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गिरफ्त में आए मास्टर माईंड ने किए कई रोचक खुलासे

गिरफ्त में आए मास्टर माईंड ने किए कई रोचक खुलासे

गिरफ्त में आए मास्टर माईंड ने किए कई रोचक खुलासे

मामला: कनावटी जेल से फरार 4 कैदियों का

गिरफ्त में आए मास्टर माईंड ने किए कई रोचक खुलासे

रसना और छाछ में मिलाई जाती थी नींद की गोलियां, दो प्रहरियों सहित 10 आरोपी और हुए नामजद, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
पालो रिपोर्टर = मंदसौर/नीमच

कनावटी जिला जेल से चार कैदियों के फरार होने के मामले में पुलिस ने जिस मास्टर माईंड को गिरफ्तार किया है उसके द्वारा जो खुलासे प्रारंभिक रूप से किए जा रहे हैं वे मामले को और अधिक रौचक बना रहे हैं। मामले में सूत्रों की माने तो ये घटना पहले ही हो जाती है, लेकिन फरार चार में से एक आरोपी दुबेलाल धुर्वे का मोटापा आड़े आ रहा था, चुंकि जितनी जगह में से निकला जाना था वो उकसे मोटापे के अनुसार सकड़ी पड़ रही थी। इसके लिए दुबेलाल ने अपने अन्य साथियों के समक्ष शर्त रखी कि जब तक मैं दुबला न हो जाउं तक तक कोई भागेगा नहीं। इसी तरह वारदात में भागे हुए अन्य आरोपियों के कुछ परिजनों सहित लगभग 14 आरोपियों के होने की संभावना है। मामले में जल्द ही नीमच पुलिस कोई अधिकारिक खुलासा कर सकती है।
गौरतलब है, कि जिले के कनावटी जेल से शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एनडीपीएस में 10-10 साल का सजायाफ्ता मुजरिम नाहरसिंह पिता बंसीलाल बंजारा 20 वर्ष निवासी गणेशपुरा थाना भिंडर जिला उदयपुर राजस्थान, पंकज पिता राम नारायण मोगिया 21 वर्ष निवासी नरवाई थाना बड़ी सादड़ी जिला चित्तौडग़ढ़, दुष्कर्म के मामले में 10 साल सजा का दोषी दुबेलाल पिता दशरथ धुर्वे 19 वर्ष निवासी ग्राम गोगरी थाना नौगांवा जिला मंडला तथा 10 साल की जीपीएस मामले में सजा काट रहा लेखराज पिता रमेश बावरी 29 वर्ष निवासी ग्राम चंदवासा थाना मल्हारगढ़ जिला मंदसौर फरार हो गए थे।
उक्त मामले में आनफ-फानन में जिला पुलिस ने करीब 10 पार्टियां संभावित ठिकानों पर पहुंचाई, जिसके चलते मामले का मास्टर माईंड विनोद पिता दारासिंह दांगी निवासी सुआखेड़ा थाना जावर पुलिस के हत्थे चढ़ा। बता दें कि विनोद भी इसी जेल में एनडीपीएस के मामले में सजा काट रहा है और 11 जून को पैरोल पर बाहर आया था। इसी पैरोल के दौरान भी उसका जेल में आना-जाना लगा रहता था और वह अन्य कैदियों के लगातार संपर्क में रहा। इधर, मामले में अपूष्ट खबरों पर गौर करें तो प्रारंभिक पूछताछ में विनोद ने बताया कि यह घटना तो एकाध माह पूर्व ही घटित हो जाती है, लेकिन फरार आरोपी दुबेलाल मोटा था और बैरेक के सरिये काटने का जो मापदंड तय किया गया था वो उसके आड़े आ रहा था। एसे में दुबेलाल ने अपने आपको दुबला करने के लिए जेल में रहकर ही डायटिंग की और जब दुबेलाल तय माप दंड के अनुसार दुबला हो गया तो वहीं से जेल के सरिये काटने व अन्य तरह की योजना बनाई गई।
नींद की गोलियां भी बरामद हुई जेल से
सूत्रों की माने तो उक्त संगीन अपराध की पड़ताल के दौरान पुलिस ने पुलिस व जेल विभाग के आला अधिकारियों ने जेल से रसना व छाछ के पैकेट सहित नींद की गोलियां तक बरामद की है। इस बरामदगी की पूछताछ में विनोद ने खुलासा किया है, कि बिते कुछ दिनों से जेल में कैदियों को छाछ व रसना पीलाई जा रही थी, जिसमें चोरी-छूपे नींद की गोलियां मिला दी जाती थी। इसके चलते संबंधित बैरेक के अन्य 22 कैदियों व जेल के अन्य पहरेदारों को नींद आ जाती थी। इसी नींद का लाभ उठाकर प्रतिदिन बैरेक के सरिये आरी के पत्ते से काटे जा रहे थे। उक्त मामले में दो जेल प्रहरियों ईश्वरचंद व विजेंद्र धाकड़ की संलिप्तता भी थी जिनके खिलाफ 120-बी का केस भी दर्ज करवाया गया है।
इन 10 लोगों की है भूमिका
एसपी राकेशकुमार सगर के अनुसार आरोपियों को भगाने में जेल के अंदर के चार लोगों की भूमिका थी। इनमें दो प्रहरी ईश्वरचंद, विजेंद्र धाकड़ व दो कैदी पवन धाकड व रामप्रसाद धाकड़ ने अंदर से ही रस्सी पकड़ी। जेल के बाहर 6 लोग फरार करवाने के लिए पहले ही खड़े थे इनमें नाहरसिंह का भाई बबलू, पंकज का पिता रामनारायण, मित्र कमललाल, घटना का मास्टर माईंड विनोद डांगी व दो अन्य लोग शामिल हैं।
11 नबंर में ही बंद है घनश्याम धाकड़ भी
गौरतलब है कि पूर्व में खुद का मृत घोषित कर लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात तस्कर घनश्याम धाकड़ भी इसी 11 नंबर बैरेक में बंद है। बता दें कि घनश्याम को पीछले दिनों ही नीमच पुलिस ने तस्करी करते गिरफ्तार किया है और घनश्याम धाकड़ के मामले की जांच खुद सीबीआई भी कर रही है।

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