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आबकारी में पढ़ा जा रहा भ्रष्टाचार की कोरी किताब का उपन्यास

खुदाना और दान के गढ़ की मिली भगत से जमकर सूता जा रहा मंझा, लालछाप अवैध शराब, नकली होलोग्राम की फै्रक्ट्री भी हो रही संचालित

कार्यालय = प्रतिनिधि
यहां आबकारी महकमे में इन दिनों भ्रष्टाचार की कोरी किताब का एक उपन्यास बिना किसी डर के जमकर पढ़ा जा रहा है। खुदाना और दान के गढ़ की मिली भगत से लालछाप दारू, नकली होलोग्राम आदि संबंधित फैक्ट्री में पार्टनरशीप कर पूरी की पूरी मंडली जमकर मंझा सूत रही है और बेचारी पुलिस 2-2, 4-4 पेटियां पकड़ रही है। खैर इमानदार एसपी की टीम ने पिछले दिनों एक गांव में जो कार्रवाई की वह प्रंशसनीय है।
लोकसभा चुनावी आचार संहिता में आयोग ने अवैध शराब पर सख्ती से रोक लगवा रखी है, लेकिन यहां आबकारी की एक कोरी किताब है, अवैध और नकली होलोग्राम लगी शराब जमकर बिकवा रही है। ईमानदार एसपी ने स्पेशल टीम गठित कर देशी ठेके पर नकली होलोग्राम लगवाकर बेची जा रही 145 क्वार्टर, 4 पेटी बीयर, 254 ढक्कन कुल 75 हजार की शराब जब्त की है। यह ठेका खुदाना, दान के गढ सहित कई पार्टनरों का है। पार्टनर एक-दूसरे को चूना तो लगा रहे हैं, उनका आपस में हिसाब भी नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी और आबकारी की कोरी किताब भ्रष्टाचार की इबारत से भरती ही जा रही है। कुछ ही माह में कोरी किताब के मंसूबों की पोल खुल गई है। इसके इतिहास को देखा जाए तो जहां-जहां रहा, वहां-वहां नियमों को खूंटी पर टांगकर शराब ठेके में पार्टनर बना और खूब मंजा सूता, जो अब यहां भी सूता जा रहा है। गौरतबल है, कि ये कोरी किताब बालाघाट में वर्ग विशेष की नेता गिरी कर चुकी है, जिस पर कलेक्टर ने एफआईआर दर्ज करवाई। कटनी में लोकायुक्त में केस दर्ज हुआ। इसी तरह आलीराजपुर में शराब ठेके में पार्टनरशिप की रिपोर्ट उपर पहुंची तो वहां से मात्र 11 महिने में भागना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह अब ये कोरी किताब 50 पेटी देकर यहां खुल गई। एसे में क्या आबकारी विभाग आचार संहिता में शराब पकड़ेगा अब पुलिस को तो अपनी ड्यूटी करना ही रही। चर्चा यह भी है, कि कोरी किताब भ्रष्टाचार के मामले में अपने ससुरजी की ज़ेरोक्स कॉपी है। इधर, सैया भए कोतवाल तो डर काहे का यह कहावत कोरी की वजह से चरिथार्त हो रही है। खुदाना और दान के गढ की शराब की अवैध फैक्टरी पूर्व सरकार में फलीफूत हुई और अब कांग्रेस के राज में कोरी किताब से चल रही है। लालाछाप होलोग्राम, लालाछाप अवैध शराब बेचने का गौरखधंधा यहां चरम पर है। यह तो ईमानदार एसपी के रहते हुए एक गांव बडी कार्रवाई हुई।
हर माह 3 पेटी की बंदी
सूत्र बता रहे हैं, कि कोरी किताब की इस तरह के मामलों में पार्टनरशीप तो है ही वहीं लगभग 3 पेटी की अवैध बंदी भी कोरी किताब के अक्षरों की अदृश्य श्याही की चमक बन रही है। लगातार चल रहे घटनाक्रम को देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कोरी किताब के पन्ने शराब तस्कर रोज खेल रहे हैं। कुछ एसा ही पूर्व में एक बड़े शराब व्यवसाई के समय भी हुआ था, जो पूर्व में आबकारी का ही कर्मचारी रहा और अब लगभग वही कहानी दोहराई जा रही है। कोरी किताब में नोटों के बंडल जैसे ही फंसते हैं वैसे ही जिले की देशी दुकान पर विदेशी और विदेशी दुकान पर देशी महकने लगती है।

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