यह है, कि जिस मोबाइल से खादीम बड़े मियाजी ने पुलिस को सूचना की वह मोबाइल वही है जो राजकुमार अपने पिता से ले गया था।

patallok

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