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दो बार पहले भी हो चुकी थी तैयारी, पर बच गया अनिल

मामला: अनिल सोनी हत्याकांड का

पुलिस ने गिरफ्तार किए हत्या 4 आरोपी, मुख्य आरोपी चुन्नू सहित दो की गिरफ्तारी अभी बाकी, एसपी ने किया हत्याकांड का पटाक्षेप
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

यों तो सराफा व्यापारी अनिल सोनी को करीब 4 सालों से अपनी जान का खतरा था और इस बीच उस पर हमले भी हो चुके थे और जान से मारने की धमकियां भी मिली, जिनकी शिकायतें थाने में उसने करवाई भी थी। किंतु 10 अप्रैल की रात जब उसे मौत के घाट उतारा गया उसके पूर्व दो बार आरोपियों द्वारा अलग-अलग दिन अनिल की हत्या की पूरी तैयारी कर ली गई थी और रैकी भी की गई थी, लेकिन आरोपी पक्ष जरा भी रिस्क नहीं लेना चाहता था और जरा-जरा सी गड़बडिय़ों के कारण दोनों बार अनिल बच निकला।
यह खुलासा पुलिस कप्तान विवेक अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बहू चर्चित अनिल सोनी हत्याकांड के संदर्भ में गुरूवार दोपहर 12 बजे किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अब तक मामले में घटना के सह आरोपियों के रूप में अरशद पिता सद्दीक पठान 22 साल निवासी बुलगढ़ी, सद्दाम पिता शहजाद शाह 25 साल निवासी लेबर कॉलोनी, सुनील पिता मोहनलाल मालवीय 27 साल निवासी गोपालगंज प्रतापगढ़ हाल मुकाम संजीत नाका मंदसौर व पुलकित पिता विषद शर्मा 23 साल निवासी लालघाटी को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक यामाहा एफज़ेड बाइक बरामद की जिसके पीछे सवार होकर चुन्नू ने अनिल पर गोलियां दागी थी। इसी तरह रैकी में प्रयुक्त एक सफेद रंग की फोर्ड फिगो कार, एक मोबाइल तथा 30 हजार नकदी भी बरामद हुए हैं। उक्त नकदी अरशद द्वारा घटना में साथ देने के लिए मांगी गई कुल 2 लाख की राशि में से पेशगी के रूप में मिले 50 हजार से बची हुई राशि है। एसपी अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की अब तक की पड़ताल में मुख्य आरोपी चुन्नू उर्फ इमरान खान पठान पिता डेरान खान पठान तथा रैकी करने वालों में शामिल हनीफ नामक आरोपी की और तलाश है, दोनों को जल्द ही पुलिस खोज लेगी।


