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सब फर्जी एक साथ स्कूल चले अभियान में शामिल

सब फर्जी एक साथ स्कूल चले अभियान में शामिल

सब फर्जी एक साथ स्कूल चले अभियान में शामिल

मंदसौर। शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केंद्र के अंतर्गत संचालित जिला शिक्षा केंद्र और जनपद शिक्षा केंद्र में फर्जीवाड़े का बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है सब फर्जी अधिकारी बैठे हुए ऊपर से नीचे तक फर्जीवाड़ा ही फर्जीवाड़ा चल रहा है, डीपीसी एपीसी या बीआरसी स्तर पर जहां भी देखो फर्जी काबिज हैं।
शतरंज में जब प्यादे फर्जी हो जाते हैं तो वे हाथी घोड़े हो वजीर सब का रोल निभाने लगते हैं ऐसे ही जिला शिक्षा केंद्र में भी और जनपद शिक्षा केंद्र भानपुरा एवं मल्हारगढ़ में भी हो रहा है जिला शिक्षा केंद्र पर आयुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ते हुए शिक्षा विभाग का अधिकारी को प्रभार नहीं देते हुए एक तृतीय श्रेणी कर्मचारी जो कि एक शिक्षक से भी नीचे की ग्रेड का है एक शिक्षक के बराबर भी नहीं है उसे डीपीसी का प्रभार दे रखा है और जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का।
वह अपने से वरिष्ठ सीनियर को अपने आसपास भी नहीं फटकने देता ये अपने से कमजोर चापलूसों को ढूंढ कर अपना प्रशासन चलाता है ऐसी ही स्थिति जिला शिक्षा केंद्र में बना रखी है, उन्होंने शैलेंद्र आचार्य को जो सहायक शिक्षक को एपीसी बना रखा है जैसा कि विगत दिनों जिला शिक्षा केंद्र के ही प्रेस नोट से ज्ञात हुआ जबकि पाताल लोक ने जानकारी ली थी प्रभारी डीपीसी ने बताया था कि शैलेंद्र आचार्य को एपीसी नहीं बनाया गया है और ना ही कोई प्रभार दिया गया है वह केवल अपने विद्यालय समय के पश्चात कार्यालयीन कार्य यहां आकर करेंगे। ऐसा कौन सा कार्यालयीन कार्य है जो यहां के कार्यालय के व्यक्ति नहीं कर सकते इसलिए सहायक शिक्षक को यहां लाकर बिठाया गया है और दौरे में एवं सभी के भाषण में भी शैलेंद्र आचार्य को एपीसी बताया गया है जो मात्र सहायक शिक्षक है जिसे जन शिक्षक की पात्रता नहीं है उसे ही एपीसी बताया जाना निश्चित ही सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा है।
यहां तक कि प्रभारी डीपीसी की जगह आदेश जारी कर रहा है इससे ज्यादा फर्जीवाड़ा क्या होगा?
वही स्कूल चले हम के अंतर्गत मल्हारगढ़ में प्रभारी डीपीसी, नकली एपीसी, अवैध बीआरसी प्रभारी डाईट प्राचार्य सहित अधिकांश फर्जी अधिकारी पहुंचे क्योंकि चोर चोर मौसेरे भाई जो हैं।
वहां के बीआरसी शोएब खान का भी कार्यकाल 3 वर्ष पूर्व समाप्त हो चुका है।
शोएब खान को संचालक लोक शिक्षण में उनकी नियुक्ति वहां से हटा करके की जमुनिया कला कर दी किंतु दूध देती गाय को आज तक काम कार्यमुक्त ना करते हुए अनुपयुक्त प्रभारी डीपीसी ने फर्जी तरीके से उसे भी रोक लिया और वहां जाकर दाल बाफले का आनंद लिया अब क्योंकि फर्जियो का जमावड़ा था इसमें कुछ ओरिजिनल थे वह भी इनके साथ राग दरबारी गाने लगे।
प्रमोद सेठिया जो की वरिष्ठता के आधार पर के प्रभारी प्राचार्य इसलिए उन्हें फर्जी कहना अपमानित करना होगा इसलिए वे फर्जी नहीं होने पर इनके साथ जहाँ कौओं की कांव-कांव होती है वहां कोयल चुप रहना पसंद करती है। इस प्रकार से स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत मलाई और दाल बाफले लड्डू तो फर्जी खा रहे हैं।

patallok

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