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160 नींद की गोलियां पहुंची थी जेल के अंदर

160 नींद की गोलियां पहुंची थी जेल के अंदर

160 नींद की गोलियां पहुंची थी जेल के अंदर

मामला: कनावटी जेल से कैदियों के भागने का

दो आरोपी और किए पुलिस ने गिरफ्तार, इनमें से एक फरार कैदी रात को ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा, अब तक 14 में से 7 आरोपी गिरफ्तार

पालो रिपोर्टर = मंदसौर/नीमच
जिले के कनावटी स्थित जिला जेल से चार कैदियों के फरार होने के मामले में शुक्रवार तक पुलिस 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे। इनमें से दो आरोपी जो गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात पुलिस गिरफ्त में आए उनमें से एक को जीरन के पास ग्रामीणों ने पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। वो अलग बात है, कि नीमच पुलिस इसमें खुद ही वाह-वाही लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं। उनने यह भी बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान नींद की गोली के 8-8 पत्ते कुल 160 गोलियां लाई गई थी, जो बिते कुछ दिनों से जमाए जा रहे दही में मिलाई जाती थी और इसी की छाछ कैदियों को पीला दी जाती थी।
मामले में एसपी राकेशकुमार सगर ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गुरूवार देर रात करीब 12 बजे फरार कैदी लेखराम पिता रमेश बावरी 26 साल निवासी चंदवासा थाना मल्हारगढ़ जिला मंदसौर बाइक पर अपने गांव चंदवासा जाने के लिए ग्राम देवली के जंगलों से निकल रहा था। इसी दौरान जीरन थाने के ग्राम परासली में ग्रामीणों के साथ गश्त कर रहे सैनिकल बलवंतसिंह ने अजनबी प्रतीत होने पर उसे आवाज दी, लेकिन वह बाइक छोड़कर भागने लगा। बाद में ग्रामीणों की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 18 सौं रूपए नकद व जेल ब्रेक के दौरान इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद हुआ। इसी तरह इसी तरह जेल ब्रेक मामले में फरार चल रहे मिूलाल उर्फ मिू लंगड़ा पिता उदयलाल बावरी 35 साल निवासी नारायणी थाना छोटी सादड़ी को भी मुखबिर की सूचना पर भीलवाड़ा व गंगराड़ के बीच हमीरगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मामले में कुल 14 आरोपियों में से अब तक पुलिस ने सात को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें विनोद पिता दारासिंह डांगी 24 साल निवासी सुवाखेड़ा(मास्टर माईंड), ईश्वरचंद्र पिता परसराम जाटव 26 साल निवासी उत्तमपुरा पड़ाव जिला मुरैना(जेल प्रहरी), विजेंद्र पिता रामलाल धाकड़ 32 साल निवासी मामचोन थाना पहाडग़ढ़ जिला मुरैना(जेल प्रहरी), पवन पिता मांगीलाल धाकड़(फरार कैदी), रामप्रसाद पिता चंपालाल बलाई(फरार कैदी), लेखराम पिता रमेश बावरी 26 साल निवासी चंदवासा थाना मल्हारगढ़ जिला मंदसौर(फरार कैदी), मिूलाल उर्फ लंगड़ा पिता उदयलाल बावरी 35 साल निवासी ग्राम नारायणी थाना छोटी सादड़ी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनकी है अब भी तलाश जिन फरार 7 आरोपियों की तलाश अब भी जारी है उनमें नाहरसिंह पिता बंशीलाल बावरी, बबलू पिता बंशीलाल बावरी दोनों निवासी निवासी गणेशपुरा थाना भिंडर जिला उदयपुर, दुबेलाल पिता दशरथ धुर्वे 19 साल निवासी बीलगांव तहसील घुंघरी थाना नोगांव जिला मंडला, कंवरलाल पिता केशुराम बावरी निवासी भमोरा थाना छोटी सादड़ी, अंकित