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अंगुली की श्याही ने छोड़ी देश के अगले पांच साल की छाप

सरकार को चुनने उठी जनता की उंगली, ईवीएम में कैद हुआ भारत सरकार का स्वरूप, चार दिन के इंतजार के बाद स्पष्ट होगा सांसद का चेहरा, लोस क्षेत्र में रिकॉर्ड तोड़ ७७.७० मतदान

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
लोकतंत्र सबसे बड़े उत्सव मतदान को पूरे संसदीय क्षेत्र में भी पूरे उत्साह के साथ मतदाताओं ने मनाया। इसका एक उदाहरण यह भी है, कि भरी दोपहरी जब गर्मी अपने पूरे पाण पर थी तब भी मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ता चला गया और अंत तक अब तक का रिकॉर्ड तोड़ मतदान ७७.७० प्रतिशत आया। भारत सरकार को चुनने के लिए जनता की अंगुली जमकर उठी और श्याही के निशान ने अगले पांच साल की सरकार की छाप छोड़ी। ईवीएम रूपी यंत्र में लोकतंत्र का भविष्य अगले चार दिन के लिए कैद हुआ। जिले में कुछेक स्थानों पर बहिष्कार की स्थिति बनी, लेकिन बाद में समझाईश के बाद मतदान प्रारंभ हुआ। इसी तरह जिला मुख्यालय में कालाखेत के करीब दो सौ मतदाताओं ने शराब दुकान मुद्दे पर बहिष्कार किया।
लोकसभा चुनाव को लेकर 7वें चरण का मतदान रविवार को संपन्न हुआ। मंदसौर संसदीय क्षेत्र में भी लोकतंत्र के इस महापर्व को जनता ने पूरे उत्साह के साथ मनाया। लोगों में वोटिंग के प्रति जबरदस्त जागरूकता देखी गई। कई मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे के पहले ही करीब 10 से 12 मतदाता पहुंच चुके थे और भीषण गर्मी में मतदान से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचना प्रारंभ हुए। दोपहर में कुछ समय के लिए मतदान केंद्रों पर भीड़ कम हुई, लेकिन शाम ढलते-ढलते पुन: मतदान केंद्रों पर कतार लगना प्रारंभ हो गई। अधिकांश मतदान केंद्रों पर 6 बजे बाद कोई कतार नहीं रही। जिलेभर में छूट-पूट बहिष्कार की खबरें भी आई, लेकिन जिम्मेदारों ने समय रहते पहुंचकर बहिष्कार को रोक लिया। इधर, भाजपा प्रत्याशी सांसद सुधीर गुप्ता ने कमला नेहरू स्कूल स्थित मतदान केंद्र व कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने ….स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मतों का प्रयोग किया। वहीं कलेक्टर धनराजू एस, एसपी विवेक अग्रवाल सहित तमाम जिम्मेदारों ने भी बाकायदा कतार में लगकर वोटिंग की। इधर, दिनभर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व नेता अपने-अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों के आसपास के गली-मोहल्लों में घुम-घुम कर लोगों से वोट डालने की अपील करते रहे। शाम 6 बजे तक मंदसौर जिले में लगभग 79 प्रतिशत मतदान हो चुका था, जो अब तक के तमाम लोस चुनावों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

झलकियां
ह्नशामगढ़ में दुल्हे लोकेंद्र पालसिंह नामक युवक की शादी हुई थी जिसकी बारात आज मतदान के दिन दुल्हन को लेकर सुबह वापसी बारात टकरावद गांव आई तो दुलल्हा दुल्हन को लेकर सुबह आज का दिन
ह्नमुल्तानपुरा में पहला वोट एक दिव्यांग ने किया।
ह्नभैसोदा स्थित शाउमावि केंद्र कं्र 74 पर टेंट की व्यवस्था नहीं थी, जिससे गर्मी में तपते रहे मतदाता।
