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दबिश के बाद भी सुवासरा में चल रहे स्टार के पेय चैनल

पुलिस व कंपनी के छापे का कोई फर्क नहीं पड़ा विनायक केबल पर
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

जिले के सुवासरा में संचालित हो रहे विनायक केबल नेटवर्क पर पुलिस व स्टार प्लस कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त दबिश का भी कोई असर नहीं हुआ। बता दें कि स्टार के पेय चैनल विनायक द्वारा अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं, जिसके बाद कंपनी अधिकारियों ने पुलिस की मदद से यहां दबिश भी दी, बावजूद इसके विनायक के जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ा और अब भी स्टार के पेय चैनल सुवासरा में बा-दस्तुर चल रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं, कि विनायक पर कोई असर नहीं होने के पीछे सुवासरा पुलिस का भी पूरा सहयोग है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विनायक केबल नेटवर्क के संचालक वणी निवासी शिवनारायण डबकरा द्वारा ट्राई के नियमों के विरूद्ध सुवासरा में स्टार के पेय चैनल चलाए जा रहे थे। एसे में करीब दस दिन पूर्व कंपनी का एक दल जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंचा और यहां एसपी विवेक अग्रवाल को एक आवेदन देने के बाद सुवासरा पुलिस की मदद से विनायक के आढ़ा बाजार स्थित कार्यालय व कंट्रोल रूम पर दबिश के लिए पहुंचा। किंतु सूत्र बता रहे हैं, कि शुरू के 6 दिन तो सुवासरा पुलिस ने उन्हें पहले काफी टालम-टोल की और इधर-उधर उलझाते रहे। इसके बाद दबिश में मुख्य रूप से प्रयुक्त स्टार प्लस कंपनी की पॉवर ऑफ एटर्नी की छाया प्रति के बजाय असल कॉपी मंगवाने का बहाना बनाया गया। जबकि नियमानुसार दबिश दल छाया प्रति ही साथ लाता है। खैर कंपनी के अधिकारी वापस लौट गए और पुन: मंगलवार को पॉवर ऑफ एटर्नी की असल कॉपी लेकर आए, जिसके बाद सुवासरा पुलिस को उखड़े-उखड़े मन से यहां दबिश देनी ही पड़ी। उखड़ा-उखड़ा मन इसलिए क्योंकि सूत्रों पर भरोसा करें तो जब कंपनी के अधिकारी पॉवर ऑफ एटर्नी की असल कॉपी लेने गए तब सुवासरा पुलिस ने विनायक के संचालक से अपनी अच्छी-खासी चौसर जमा ली। खैर दबिश के दौरान जिस कक्ष में अधिकारियों को पहुंचना था वहां तक नहीं पहुंच पाए और एक अन्य कक्ष से करीब 7 से 8 सेट ऑफ बॉक्स जब्ज किए। इस मामले में सुवासरा थाने पर केस भी दर्ज करवाया गया। तब तक भी लग रहा था कि शायद अब सुवासरा में स्टार प्लस के पेय चैनल अवैध रूप से नहीं चलें, लेकिन सुवासरा के बाशिंदो के अनुसार विनायक केबल नेटवर्क द्वारा अब भी स्टार प्लस के तमाम चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। एसे में विनायक की मनमानी तो उजागर हुई है, वहीं एक और मामला सुवासरा पुलिस की कारस्तानी का सामने आया, जिसमे कप्तान को पड़ताल करने की आवश्यक्ता है।

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