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पूर्व व वर्तमान मंत्री की प्रेस वार्ता में दिखा नायक का सीन

जवाब देते नहीं बना तो प्रदेश के खाद्य मंत्री ने कह दिया अब इसे बंद करके अनौपचारिक चर्चा कर लें

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
जिला मुख्यालय पर चुनाव के एन पहले प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री प्रद्युमनसिंह तोमर व कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन की प्रेस वार्ता उस वक्त चर्चा का विषय बन गई जब यहां एक पल के लिए फिल्म नायक जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया। दरअसल यहां खाद्य मंत्री सिंह से जब मीडिया के सवालों का जवाब देते नहीं बना तो मंत्रीजी ने यह तक कह दिया कि अब इसे बंद कर के अनौपचारिक चर्चा कर लेें। दरअसल गंगा शुद्धिकरण, स्थानीय विकास, व्यापारियों पर आयकर छापे जैसे मुद्दों पर मीडिया की ओर से हुई सवालों की बारिश पर दोनों मंत्री घीरते ही चले जा रहे थे।
शुक्रवार दोपहर शहर की एक निजी होटल में हुई प्रेस वार्ता के दौरान पहले तो खाद्य मंत्री सिंह व पूर्व केंद्रीय मंत्री जैन ने भाजपा की पूर्व प्रदेश सरकार व वर्तमान केंद्र सरकार को तबियत से आढ़े हाथों लेते हुए कई आरोप लगाए और अपनी वर्तमान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की तारिफों के पुल बांधे। इस दौरान खाद्य मंत्री ने यह भी कहा कि नटराजन स्मैक बेचने वालों का कभी पक्ष नहीं लेती, लेकिन जब मंत्री से पूछा गया कि यदि नटराजन पक्ष नहीं लेती तो कौन एसे लोगों का पक्ष लेता है तो वे इस सवाल को मुद्दों की बातें करके गोलमाल कर गए। उनने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि स्थानीय मुद्दों पर कांग्रेस की एक समिति चुनाव बाद बैठेगी और मैं विश्वास दिलाता हूं, कि तमाम स्थानीय मुद्दों पर जनहितेषी निर्णय लेने से हमे कोई नहीं रोक सकता। हमारे मन में सरकार चली जाने का भय कतई नहीं है, क्योंकि उनके भी कुछ विधायक हमारे संपर्क में हैं। हमें अभी सत्ता में आए महज ढाई माह ही हुए हैं। 15 साल से जमी हुई कांई को हटाने के लिए अभी हमे थोड़ा समय तो दो। मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा बैंड बजाने और गाय चराने तथा प्रधानमंत्री मोदी के भजीये बेचने के तुल्नात्मक प्रश्न पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि मोदीजी के भजीये बेचने की बात का हम विरोध नहीं कर रहे विरोध इस बात का है, कि उनने यह राय उन आईआईटियन को दी, जिनके अभिभावकों ने कर्जा माथे कर उनको इस स्तर तक पहुंचाया और मोदीजी उन्हें भजीये बेचने की राय दे रहे हैं। जबकि कमलनाथजी ने उस तबके के लिए बैंड व गाय चराने की बात कही, जो वाकई आईआईटी नहीं कर सकते या इतने अधिक शिक्षित नहीं हैं तो वे यह कार्य भी करके स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकते हैं।
इस मुद्दे पर कहने लगे अनौपचारिक चर्चा कर लें
दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा था कि हम यहां स्थानीय व्यापारी संगठनों से मिले और उनसे चर्चा की। जब पत्रकारों ने जैन से पूछा कि व्यापारियों की क्या समस्याएं आपने जानी तो उनका जवाब था कि व्यापारियों को भय है, कि कब उन पर आयकर छापा पड़ जाए। उन्होंने कहा कि 23 मई के बाद व्यापारी पहले की तरह खुलकर अपना काम कर सकेंगे। एसे में जब जैन से पूछा कि तो मान लिया जाए 23 के बाद आयकर की खुली चोरी की जा सकेगी। इस पर उनने कहा कि एसा नहीं है, लेकिन हां आयकर के छापे नाजायज नहीं पड़ेंगे। वे यह बोल ही रहे थे, कि खाद्य मंत्री सिंह ने बीच में तपाक से बोल दिया कि साथी आपके सवाल का जवाब आपको मिल गया है। अब मेरा ये आग्रह है, कि इसे बंद कर के अनौपचारिक चर्चा कर लें।
गंगा के मुद्दे पर नहीं दे पाए ठीक से जवाब
पूर्व केंद्रीय मंत्री जैन ने गंगा शुद्धिकरण के मामले में मोदी सरकार पर आरोप लगाए थे। एसे में जब उनसे पूछा गया कि केंद्र में 10 साल मनमोहन सरकार रही और इसके पूर्व भी कई बार कांग्रेस की सरकार केंद्र में रही आपने गंगा शुद्धि के लिए क्या किया तो उनने जवाब दिया कि हमने गंगा शुद्धिकरण के लिए अन्य मुद्दों की तरह एक विस्तृत कार्य योजना बनाई है, लेकिन जब उनसे पुन: पुछा गया कि अब योजना बनाई है पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र में क्यों कुछ नहीं किया तो पूर्व मंत्री जैन व खाद्य मंत्री सिंह ठीक से जवाब नहीं दे पाए और पूरा सवाल हो-हल्ले में गुल कर गए।

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