ह्नशामगढ़ डाक बंगला परिसर में पार्टी विशेष की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा मतदान केंद्र परिसर में प्रचार को लेकर कांग्रेस ने जताया विरोध मौके पर टीआई संजय चौकसे पहुंचे मौके पर।
ह्नगांव नोगांवा में आंचल कक्ष दोपहर दो बजे ही बंद कर दिया गया।
तीन किमी वोट डालने की मजबूरी
शामगढ़ के बाल मंदिर में रेलवे ट्रैक से सटे बाल मंदिर को पोलिंग बूथ बनाया गया है। इस पोलिंग बूथ पर शामगढ़ से 3 किलोमीटर दूर स्थित मकड़ावन गांव के मतदाता भी वोट डालने आ रहे हैं और उनको अपने मत का उपयोग करने के लिए रेलवे ट्रैक को क्रॉस कर कर आना पड़ रहा है जिसमें बूढे और बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल है इस तरह से ट्रैक क्रॉस करने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है रेल प्रशासन के निर्वाचन आयोग द्वारा रेलवे ट्रैक के पास में कोई वैकल्पिक व्यवस्था पुलिस व्यवस्था नहीं करी गयी है जिससे बड़े हादसा होने की संभावना बनी हुई है।
भाजपाईयों ने नहीं दिखाई रूचि
पूरे दिन लोस चुनाव के दौरान एक चर्चा और यह भी आम रही कि शायद यह पहला चुनाव होगा जब भाजपाईयों ने जरा भी रूचि नहीं दिखाई। यहां तक चुनाव के दौरान डाक बंगले के पास व लखारा चौक आदि स्थानों पर लगी भाजपाईयों की टेबले तक खाली पड़ी रही। इसी तरह हर बार डोर-टू-डोर फिल्डींग करने वाली भाजपा और आरएसएस कहीं भी घर-घर जाते नहीं दिखाई दिए। इसके पिछे सूत्र यह भी कारण बता रहे हैं, कि भाजपाईयों को कहीं न कहीं जीत का ओवर कॉंफिडैंस है। खैर 23 मई को पता चल ही जाएगा।


यहां बीफरे मतदाता
ह्नग्राम पंचायत डोडिया मीणा के एक गांव में खनिज लिज की बात को लेकर नाराज ग्रामीणों ने बहिष्कार किया। खबरों के अनुसार सुबह 11.30 बजे तक यहां मतदान प्रारंभ नहीं हुआ था।
ह्नसीतामउ के कोचरियाखेड़ी में ग्रामीणों ने ओलावृष्टि में 70 प्रतिशत नुकसान का सर्वे होने के बावजूद मुआवजा न मिलने और बाद में गांव का नाम सूची से कट जाने के कारण बहिष्कार किया। खबरों के अनुसार यहां शाम तक 550 में से कुल 11 वोट डले थे।
ह्नसीतामउ के सुरखेड़ा में भी ग्रामीणों ने विरोध के चलते पोलिंग एजेंट भी नहीं बैठाए। खबरों के अनुसार यहां अधिकारियों व जिम्मेदारों की कोई समझाईश कारगर साबित नहीं हुई और हालांकि खबरों के अनुसार यहां बहिष्कार के पूर्व 4 वोट डल चुके थे।
ह्नशामगढ़ के पिछला में मतदान के बहिष्कार की सूचना के बाद तहसीलदार व पटवारी पहुंचे। यहां मगरे पर रोड निर्माण के लिए उदयपुर के एक ठेकेदार द्वारा मगरा खोदा जा रहा है जिसे रोकने के लिए कई बार ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को कहा, लेकिन कुछ नहीं होने से चुनाव का बहिष्कार किया गया। चंदवासा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे, लेकिन खबरों के अनुसार कोई असर नहीं हुआ।
ह्नबाबरेचा में भी विरोध के चलते ग्रामीणों ने सुबह नो बजे तक मतदान का बहिष्कार किया। बाद में अधिकारियों की समझाईश क बाद मतदान प्रारंभ हुआ।
ह्नसीतामउ के पतलासी छोटी में प्रशासनिक अमला समझाने पहुंचा, जिसके बाद सुबह 10 बजे प्रारंभ हुआ, लेकिन दोपहर एक बजे तक 18 वोट ही डल पाए थे।
