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नसेड़ी नपा की महज 20 मिनट में खुली पोल

नसेड़ी नपा की महज 20 मिनट में खुली पोल

नसेड़ी नपा की महज 20 मिनट में खुली पोल

नालों की सफाई के नाम पर पिछले दिनों चलाया गया था बेवकूफ बनाओ अभियान

सालों से छटांगभर बारिश में तालाब बन रही नयापुरा और नपा सीएमओ कहते हैं फोटो व्हाट्सएप करो
पालो रिपोर्टर ? मंदसौर

शहर की नगर पालिका के माजने लग नहीं रहे कि ये कभी स्वच्छता के मामले में शहर को अव्वल स्थान पर पहुंचा सकेगी। इस बात का खुलासा वैसे तो अक्सर शहर में जगह-जगह दिखने वाली रोडिय़ों और गंदगियों से लग ही जाता है, लेकिन बुधवार शाम महज 20 मिनट की बारिश ने नपा के पिछले दिनों चले नालों की सफाई अभियान की भी पूरी तरह पोल खोल कर रख दी। सारे शहर में कई सड़कें तालाब बन गई। खासकर बात यदि नयापुरा रोड क्षेत्र में जल जमाव की करेें तो यहां के मामले में तो नपा ने बिल्कुल ही नसेड़ा रूप अख्तियार किया हुआ है। क्योंकि यहां के दुकानदारों, क्षेत्रवासियों ने कई बार नपा में इसकी शिकायत की। एक बार तो खुद नपा सीएमओ ने इस समस्या के फोटो व्हाट्सएप करवाए, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं निकला और बुधवार शाम भी लोगों अपनी ही दुकानों में आने जाने के लिए बड़ी मशक्कत करना पड़ी।
मंदसौर शहर में यदि स्वच्छता का परीक्षण या निरीक्षण किसी बाहरी दल को करना चाहिए तो वे नयापुरा रोड पर अपने तमाम परीक्षण और निरीक्षण करें ताकि स्वच्छता के नाम पर अपने आपको तीस्मार खां बताने वाली मंदसौर नपा की असल स्थिति पता चले। यह शहर के उन सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक हैं, जहां 12 माह दिनभर जबरदस्त धुल उड़ती है। नालियों की हालत शुक्ला चौक से महाराणा प्रताप तिराहे तक इतनी बद्तर है, कि इनका जाम देखकर लगता नहीं कि सालभर में भी कभी इनकी सफाई होती हो और नपा की यही लापरवाही सालभर तो बदबू और धुल के रूप में क्षेत्रवासियों व रहवासियों को झेलना ही पड़ती है, लेकिन बारिश आते ही यह जख्म उस वक्त नासूर बन जाता है जब इन जाम नालियों का पानी सड़क को तालाब बना देता है और देखते ही देखते यहां के दुकानदारों व रहवासियों की दहलीज पर करीब 3-3 फिट जल भराव हो जाता है, जिससे वे चाहकर भी बारिश बंद होने के बाद भी करीब एक घंटे तक पानी उतरने की आस में कहीं आ-जा नहीं सकते। इसी तरह इनकी दुकानों पर ग्राहक भी नहीं आ सकते। हालात यहां तक बद्तर हो जाते है, कि एसे जल भराव के दौरान किसी दुकानदार को लघु शंका के लिए भी जाना हो तो वह नहीं निकल पाता है और वह सिर्फ और सिर्फ नपा का कौंसने से अधिक कुछ नहीं कर पाता। क्योंकि अनेक बार इस मामले में शिकायतें नपा के जिम्मेदारों को की जा चुकी है, लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रैंगती। बुधवार शाम भी यहां कुछ यही हालात हुए। महज 20 मिनट की बारिश ने नयापुरा रोड पर करीब 3 से 4 फिट जल जमाव की नौबत पैदा कर दी, जिससे आवागमन तो बाधित हुआ है, वहीं क्षेत्र के नागरिकों को भी काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
