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शिक्षक कांग्रेस की प्रदेश प्रतिनिधि सभा का आयोजन संपन्न

शिक्षक कांग्रेस की प्रदेश प्रतिनिधि सभा का आयोजन संपन्न

शिक्षक कांग्रेस की प्रदेश प्रतिनिधि सभा का आयोजन संपन्न

मंदसौर। मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को भोपाल के हिंदी भवन में मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के पूरे प्रदेश की प्रांतीय कार्यकारिणी, संभाग और जिले की प्रतिनिधियों की बैठक संपन्न हुई।
यह बैठक लगभग 6 घंटे चली जिसमें सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखें और सरकार के 6 माह के कार्यकाल पर संतोष व्यक्त किया साथ ही प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि जिस प्रकार से जन अभियान परिषद और माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में एक संगठन विशेष ने कब्जा कर रखा था और जिस प्रकार के उन्हें हटाया गया इसी प्रकार से संचालक लोक शिक्षण और राज्य शिक्षा केंद्र, जिला शिक्षा केंद्र, जनपद शिक्षा केंद्र पर संगठन विशेष के समर्थकों ने अपना कब्जा जमा रखा है।
जिसे हटाने का आग्रह किया और संभव है कि एक माह में ही विगत कई वर्षों से जमे हुए बीआरसी, सीएसी, एपीसी, डीपीसी को अपने पदों से हाथ धोना पड़ेगा और वे उन्हें स्कूल की तरफ अपना मुंह करना पड़ेगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी अमृता सिंह राय, डॉ राजेन्द्र चन्द्रकांत रॉय विशेष अतिथि के रूप में प्रांत अध्यक्ष निर्मल अग्रवाल कार्यकारी, अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी, एनडी वैष्णव थे, अध्यक्षता रामेश्वर नीखरा पूर्व सांसद ने की। शिक्षक राष्ट्र शिल्पी कार्यक्रम की शुरुआत में अपने उद्बोधन में डॉक्टर राजेंद्र चंद्रकांत राय ने बताया कि हम शिल्पकार की मूर्ति देखकर मोहित हो जाते हैं जबकि वह बेजान मूर्तियां गढ़ता और शिक्षक तो प्राणवान मूर्तियों में संस्कार, देश भक्ति और जीवन के रंग भरता हैं, विद्यार्थी शिक्षक की अनुपम कलाकृति है भावी भारत का आईना है शिक्षक उसमे प्रेम, संस्कार, संस्कृति, शिक्षा का सर्जन और संचार करता है, वही समाज और राष्ट्र का सबसे बड़ा शिल्पी है।
शिक्षक का सम्मान राष्ट्रीय आवश्यकता
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षक कांग्रेस के संंस्थापक एवं संरक्षक रामेश्वर नीखरा ने बताया कि मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस का उद्देश्य कि पहले कर्तव्य अधिकार फिर अधिकार और शिक्षक का सम्मान राष्ट्रीय आवश्यकता है इस बात को उन्होंने राजीव गांधी जी की नई शिक्षा नीति की बहस में ले भाग लेते हुए संसद में कहा था कि शिक्षक का सम्मान राष्ट्रीय सम्मान है और शिक्षक का अपमान राष्ट्रीय अपमान है। उन्होंने शिक्षक कांग्रेस की स्थापना में स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी की योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की कि पचमढ़ी अधिवेशन में लगभग 10,000 शिक्षकों के बीच राजीव गांधी जी ने प्रदेश के शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान दिया था शिक्षकों को जिससे प्रदेश के शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह जी के योगदान को भी उन्होंने याद किया।
योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार
