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पार्षद पुत्र ले रहा नपा में सरकारी ठेके

पार्षद पुत्र ले रहा नपा में सरकारी ठेके

पार्षद पुत्र ले रहा नपा में सरकारी ठेके

नियमों के विपरित अब तक कई ठेके ले चुका है पार्षद यशवंत भावसार का बेटा

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
सरकारी विभागों में निर्माण कार्यों व अन्य ठेकों में नियम यह है, कि कोई भी जनप्रतिनिधि या जनप्रतिनिधि के परिवार का कोई भी सदस्य अथवा जिससे उनके रक्त संबंध हैै वह व्यक्ति कोई सरकारी ठेका नहीं ले सकता। बावजूद इसके नगर पालिका परिषद में इस नियम का जमकर मखौल उढ़ाया जा रहा है। पाषर्द यशवंत भावसार अपने पुत्र के नाम से लगातार ठेके लिए जा रहे हैं और लाभ प्राप्त कर रहे हैं। खास बात यह है, कि अभी के 6 माह छोड़ दें तो इस पूरी परिषद में अब तक विपक्ष में रही कांग्रेस भी इस मुद्दे को भुना नहीं पाई और तो और वर्तमान ठेका भी यशवंत भावसार के पुत्र का एक कांग्रेस पार्षद के वार्ड में ही चल रहा है।
बात तकरीबन 6 लाख रूपए की लागत से वार्ड क्रमांक 38 पूर्व नपाध्यक्ष रेणुका रामावत की गली रामटेकरी पर बन रही सीसी रोड की हो रही है। उक्त निर्माण अभी चालू ही हुआ है, कि ठेकेदार विजय पिता यशवंत भावसार ने अपने हिसाब से सब कुछ घाल मेल करना भी शुरू कर दिया है। खैर फिलहाल बात की जाए सरकार के नियमों की तो यह ठेका ही नियमों के विपरित दिया हुआ है। विधायक निधि से हो रहे इस निर्माण कार्य का ठेका भाजपा नीत नपा ने इसी परिषद के एक पार्षद के बेटे को दे दिया जो पूरी तरह नियमों के परे है। गौरतलब है, कि यह पहला ठेका नहीं है जो पार्षद यशवंत भावसार ने अपने पुत्र के नाम से लिए। इसके पूर्व में भी अनेक ठेके वे अपने पार्षद बनने के बाद ले चुके हैं। चुंकि पिता पार्षद है तो बेटे के ठेके का विरोध नपा के कोई कर्मचारी या अधिकारी तो कर नहीं सकते, लेकिन एक बात और समझ से परे है कि विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने अब तक इस बात का विरोध क्यों नहीं दर्ज किया।
पार्षद को क्यों नहीं बुलाया भूमि पूजन में
इस ठेके को लेकर एक चर्चा और बाजार में अभी चार दिन पूर्व भूमि पूजन वाले दिन भी यों गर्म हो गई, कि विधायक निधि के इस कार्य में क्षेत्रिय पार्षद को ही आमंत्रित नहीं किया गया। जबकि मामले में पार्षद का आरोप है, कि भाजपाईयों ने मिलकर इस तरह मेरे साथ दूज-भात की और मेरे द्वारा जनहित के चलते विरोध नहीं किया गया। मामले में विधायक यशपालसिंह ने तो यहां तक कह दिया कि हां हम ने नहीं बुलाया पार्षद को। क्योंकि ये कार्यक्रम तो भाजपा मंडल ने व क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने तय किया था। इसमें हम ने नपा को इन्वॉल्व ही नहीं किया। अब विधायकजी ने यह कह तो दिया, लेकिन यक्ष प्रश्न ये है कि क्या अब भाजपाई ही तय करेंगे कि विधायक निधि कहां खर्च होना चाहिए और उसके भूमि पूजन या लोकार्पण में कौन आना चाहिए और कौन नहीं। खैर इससे बड़ी बात यह है, कि विधायकजी के शब्दों पर गौर करें तो मतलब नपा जो इस कार्य की सरकारी नोडल एजेंसी है उसका कोई रोल ही नहीं रहा।
पार्षद ने ही एडजस्ट करवाया भुगतान
इधर, पार्षद डिकपालसिंह भाटी की माने तो गड्ढों से भरी इस रोड के चलते सालों से जनता परेशान हो रही थी, तो उनने खुद ठेकेदार से बार-बार काम चालू करने की बात कही। जबकि वे चाहते तो भाजपा पार्षद पुत्र को लाभ का विषय बीच में लाकर जनहित के इस कार्य को पहले ही ठंडे बस्ते में पहुंचा सकते थे। इतना ही नहीं भाटी को जब ठेकेदार ने कहा कि नपा भुगतान नहीं कर रही तो उनने नपा के अधिकारियों के पीछे लगकर किसी तरह इस कार्य का भुगतान एडजस्ट करवाया।
निर्माण में भी दूज-भात
अभी तो निर्माण कार्य प्रारंभ ही हुआ है, कि ठेकेदार ने अभी से निर्माण कार्य में दूज-भात प्रारंभ कर दी है। दरअसल यहां के कुछ रहवासियों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार द्वारा जो गली में जो प्रभावशील और धनाड्य लोग हैं उनके घर के आगे पूरी खुदाई करके सीसी निर्माण का मटेरियल डाल दिया, लेकिन कुछ लोगों के घर के आगे तय दो फिट जगह छोडऩे के उपर भी एक-डेड़ फिट जगह छोड़कर सीसी रोड निर्माण किया जा रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
यदि एसा किया गया है तो ये नियम और प्रावधानों से बिल्कुल परे हैं और गलत किया जा रहा है। चुंकि अब सब कुछ सेंशन हो चुका है तो मैं देखता हूं कि मैं इसमें क्या कर सकता हूं। इसी तरह मैं इस निर्माण कार्य के बिल आदि चेक करूंगा और उनका परीक्षण करवाउंगा।
-मिश्रा, सीएमओ, नपा

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