या तो उच्चाधिकारी उदासीन या मैदानी अमला ज्यादा समझदार
शहर के नयापुरा रोड पर जल जमाव की अनेकोनेक शिकायतें होने के बावजूद तथा सीधे नपा सीएमओ आरपी मिश्रा को इस मामले में मौके जल जमाव के फोटो व्हाट्एसप करने के बावजूद नयापुरा रोड की यह समस्या जस की तस होने से यह भी अंदाजा लग रहा है कि या तो खुद नपा के उच्चाधिकारी शहर की इस तरह की समस्याओं के निपटान में उदासीन रवैया रख रहे हैं या मैदानी अमला इतना ज्यादा समझदार है कि वो आला अधिकारियों को भी चरा देता है।
नयापुरा की समस्या का बैसिक कारण
नयापुरा रोड पर जल जमाव की समस्या का एक कारण यहां नपा द्वारा समय-समय पर जाम पड़ी नालियों की सफाई नहीं करना तो है वहीं एक और बैैसिक कारण यह भी माना जाता है कि यह रोड सीधे-सीधे लक्कड़ पीठा स्थित पंप हाउस पर बसेर चौक से पहुंचने वाले उस प्रमुख नाले से जुड़ा हुआ है, जिस नाले में लगभग आधे से अधिक शहर का पानी एकत्र होकर पंप हाउस में पहुंचता है। एसे में तेज बारिश के दौरान इस नाले की आवक शहर के अन्य नालों से वैसे ही भरपूर हो जाती है उपर से नयापुरा रोड की ओर से रामटेकरी, नरसिंहपुरा, कालाखेत, नई आबादी आदि बसाहट की ओर से आने वाला पानी और मिल जाता है, जिससे देखते ही देखते जल जमाव बढ़ता ही जाता है और फिर जब बारिश बंद होने के बाद पानी की आवक खत्म होती है तब कहीं जाकर पंप हाउस की कार्रवाई के साथ धीरे-धीरे पानी कम होता है। एसे में यह सख्त आवश्यक्त कही जा सकती है अब मंदसौर को दो नए पंप हाउस आवश्यक्ता पडऩे लगी है।
अन्य सड़कों का भी यही हाल
नयापुरा रोड के अलावा शहर के सम्राट रोड, कालिदास मार्ग, दयामंदिर रोड, नेहरू बस स्टैंड, गणपति चौक मार्ग, लक्कड़ पीठा, धानमंडी, बालागंज आदि क्षेत्रों में बुधवार को हुई महज 20 मिनट की बारिश ने जबरदस्त जल भराव कर दिया। एसे में ठीक नयापुरा रोड की तरह यहां भी आवागमन काफी बाधित हुआ और लोगों का परेशानी झेलना पड़ी।
जल भराव को छोड़कर खुशियां भी छाई
एक ओर जहां जल भराव के कारण शहरभर में लोग जगह-जगह परेशान होते रहे वहीं दिनभर की जबरदस्त तपन के बाद शाम ढलते ही ये काले घने बादल जमकर शहर पर बरसे और हर चेहरे पर गर्मी से निजात की खुशी दिखी। इसी तरह किसान वर्ग में भी बारिश को लेकर काफी उत्साह रहा। लगभग पूरे जिले में बौवनी का कार्य प्रारंभ हो चुका है व कई इलाकों में तो बौवनी पूर्ण भी हो चुकी है। इसी तरह मौसम की पहली बारिश में जो बौवनी हुई थी उन फसलों के अंकुरण को इस बारिश से और अधिक मजबूती मिलेगी।
आधी रात को फिर गिरा एक और पेड़
इधर, बित दो दिन से आधी रात को जमकर बरस रहे मानसून के चलते शहर के काफी-काफी पुराने वृक्ष जड़ सहित गिर रहे हैं। पहली रात की बारिश में जहां कालाखेत की दरगाह व मोतिया खाई में पेड़ गिरे, तो वहीं मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात जनकूपुरा महाजन मोहल्ला स्थित फुटी गुवाड़ी में सालों से स्थित वट वृक्ष गिर गया। हालांकि पेड़ गिरने से किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है।

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