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बिजली को लेकर सरकार सख्त बंद में फील्ड में रहेगा स्टॉफ

बिजली को लेकर सरकार सख्त बंद में फील्ड में रहेगा स्टॉफ

बिजली को लेकर सरकार सख्त बंद में फील्ड में रहेगा स्टॉफ

मंदसौर। प्रदेश सरकार अघोषित कटौती को लेकर काफी सख्त हो गई है मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं, विगत दिनों से गर्मी भी रिकॉर्ड तोड़ चल रही है, ऐसे में अघोषित कटौती जहां आम लोगों के लिए जानलेवा बन रही है वहीं भाजपा को बैठे-बिठाए मिस्टर बंटाधार के राज का स्लोगन मिल गया है।
इसे लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ और ऊर्जा मंत्री प्रियव्रतसिंह भी पूरी तरह एक्शन मोड पर हैं और इंदौर उज्जैन संभाग के 12 जिलों में उनकी पूरी तरह नजर बनी हुई है आज भी उन्होंने 5 अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दे दिए हैं। इंदौर में आयोजित बैठक में प्रियव्रत सिंह खींची ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब बिजली सरप्लस है तो कटौती क्यों हो रही है और किसी भी प्रकार का कोई मेंटेनेंस सुबह 8:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक नहीं होगा उक्त अवधि में पूरा स्टाफ फील्ड में रहेगा और जहां कहीं भी बिजली बंद होने की सूचना मिलती है तत्काल उसे सुधारा जाएगा।
मेंटनेस जो भी करना है उसे शीघ्र ही निपटा लें और वह भी सुबह 6:00 बजे से पहले ही मेंटेनेंस का जो कार्य करना है वह कर ले, दिन में गर्मी को देखते हुए उपभोक्ताओं को पूरी बिजली मिलना चाहिए और दिन में किसी भी प्रकार की कोई कटौती होना नहीं चाहिए।
अघोषित कटोंती से सरकार की बदनामी हो रही है और भाजपा को मुद्दा मिल रहा है कि कांग्रेस की सरकार है और लाइटों की स्थिति बदतर हो जाएगी जबकि भाजपा सरकार में खरीदे गए उपकरण इतने घटिया किस्म के हैं कि आप उनका पूरा लोड नहीं उठा पा रहे हैं और बार-बार खराब हो रहे हैं, सरकार एक तरफ घटिया निर्माण घटिया सामग्री खरीदने के लिए भी जांच की योजना बना रही है।
भाजपा की मानसिकता वाले अधिकारियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं क्योंकि जिस दिन से बिजली विभाग में भाजपा के एक नेता और बिजली विभाग के अधिकारी का ऑडियो वायरल हुआ है तब से पूरे देश में पूरे मध्यप्रदेश में कांग्रेसी कार्यकर्ता बिजली विभाग के अधिकारी एक दूसरे के आमने सामने आ रहे हैं जिससे विवाद भी पैदा होने की स्थिति बन रही है।
किंतु वर्तमान में आम जनता बिजली कटौती के खिलाफ बिजली विभाग से नाराज है और सरकार के साथ है ऐसे में बिजली विभाग को भी शासन और जन भावनाओं को देखते हुए सुबह 8:00 बजे से रात को 12:00 बजे तक लाइट में किसी प्रकार की कटौती ना हो ऐसे प्रयास करना ही हो होंगे अन्यथा स्थितियां बिगड़ सकती है और बिजली कर्मचारियों के सामने मुसीबत खड़ी हो सकती है।
अभी भी जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर अघोषित कटौती हो रही है जिसके समाचार मिल रहे हैं बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जब तक बारिश ना हो जाए और मौसम ठंडा ना हो जाए तब तक बिजली का ध्यान देना होगा।
भीषण बिजली संकट के विरोध में भाजपा की चिमनी यात्रा
मन्दसौर। प्रदेश में कमलनाथ सरकार की नाकामी के कारण भीषण बिजली का संकट उत्पन्न हो गया है, आम नागरिक हैरान-परेशान है। भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सुराणा ने बताया कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के समय पर्याप्त बिजली थी। नियमित रूप से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आपूर्ति की जा रही है। आज मध्यप्रदेश में बिजली को लेकर हालात बेहद दुर्भाग्य पूर्ण है। जहां सरकार पानी और बिजली जैसी समस्याओं पर भी अपनी जिम्मेदारिया निभाने के बजाये अधिकारियों को कोसती है तो कभी बिजली उपकरणों की गुणवत्ता पर प्रश्न खड़े करती है। इसी बिजली संकट को लेकर के भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी आम नागरिकों के साथ चिमनी यात्रा निकालेगी।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश नामदेव ने बताया कि 12 जून बुधवार को सांय 7 बजे चिमनी यात्रा भाजपा कार्यालय से प्रारम्भ होकर बस स्टेण्ड, निलम होटल, कालाखेत, उत्तम टेलर से जाटो का मंदिर, शुक्ला चौक, गणपति चौक जनकुपूरा, बड़ा चौक, धानमण्डी, सदर बाजार से घण्टाघर होती हुई भाजपा जिला कार्यालय पर समापन होगा। भाजपा जिलाध्यक्ष सुराणा, जिला महामंत्री अजयसिंह चौहान, महेन्द्र चौरडिया, अशोक सूर्यवंशी, मन्दसौर उत्तर मण्डल अध्यक्ष नरेश चंदवानी, दक्षिण मण्डल अध्यक्ष संजय मुरडिया, दलौदा मण्डल चन्द्रशेखर मण्डलोई, मन्दसौर ग्रामीण नरेन्द्र पाटीदार ने चिमनी यात्रा में सम्मिलित होकर सोई सरकार को जगाने में भागीदार बनने की अपील की है।

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