ह्नशामगढ़ तहसील के भागड़ी के ग्रामीणों ने मतदान केंद्र दूसरे गांव में होने के कारण महदान का बहिष्कार किया। ये गांव मेलखेड़ा के पास है इस गांव की पंचायत बर्डिया पूणा लगती है। ग्रामीण समस्या से तंग आकर आज मतदाना का बहिष्कार कर रहे हैं।
इनने दिखाई हिम्मत
ह्न११८ वर्षीय एक महिला ने गरोठ बर्डिया अमरा स्थित मतदान केन्द्र पर किया मतदान।
ह्न113 की आयु में शामगढ़ के हाजी नूर मोहम्मद मंसूरी ने अपने पोते डॉ शौकत मंसूरी के साथ मतदान किया। नूर मोहम्मद का जन्म 1 दिसंबर 1906 में हुआ था।
ह्नगरोठ में धापूबाई विश्वकर्मा ने 104 वर्ष की आयु में मतदान कर अपनी जीवटता का परिचय दिया।
ह्ननीमच के धनेरिया कलां गांव में 102 साल के भंवरलाल सायकिल से मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान कर अन्य लोगों को भी वोटिंग का संदेश दिया।
ह्नतितरोद में 100 वर्ष की महिला केसरबाई ने किया मतदान कर राष्ट्र के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई।
ह्नजिला मुख्यालय जनकूपुरा स्थित मतदान केंद्र 119 माहेश्वरी स्कूल बड़ा चौक में 98 वर्षीय मांगीलाल सिसौदिया भीषण गर्मी में यहां पहुंचे और मतदान किया।
महिला-पुरूषवार मतदान
ह्नमंदसौर विस 128136 पुरूषों में से 101075 की वोटिंग 124033 महिला में से 91658 ने की वोटिंग।
ह्नमल्हारगढ विस क्षेत्र में 116397 पुरूषों में से 97980 ने मतदान किया। 113331 महिला में से 88009 ने मतदान किया।
ह्नसुवासरा विस में 131578 पुरूषों में से 108064 ने मतदान किया व 124948 महिला में से 93129 ने मतदान किया।
ह्नगरोठ विस क्षेत्र में 119051 पुरूषों में से 92544 ने मतदान किया व 112997 महिला में से 79154 ने मतदान किया।
ह्नमनासा विस में 95462 पुरूषों में से 78608 ने मतदान किया व 90226 महिला में से 68645 ने मतदान किया।
ह्नजावद विस में 87298 पुरूषों में से 70654 ने मतदान किया व 82736 महिला में से 62428 ने मतदान किया।
ह्ननीमच विस में 111206 पुरूषों में से 88828 ने मतदान किया व 106167 महिला में से 78753 ने मतदान किया।
ह्नजावरा विस 110073 पुरूषों में से 88704 ने मतदान किया व 104581 महिला में से 77957 ने मतदान किया।
स्वीप व सोशल मीडिया ने किया 6.46 प्रतिशत का इजाफा
लोकसभा निर्वाचन के लिए लगातार 2 महीने से स्वीप की गतिविधियां आयोजित की गई यह गतिविधियां न सिर्फ शहरों में बल्कि गांव-गांव एवं गली-गली में आयोजित की गई। सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाता जागरुकता गतिविधियों का प्रचार-प्रसार किया गया। इसका प्रभाव शहरों तक न होकर बल्कि गांव-गांव तक प्रभाव पड़ा। जिसका परिणाम मतदान दिवस के दिन देखने को मिला। इन गतिविधि के माध्यम से प्रत्येक घर में मतदान को लेकर जागरूकता उत्पन्न हुई इस मतदाता जागरूकता में युवाओं ने अधिकांश बढ़-चढ़कर भाग लिया, वहीं दूसरी तरफ ऐसे मतदाता जो मतदान करने में रुचि नहीं लेते थे। ऐसे मतदाताओं ने इस लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए विशेष रूचि दिखाई साथ ही उन्होंने अपने पड़ोसियों, परिवार व रिश्तेदारों को भी मतदान के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि लोकसभा निर्वाचन 2014 का प्रतिशत 71.24 रहा था। जबकी लोकसभा निर्वाचन 2019 का प्रतिशत 77.70 रहा। इस तरह 2014 की तुलना में 2019 का मतदान प्रतिशत 6.46 ज्यादा रहा।