ये था घटनाक्रम
10 अप्रैल की रात करीब 9 बजे सराफा व्यापारी अनिल सोनी की उनके चौधरी कॉलोनी स्थित घर के पास अज्ञात आरोपियों ने गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद शहरभर में सनसनी फैल गई थी और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में नामजद चुन्नू लाला को आरोपी बनाया था। घटना के अगले चार दिनों तक सोनी समाज सहित विभिन्न वर्गों द्वारा ज्ञापन देने व विरोध प्रदर्शनों का दौर चला था।
फेसबुक युद्ध बना हत्या का कारण
एसपी विवेक अग्रवाल के अनुसारा अनिल सोनी व एक अन्य पाटी के बीच चल रहे रूपयों के विवाद में मांडवाली करवाने के लिए चुन्नू की एंट्री हुई थी। इसके बाद उन दो पक्षों का विवाद तो अलग रहा गया और चुन्नू तथा अनिल के बीच विवाद बढ़ता ही गया, जिसको लेकर चुन्नू अनिल से रंजिश पालता था। इसके अलावा ताजा और प्रमुख कारण फेसबुक युद्ध सामने आया है। अक्सर दोनों पक्ष फेसबुक पर एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट डालते रहते थे, जिसको लेकर हत्या की गई है।
भ्रम पैदा करने में उपयोग की टेक्नालॉजी
एसपी अग्रवाल ने बताया कि घटना को न सिर्फ बहुत शातिराना तरिके से अंजाम दिया गया, बल्कि कुछ टेकनालॉजी का इस्तेमाल कर पुलिस की विवेचना को भ्रमित अथवा गुमराह करने का प्रयास भी आरोपियों ने हर हद तक किया, लेकिन हमारी एसआईटी ने उन्ही टेक्नालॉजी का उपयोग कर आरोपियों की हर चाल को मात दी है।
इनका रहा विशेष सहयोग
पूरे घटनाक्रम के पटाक्षेप में एएसपी मनकामना प्रसाद, सीएसपी नरेंद्रसिंह सोलंकी, निरीक्षकगण योगेंद्रसिंह सिसौदिया, नरेंद्रसिंह यादव, विवेक कनोडिया, सुजीत श्रीवास्तव, उप निरीक्षकगण गोपाल गुणवद, राकेश चौधरी, विनोदशंकर यादव, सहायक उप निरीक्षकगण प्रेमसिंह हटिला, प्रआ प्रदीपसिंह तोमर, दिनेश खिंचावत, आरक्षक कैलाश बघेल, आरक्षक राकेश, गिरीश, आशीष शर्मा, राजेश शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अब तक इन स्थानों पर दबिशें दी
आरोपियों की तलाश में अब तक मंदसौर पुलिस ने अखेपुरा, नोगावां, देवल्दी, अजमेर, लोनावाला, दिल्ली, मुंबई, हिम्मत नगर, अहमदाबाद, गांधीनगर, सुसनेर आदि स्थानों सहित दक्षिण भारत के भी कुछ इलाकों में दबिश दी है।
तीन बार सेल हो चुकी है कार
घटना में प्रयुक्त फोर्ड फिगो कार के संदर्भ में एसपी ने बताया कि वर्तमान में यह राजस्थान के एक व्यक्ति के नाम है। इससे पहले यह तीन बार सेल आउट हो चुकी है। हालांकि इन चारों के नाम बताने पर फिलहाल एसपी ने इंकार कर दिया। प्रतापगढ़ निवासी ऑटो डिल संचालक रजनीश माहेश्वरी पर कार्रवाई के प्रश्न पर उनने कहा कि अभी हमारी जांच पूर्ण नहीं हुई है। अभी भी घटना में और भी आरोपी बन सकते हैं और कुछ अन्य कहानियां भी सामने आ सकती है। इधर, सुसनेर थाने में खड़ी कार के बारे में उनने बताया कि उक्त कार मुंबई के किसी अकबर नामक व्यक्ति की है। इसी डिटेल्स के लिए भी हम ने सुसनेर एसपी को पत्र लिखा हुआ है।
किस का क्या रोल था घटना में
अरशद लाला- घटना के वक्त चुन्नू की बाइक चला रहा था और मामले का मुख्य सह आरोपी है।
सुनील मालवीय- फोर्ड फिगो कार से लगातार अनिल सोनी की रैकी कर आरोपियों को हर मुवमेंट की जानकारी दे रहा था।
पुलकित शर्मा- हत्या की योजना बनाने में मुख्य अहम भूमिका, फेसबुक पर शीखा बजाज नाम से आईडी बनाकर अनिल को लगातार धमाकाना, घटना में प्रयुक्त बाइक भी इसी की है तथा आरोपियों की तमाम चल-अचल संपत्त्यिों का ब्योरा रखना व उनके बैंक अकाउंट के ट्रांजेशन आदि कार्य करना।
सद्दाम-हत्या की योजना बनाना व घटना की कई तरह की अंदरूनी जानकारियों आरोपियों तक पहुंचाना। अनिल सोनी के कार्यालय की लगातार निगरानी कर यहां आने-जाने वाले लोगों की ध्यान रखना और एसे लोगों का चयन करना जो घटना में साथ दे सके।
फैक्ट फाइल
दिन 30
आरोपी 06
गिरफ्तार 04
पुलिस दल 12
राज्य 05
शहर 41

patallok

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