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एसपी बदलते ही शुरू हुई तस्करों से खोखों की खेती

एसपी बदलते ही शुरू हुई तस्करों से खोखों की खेती

एसपी बदलते ही शुरू हुई तस्करों से खोखों की खेती

नोजवान कप्तान की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थानों के कारिंदे

19 दिन में महज एक मामले में लगी 8/29, उसमें भी आरोपी है फरार
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

नवागत और नौजवान कप्तान हितेश चौधरी के आते ही जिले में मादक पदार्थ तस्करी के मामले पकड़े जाने लगे हैं। अच्छी बात भी है कि तस्करों पर नकेल कसी जाना चाहिए, लेकिन दूर से भले ही इन प्रकरणों से तस्करी पर नकेल कसी जाती दिख रही है, लेकिन असल माजरा यह है, कि यही तो वे मामले हैं जिनसे आसानी से और फटाफट जेब गर्म की जा सकती है। शायद यही कारण है, कि 19 दिनों एनडपीएस के मामले हुए और महज एक केस में 8/29 की कार्रवाई हुई उसमें भी अभी आरोपी फरार ही है। एक और ताजा कहानी नाहरगढ़ थाने में भी चल रही है, जिसे लेकर खबर नविज़ों की लगातार सक्रियता कि चलते बुधवार शाम कप्तान चौधरी खुद नाहरगढ़ थाने पर पहुंच गए। अब देखना यह है, कि नए कप्तान के रहते एनडीपीएस के मामलों में वही तोड़ बट्टे वाली परिपाठी चलती रहेगी या खाकी के इस रवैये पर कोई नकेल कसाएगी।
जिले में जब तक एसपी के रूप आईपीएस विवेक अग्रवाल मौजूद रहे तब तक भावगढ़ से लेकर गांधीसागर थाने तक सभी निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की हवा टाईट रही। कोई चाहकर भी एनडीपीएस के मामले में हाथ नहीं आजमा रहा था। क्योंकि सबको पता था कि यदि एनडीपीएस कर भी लिया तो हाथे-पल्ले कुछ आना नहीं है और उल्टा लेवाल से लेकर देवाल तक को पकडऩे की जबरन की मशक्कत करना पड़ सकती है, लेकिन जैसे ही विवेक अग्रवाल के मंदसौर से रवानगी की खबर आई वैसे ही एनडीपीएस के मामलों में मास्टर कहे जाने वाले जिले के तमाम निरीक्षक और एसआई सक्रिय हो गए और एक के बाद एक तस्करों से खोखों की खेती का दौर प्रारंभ हो गया। आंकड़ों पर गौर करें तो चालू माह के 19 दिनों में अब तक जिले के 4 थानों ने 6 एनडीपीएस कर दिए है और ताज्जूब की बात यह है, कि महज एक मामले में 8/29 लग पाई है जो लेवाल या देवाल पर लगना चाहिए। खास बात यह है, कि इसमें भी जिन पर 8/29 लगी उनका अब तक कोई ठिकाना नहीं है और कप्तान ने इसी के चलते जांच दूसरे थाने के अधिकारी का सौंप दी है। कुल मिलाकर थानों के ये कारिंदे नोजवान कप्तान की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
कहां है खंखरई का मोहन और चेनसिंह
2 जून 45 किलो डोडाचूरा के साथ पिपलियामंडी पुलिस ने मय ट्रैक्टर ट्रॉली सोमदेव पिता रूघनाथ गुर्जर 55 साल निवासी खेड़ा खदान को गिरफ्तार किया था। इस मामले में 4 जून को पीआर के पूर्ण होने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया व खंखरई निवासी मोहनसिंहि पिता चेनसिंह राजपूत व कृष्णपालसिंह राजपूत का माल होने पर उसके विरूद्ध केस दर्ज कर उनकी तलाश प्रारंभ की जो अब तक पूर्ण नहीं हो पाई। मामले में जब पिपलियामंडी निरीक्षक नरेंद्र यादव से बात करना चाही तो उनका मोबाइल नंबर 7049132015 बुधवार शाम 7.23 पर बंद आ रहा था।
झायलो के सरदारों का दुकानदार कौन
3 जून 4 किलो अफीम के साथ भानपुरा पुलिस ने मय झायलो जसपालसिंह पिता अुर्जनसिंह पंजाबी 40 साल व रघुवीरसिंह उर्फ रणधीरसिंह पिता बलबिंदरसिंह 23 साल दोनों निवासी पटियाला पंजाब को गिरफ्तार किया। उक्त मादक पदार्थ किस के यहां से लाया जा रहा था और कहां सप्लाय होना था। इस जांच का भी अब तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है। मामले में जब भानपुर एसआई राकेश चौधरी से बात करना चाही तो उनका मोबाइल नंबर 7049131984 बुधवार शाम 7.26 पर बंद आ रहा था।
ब्राउन शुगर में क्यों बदला जांच अधिकारी
12 जून 1 किलो 270 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ मय ट्रक भानपुरा पुलिस ने सुरेश पिता औंकारलाल कुशवाह 42 साल व पीरूसिंह पिता वजेसिंह सौंधिया राजपूत 22 साल दोनों निवासी बर्डिया इस्तमुरार को गिरफ्तार किया। इस मामले में खुलासा करते हुए एसपी हितेश चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया था कि बर्डिया इस्तमुरार के किसी देवीलाल व मंदसौर के किसी ईश्वर की भूमिका संदिग्ध भी थी, जिनका अब तक कोई ठिकाना नहीं है। ट्रक मालिक की डिटेल सुखलिया इंदौर निवासी ओमप्रकाश पिता भंवरलाल के रूप में सामने आई थी। वहां तक भी पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई। बताया जा रहा कि कप्तान को इस मामले में किसी तरह की भनक लग जाने पर उनने मामले की जांच गरोठ एसआई बीबी हिरवे को सौंप दी है।
लाड़ में आ गया नाहरगढ़ थाना
18 जून नाहरगढ़ पुलिस ने 4.80 क्ंिवटल डोडाचूरा से भरी एक पिकअप पकड़ी। पुलिस के अनुसार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जबकि गाड़ी के इंजिन और चेचिस नंबर से आरोपियों तक आसानी से पहुंचा जा सकता था, लेकिन करे क्या इस मामले में भी किसी नेताजी पर पहले ही लाड़ बरसाया जा चुका था। खैर खुद कप्तान बुधवार शाम को नाहरगढ़ थाने पर पहुंचे थे अब देखना यह है, कि यहां कौन-कौन लाड़ में आ रहा है और उस पर क्या गाज गिरती है।
क्या कहते हैं कप्तान
ये तो विवेचना की बात है जो लगातार चल रही है। हर मामले में विवेचक अपने स्तर पर फरार आरोपियों सहित माल कहां से आया कहां जाना था इन तक भी पहुंचने का प्रयास कर ही रहा होगा। बावजूद इसके हम भी अपने स्तर से हर मामले पर निगाह बनाए बना रखें हैं। यदि किसी भी मामले में हमें पता चला कि किसी तरह से किसी को बायपास करने का प्रयास किया गया है, तो संबंधित विवेचक पर कार्रवाई की जाएगी।
-हितेश चौधरी, एसपी

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