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भ्र्रष्टाचार की नई इबारते लिखता आरटीओ विभाग

भ्र्रष्टाचार की नई इबारते लिखता आरटीओ विभाग

भ्र्रष्टाचार की नई इबारते लिखता आरटीओ विभाग

हेवी व्हीकल लायसेंस नवीनीकरण में सवा लाख प्रतिदिन भ्रष्टाचार होने का अनुमान!

मंदसौर। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ‘दास्ताने भ्रष्टाचारÓ की स्याही प्रदेश सरकार के बदलने के बाद और गाढ़ी होती जा रही है… तिजारत के तोर पर यहां दलाल प्रथा लम्बे समय से बंद है लेकिन बिना दलाल के इस विभाग का पत्ता नहीं हिलता। शासन के जायज कार्यो को नाजायज बनाने के यहां के कारिंदों के भ्रष्ट शगल को एआरटीओ अंधा तमाशाबीन बना देख रहा है। पग-पग पर चल रहे यहां के भ्रष्टाचार और बदइंतजामियाँ बड़ी खोज का विषय है।
सूत्र बताते है हेवी व्हीकल लायसेंस नवीनीकरण हेतु दलाल और विभाग की सांठ-गांठ के चलते जर्बदस्त भ्रष्टाचार चल रहा है, जानकारी अनुसार इस प्रकार के ड्रायविंग लायसेंस नवीनीकरण हेतु गर्वमेन्ट शुल्क सहित कुल 500 रू चार्ज होता है। लेकिन यहां दलाल और बाबुओं का काकस इस काम के 6 से 7 हजार रू ऐंठ लेते है, हेवी व्हीकल के ड्रायवर्स की कोई एप्रोज नहीं होती इसलिए वह काकस की इस वसूली का आसानी से शिकार हो जाता है।
कहने को तो इस विभाग में दलाल प्रथा अधिकृत तोर पर बंद है लेकिन अनाधिकृत रूप से बिना दलाल के कोई काम नहीं होता। सीधे कोई बंदा लायसेंस बनाने के लिये आ भी जाए तो डायरेक्ट उसे कम्प्यूटर पर बिठा देते है और फेल कर देते है जबकि दलाल अगर एक ही समय में 20-30 लायसेंस लाये सब हो पास हो जाता है।
8 किलोमीटर दूर इस ऑफीस तक आने में हेवी व्हीकल चालक को पसीना आ जाता है, जिसकी जान बूझकर तारीख चुका दी जाती है, फिर बाबू, दलाल मिलाकर लेट फीस दिलवाने का पैतरा चलाते है। ड्रायवर वैसे भी रूट की गाड़ी से छुट्टी लेकर इस विभाग में आता है जिसकी तनख्वाह मोटर मालिक काट लेता है। फिर ड्रायवर को चक्कर घिन्नी बना दिया जाता है, इस प्रक्रिया के चलते मोटर मालिक द्वारा दूसरा ड्रायवर रखने का खतरा मंडराता देख ड्रायवर दलाल और बाबुओं के शिकंजे में फंस जाता है, फिर लायसेंस नहीं होने पर मोटर मालिक ड्रायवर को स्टेरिंग पर बैठने नहीं देता। हालांकि आरटीओ विभाग हेवी व्हीकल लायसेंस प्रतिदिन 7 या 8 नवीनीकरण की बात कहता है लेकिन सूत्र बताते है कि प्रतिदिन लगभग 100 लायसेंसों की आमद इस विभाग में होती है, जिसमें लगभग 25 छोटे व्हीकल, 25 नये, 25 लर्निंग और 25 हेवी व्हीकल के नवीनीकरण के लायसेंस होते है, इनकी संख्या में घटोत्री-बढ़ोत्तरी होती रहती है। अगर 25 लायसेंस हेवी व्हीकल के मान भी ले तो प्रति लायसेंस पर कम से कम 5 हजार का भ्रष्टाचार होने की खबर है और इस मान से दलाल बाबू मिलकर सवा लाख रूपये का भ्रष्टाचार प्रतिदिन कर रहे है?
अलग-अलग तरीके है!
सूत्र बताते है कि यहां के बंदों की भ्रष्टाचार की काली माई का इन्वेस्टमेंट भी शातिराना स्टाईल में किया जाता है, जांच एजेन्सियों के लिये ये खोज का विषय हो सकता है, निष्पक्ष जांच हो तो अधिकारी को छोड़ अदने बाबूओं द्वारा इधर-उधर लगाई और इक_ा की गई करोड़ों की काली कमाई उजागर हो सकती है।

patallok

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