घड़ी की टीक-टीक और
बढ़ता मतदान
समय प्रतिशत
सुबह 9 बजे 14.62
सुबह 11 बजे 32.65
दोप 01 बजे 50.88
दोप 03 बजे 62.22
सांय 05 बजे 72.96
सांय 06 बजे 77.70
यहां आई मशीन में खराबी
शामगढ़ मतदान केंद्र 217 प्राथमिक शासकीय भवन में वोटिंग मशीन खराब हुई थी। बाद में पुन: वोटिंग सुबह सवा नो बजे बाद में नई मशीन लगाने के बाद शुरू की गई। बताया जा रहा है, कि बाद में वीवी पेट अधिकारी प्रमोद वैद्य ने मशीन चेंज की। इसके पूर्व 122 वोट डल चुके थे। इसी तरह केंद्र 149 पर भी धीमी गति से मतदान चलता रहा। बताया जा रहा है, इसके पिछे मशीन की दिक्कत थी। इसी तरह खबरों के अनुसरा संजीत पोलिंग 162 पर भी इवीएम शाम पौने 6 बजे खराब होने की खबर है। यहीं संजीत में केंद्र 158 पर मॉक पोल के बाद भी मशीन खराब हुई थी। इवीएम 10 मिनट बाद देरी से शुरू हुआ मतदान।

गोपाल सेठिया और द्वारका सेठिया की करतूत
इधर, जिला मुख्यालय पर भी अभिनंदन नगर मेन में कुछ महिलाओं ने मतदान का बहिष्कार किया। दरअसल महिलाओं का आरोप था, कि कॉलोनाईजर गोपाल सेठिया व द्वारका सेठिया द्वारा बगीचे की भूमि में बाउंड्रीवाल का काम रूकवा दिया है और बगीचे की भूमि पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते कई बार शिकायतें की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। हालांकि बाद में यहां पहुंचे कुछ भाजपा नेताओं की समझाईश के बाद महिलाएं मतदान के लिए मानी।
मतदाता ही मर गया
मल्हारगढ़ के ग्राम गर्रावद निवासी नवनसिंह पिता भवानीसिंह 42 साल को पहले अपने मत से वंचित रहना पड़ा। क्योंकि त्रुटिवश उन्हें मृत मानते हुए उनका नाम काट दिया गया। जबकि मौत तो गांव के ही नवलसिंह पिता रामसिंह की हुई थी। उनकी जगह नवलसिंह पिता भूवानसिंह का नाम काट दिया गया। बाद में जब संबंधित अधिकारी को पता चला तो उनने मतदान केंद्र 135 प्राशाभवन गर्रावद पर हुए इस घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए नवलसिंह पिता भूवनसिंह की पर्ची और पूरी तरह अपनी खाना पूर्ति कर उच्च अधिकारियों से बात कर वंचित नवलसिंह का वोट डलवाया।
ईडीसी नहीं मिलने से रह गए मतदाता
जिले में कई सरकारी मतदाता एसे भी हैं, जिनकी ईडीसी तो जारी हुई, लेकिन उन्हें नहीं मिली और बाद में वे मतदान से वंचित रह गए। एसा ही एक मामला महेश पिता राजेंद्र माली चालक का है, जिसकी इडीसी जारी हुई और गाड़ी केंसल हो गई। जिससे उनका मतदान शामगढ़ में ही होना था, लेकिन शामगढ़ में मतदान नहीं हो पाया। इसी तरह पीठासीन अधिकारी भागवंत बामनिया का कहना मेरी खुद की इडीसी जारी हुई लेकिन नहीं मिली मैं अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहती हू लेकिन नहीं कर पा रही हू। मैं अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहती हूं। यही समस्या महेश माली के साथ भी हो रही है।

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