शिक्षक कांग्रेस के कार्यकारी प्रांन्तध्यक्ष एवं शिक्षा शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी ने बताया कि आज 6 माह बाद सरकार के राज्य शिक्षा केंद्र जनपद शिक्षा केंद्र जिला शिक्षा केंद्र से लगा कर लोक शिक्षण संचालनालय में भाजपा की मानसिकता लिए हुए अधिकारी बैठे हैं और वे सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ा रहे हैं जिससे सरकार की बदनामी हो रही है और वर्ग विशेष के प्रतिनिधित्व करने वाले 10- 15 वर्षों से बैठे शिक्षा विभाग के माफिया मजबूत हो चुके हैं कि मंत्रियों की अनसुनी करने लगे इसलिए सबक सिखाना आवश्यक हो गया है त्रिपाठी ने कहा कि हेड स्टार्ट के नाम पर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है।
भाई-भतीजावाद-लालफीताशाही का साम्राज्य
कार्यकारी प्रांताध्यक्ष एन डी वैष्णव ने कहा कि कोरिया जाने वाली टीम में एक भी शिक्षक नहीं था, जबकि एक वर्ग विशेष से संबंध रखने वाले अधिकारी कर्मचारी राज्य शिक्षा केंद्र में कुंडली मारकर बैठे हैं उन्होंने अपने परिजनों को कोरिया घूमने का मौका दिया गया है।
उनके कोरिया जाने से शिक्षा में गुणवत्ता कैसे आएगी यह सबसे बड़ा विचार सवाल है क्योंकि इनमें एक भी प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक सम्मिलित नहीं था जबकि प्रदेश में कई उत्कृष्ट शासकीय प्राथमिक माध्यमिक स्कूल है जहां पर कर्नाटक सरकार के शिक्षक यहां के नवाचार सीखने प्रदेश में आ रहे हैं, मध्य प्रदेश के शिक्षक दिल्ली, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में सम्मानित हो रहे हैं। वैष्णव ने कहा कि अगर ऐसी भरी गर्मी में एसी में बैठे अधिकारी अगर विद्यालय में जाएं तो उन्हें पता चल जाएगा कि प्रदेश के शिक्षक किस हाल में अध्यापन कार्य करवा रहे हैं।
कार्यक्रम के का संचालन प्रांतीय महामंत्री नवनीत चतुर्वेदी एवं प्रेम नारायण तिवारी ने किया प्रदेश अध्यक्ष निर्मल अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। प्रांत अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत पुष्प मालाओं से सभी किया।
शिक्षक भी देश का रक्षक
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पत्रकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी अमृता रॉय सिंह ने कहा कि केवल सीमाओं पर रखवाली करना ही राष्ट्रभक्ति नहीं है देश की भावी पीढ़ी को गढऩा उसमें संस्कार, संस्कृति, अनुशासन, देश प्रेम की भावनाएं भरना भी राष्ट्र भक्ति है, और यह कार्य हमारे सामने बैठे शिक्षक कांग्रेस के प्रतिनिधि कर रहे हैं। उन्होंने भूटान का उदाहरण देते हुए बताया कि भूटान सरकार ने वहां के शिक्षकों को प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों से भी अधिक वेतनमान दिया है 10 वर्ष सेवा कर चुके शिक्षकों को 33फीसदी और उनसे अधिक सेवा कर चुके शिक्षकों को लगभग 55 फ़ीसदी तक वेतन अधिक दिया जा रहा हैं क्योंकि शिक्षक देश की सभ्यता संस्कृति का संवाहक होता है अगर शिक्षकों को की उपेक्षा की गई तो उससे देश को बहुत बड़ा नुकसान होगा।
इन्होंने लिया भाग
इस प्रतिनिधि सभा में कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष एनडी वैष्णव, प्रांतीय संगठन सचिव भगवान सिंह आंजना, जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा कार्यकारी जिलाध्यक्ष अशोक पाटीदार, ओमप्रकाश पाटीदार, हरीश नामदेव, बाबूलाल भीरमा, धीरेंद्र सक्सैना, मोहन सामेरिया, रोशन बाबू नीलगर, वीरेंद्र कुमार लोहार, नरेश भारती आदि ने भाग लिया।

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