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सदैव मुस्कुराता चेहरा

हमेशा खुशियां बांटो, खुशियां पावों, इस सिद्धांत पर चलने वाला एक शख्स जो शामगढ़ की किसी भी रोड पर पैदल घूमता हुआ दिखाई देगा जिस से शामगढ़ की युवा और प्रौढ़ पीढ़ी आज भी सम्मान की दृष्टि से देखती है और गुरु जी के नाम से पूरा शामगढ़ इलाका जानता है, इस शख्स का वास्तविक नाम कमला कांत उपाध्याय है। उन्होंने कबीर और तुलसी के लिखे ग्रंथों की व्याख्या भी की है… कबीर से वे विशेष लगाव रखते है, शायद यहीं वजह है कि उनके व्यक्तित्व में स्थित प्रज्ञ व्यक्ति की छाया मिलती है… उनका मानना है पहले यथार्थवादी कबीर ही थे कमलाकांत जी ने कबीर बीजक भी लिखा है… वे कभी-कभी कबीरदास जैसे फक्कड़ भी दिखते है।
जन्म: कमला कांत उपाध्याय का जन्म 11 अप्रैल 1953 को भवानी मंडी में समाहित भेसोदा मंडी में हुआ इनके पिताजी भवानी मंडी में स्टेशन मास्टर थे, प्रारंभिक शिक्षा भेसोदा मंडी और भेसोदा ग्राम के प्राइवेट स्कूल में हुई। फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर और उनकी छोटी बहन सीमा कपूर भी इनसे जूनियर थे। बहुत कम लोग जानते है अन्नू कपूर भैसोदा मंडी के है तािा उनके पिताजी का भोपाल थियेटर के नाम टॉकिज था। अन्नू कपूर की बहन की शादी आर्ट फिल्मों के हीरों ओमपुरी से झालावाड़ के होटल द्वारका में हुई थी। सीमा कपूर ने धर्मराजेश्वर व उसके आसपास के क्षेत्र में हॉट बाजार की शूटिंग भी की थी जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
शिक्षक बनना एक सपना: कमला कांत उपाध्याय का बचपन से ही सपना था कि वे शिक्षा विभाग में शिक्षक बनकर और समाज में सेवा का संकल्प पूरा करेंगे अशिक्षा के अंधकार समाप्त करेगें 1 दिसंबर 72 को इन्होंने शिक्षा विभाग में अपनी आमद सहायक शिक्षक के रूप में दी शामगढ़ माध्यमिक विद्यालय में हुई तथा 1 दिसंबर 72 को उनकी सेवानिवृत्ति इसी विद्यालय से हुई।
खुशी के पल: जिंदगी में सबसे बड़ी खुशी उन्हें तब मिली जब इन्हें स्काउट गाइड में अपनी लंबी सेवाएं देने के बाद उन्हें राज्यपाल द्वारा दीर्घकालीन सेवा अलंकरण प्रदान किया गया, यह दिन वे जिंदगी का सबसे खुशी का पल मानते है जिसे यह जिंदगी में कभी भुला नहीं पाते हैं।
बुरा लगता है: 80 से 90 के दशक में इस 1400 से 1500 छात्र अध्ययन करते थे, कक्षा 6 से 8 तक दो पाली में विद्यालय लगता था और लगभग 30 से 35 शिक्षक यहां पर कार्यरत थे, उज्जैन संभाग का सबसे बड़े विद्यालय का गौरव शामगढ़ माध्यमिक विद्यालय को था, किंतु आज वहां पर मात्र 140 से 150 छात्र हैं और 3-4 का स्टाफ है यह इन्हें बुरा लगता है कि जो स्कूल मैदान हमेशा छात्रों से भरा रहता था आज विरान है।
पसंद: कमला कांत उपाध्याय वह शख्स है जिसके चेहरे पर कभी भी गुस्सा किसी ने नहीं देखा जाता वे हमेशा जिससे भी मिलते हैं मुस्कुरा के बात करते हैं, चाहे कोई कितना भी गुस्से में उनसे बात करें पर यह उस पर गुस्सा नहीं करते।
हास्य पसंद: कमला कांत उपाध्याय हमेशा बच्चों के बीच कभी भी शिक्षक बन कर नहीं रहे, बल्कि छात्र बन कर ही छात्रों के साथ रहे और उन्होंने हमेशा छात्रों को उनके स्तर पर जाकर अध्यापन का श्रेष्ठ कार्य किया कभी भी उन्हें हताश निराश नहीं होने दिया और कमजोर से कमजोर छात्र को भी उन्होंने अपनी विधा से आगे बढऩे का प्रेरणा दी।
अभिलाषा: उनकी पत्नी किरण उपाध्याय भी शिक्षा विभाग में कार्यरत है और एक पुत्र जो कंप्यूटर इंजीनियर पुणे में कार्यरत है और पुत्री उदयपुर महा विद्यालय में अध्यापन कार्य करती है।
मित्रता: कमला कांत उपाध्याय की मित्रता फिल्म फिल्मों में अभिनेता अन्नू कपूर सेरही है जो इनके साथ पढ़ते थे वही एनडी वैष्णव और गोवर्धन जायसवाल भी उनके परम मित्रों में माने जाते हैं वैसे तो इनकी मित्रों की संख्या की कोई गिनती नहीं है पर यह 3 व्यक्ति परम् मित्रों में इनकी गिनती होती है।
सांई इतना दिजी ये जा में कुटुम्ब समाए,
मैं भी भूखा ना रहू साधू न भूखा जाए।
तुम कही कागज लेखी,
हम कही आंखन की देखी।
जैसे दोहों से उनकी विशेष रूचि रही है।

patallok

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