पिता प्रेमचंद बावरी निवासी गुमाना थाना छोटी सादड़ी, पंकज पिता रामनारायण बावरी, रामनारायण पिता औंकार बावरी दोनों निवासी नलवाई थाना बड़ी सादड़ी, शामिल है। दो दिन पहले ही आ गई थी रस्सी गुरूवार-शुक्रवार दरमियानी रात पकड़े गए दोनों आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उनके साथ प्रहरी ईश्वर, विरेंद्र के साथ पंकित शर्मा भी मिला हुआ था और नींद की गोलियां 8-8 पत्ते कुल 160 गोलियां मुलाकात के दौरान बनी जाली में से बबलू बावरी तथा विनोद डांगी ने पहुंचाई थी। दो दिन पहले ही जेल के पीछे दूर खेत में विनोद व बबलू ने भागने में प्रयुक्त रस्सी लाकर रख दी थी। घटना वाली रात अलग-अलग तीन बाइक से अलग-अलग स्थानों से जेल के पीछे बबलू, रामनारायण, अंकित, कंवरलाल, विनोद डांगी व मिू खेत में पहुंचे थे। यहां योजना के मुताबित जेल में बंद लेखराम बावरी, पंकज बावरी, नाहरसिंह बावरी व दुबेलाल धुर्वे चारों को फरार करवाकर तीन अलग-अलग स्थानों पर फरार हुए। योजना के अनुसार सुबह सवा चार बजे करीब जेल से सभी चारों अपने सहयोगियों के साथ में फरार हुए थे।
10 आरियां जेल में सलाखें काटने के लिए पहुंचाई
आरोपियों ने यह भी बताया कि जेल की बैरेक में दो दिनों से दही जमाया जा रहा था, जिसमें नींद की गोलियां मिलाई गई थी। कुल 10 आरियां जेल में सलाखें काटने के लिए पहुंचाई गई थी, जिन्हें फरार होने के दौरान पांच आरी जंगल के कुएं में फैंक दी गई। इधर, तीसरे संदिग्ध जेल प्रहरी पंकित शर्मा से भी लगातार पूछताछ जा रही है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी विनोद व प्रहरी ईश्वर जाटव का पीआर लिया जा रहा है। केस में ईश्वर ने पांच लाख जमा होने का जो हिसाब बताया था वह झूठ साबित हुआ है। अब प्रकरण में करीब 3 आरोपी और बनाए जा सकते हैं, जिनकी संलिप्तता पर जांच चल रही है।
निगरानीशुदा बदमाश है मिट्ठू लंगड़ा
इधर, गिरफ्तार मिू लंगड़े का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है, कि वह 18 वर्ष की उम्र से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय होकर छोटी सादड़ी का आदतन निगरानीशुदा बदमाश है। इस पर 12 से अधिक चोरी, लूट, मारपीट के अपराध दर्ज है। तीन माह पूर्व ही मिू लंगड़ा प्रतापगढ़ जेल से छूटा था।
ये है गिरफ्तारी की असल कहानी
पुलिस भले ही सैनिक बलवंत के ग्रामीणों के साथ गश्ती के दौरान लेखराम की गिरफ्तारी शो करके महकमे की पीठ थपथपा रही हो, लेकिन सूत्रों पर भरोसा करें तो असल कहानी ये है, कि रात 12 के बजे के आसपास लेखराम बाइक से परासली से निकल रहा था तो वहां के ग्रामीणों ने उसे रोका और पूछा कि वही कहां जा रहा है और कौन है। उसने बताया कि मैं रमेशचंद बावरी का लड़का लेखराम हूं और जेल से भागा हुआ हूं। मैं रास्ता भूल गया हूं इसलिए इधर आ गया हूं और तुम गांव वालों को कोई नुकसान नहीं किया है मुझे छोड़ दो इस पर ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा और भीड़ इक_ी हो गई। इस दौरान लेखराम ने ग्रामीणों को रूपयों का लालच भी दिया, लेकिन ग्रामीणों का इमान जरा भी नहीं डगमगया और उनने 100 डायल को कॉल करके लेखराम को पुलिस के हवाले किया। इस पूरे घटनाक्रम में उन ग्रामीणों को घोषित 50 हजार रूपयों का पुरूस्कार मिलना चाहिए, जिनने निडरता पूर्वक इमानदारी का परिचय देते हुए आरोपी को पकड़े रखा।

patallok

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