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13 दिन, 11 आरोपी, 3 हथियार

मामला: मुल्तानपुरा गैंगवार का

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
समीपस्थ गांव मुल्तानपुरा को धनबाद बनाकर गैंग्स ऑफ वासेपुर फिल्म की तरह आमने-सामने की गैंगवार करने के मामले में पुलिस ने 13 दिनों में अब तक 15 में से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3 कंट्री मेड पिस्टल, व 3 जिंदा कारतूस तथा दो चले हुए राउंड के के खोखे बरामद कर लिए हैं। मामले में अब पुलिस को दो आरोपियों की तलाश और है।
उक्त घटनाक्रम का खुलासा करते हुए मंगलवार शाम महू-नीमच राजमार्ग स्थित पुलिस नियंत्रण कक्ष पर एएसपी मनकामना प्रसाद ने बताया कि 25 अप्रैल की सुबह 10 बजे मुल्तानपुरा टैम्पो स्टैंड पर दो पक्षों के बीच झगड़ा होकर पत्थरबाजी एवं गोलियां चलने की घटना की जानकारी मिलने मामले की सुक्ष्मता से जांच की गई। घटना के दूसरे ही दिन 26 अप्रैल को मामले के एक आरोपी दिलावर उर्फ दिल्लू पिता हुसैन गुल्ला 38 साल निवासी मुल्तानपुरा को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध आपराधिक रिकार्ड के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। केस में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों ही पक्षों द्वारा एक-दूसरे की तरफ से पिस्टलों से फायर किए जाने का पाया जाने से प्रकरण में धारा 307 का इजाफा किया। आरोपियों को उनके सभी संभावित ठिकानों पर तलाशकर पुलिस द्वारा लगातार दबाव बनाया गया, जिसके फलस्वस्प 5 मई को आठ आरोपी इस्माईल पिता अब्दुल रहमान सुसाडिय़ा, मुज्जू पिता साबिर लंबू सुसाडिय़ा, अफजल पिता हाजी बशीर अली सुसाडिय़ा, मुबारिक पिता अब्दुल रमजान सुसाडिय़ा, आशिक पिता रसीद सुसाडिय़ा, फरीद पिता मुबारिक सुसाडिय़ा, आबिद पिता रमजान सुसाडिय़ा व पप्पू पिता हाजी बशीर सुसाडिय़ा खुद थाने पर सरेंडर हुए। इनमें से आरोपी मुज्जू उर्फ मुजफ्फर सुसाडिय़ा से घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल तथा पिस्टल के चेंबर में फंसा पाया गया एक चला हुआ कारतूस का खोखा एवं एक जिंदा कारतूस जब्त किए। इसी मामले में 7 मई को अन्य तीन आरोपियों को मुख्तियार पिता हुसैन गुल्ला 39 साल, अजीज पिता रफीक गुल्ला 32 साल व आबिद पिता रफीक गुल्ला 29 साल सभी निवासी मुल्तानपुरा को भी गिरफ्तार कर आरोपियों से पूछताछ कर मुख्तियार, अजीज के कब्जे से दो देशी पिस्टल व उन पिस्टलों के चैंबर में फसे पाए गए दो चले हुए कारतूस के खोखे तथा दो जिंदा कारतूस जब्त किए। इस तरह अब तक मामले में दोनों पक्षों की ओर से दर्ज हुए मामले में 15 में से 11 आरोपी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमेें से 8 आरोपी बलवा तथा अवैध शस्त्रों का उपयोग करने व कब्जे में रखने तथा हत्या का प्रयास से संबंधित धाराओं में जेल भेजे जा चुके हैं।
त्रुटि से सेफ मोड पर सैफ
इस पूरे मामले में हुई गिरफ्तारियों में एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है, कि एक आरोपी सैफअली खान जो किसी अन्य मामले में कोर्ट में पेश हो गया, जिसे कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया। जबकि यह मुल्तानपुरा की इस गैंगवार का भी आरोपी है। एसे में पुलिस की इस गफलत कहें या त्रुटि कहें सैफ अब तक सेफ मोड पर घुम रहा है, जिसे पुलिस को पुन: गिरफ्तार करना होगा।
आखिर कब तक खुन बहाएगी खदाने
बेशक पुलिस ने खदानों को लेकर हुई इस गैंगवार में लगभगल-लगभग सभी आरोपियों को अपनी ज़द में ले लिया हो और शेष चार आरोपी भी पुलिस की संजीदगी से गिरफ्त में आ जाएंगे, लेकिन बड़ा सवाल यह है, कि आखिर कब तक मुल्तानपुरा में स्लेट पेंसिल की ये खदाने यों ही खुनी होली का मंजर दिखाती रहेगी और जिले को खौफज़दा करती रहेगी। जबकि इस मामले में भी पुलिस ने वही रटी-रटाई कार्रवाई कि जब तक माननीय न्यायालय या कोई अधिकृत विभाग इजाजत न दें खदानों पर कोई भी व्यक्ति खनन न करें। जबकि यही समझाईश खदानों के इन अवैध कारोबारियों को सालों से खनिज विभाग भी देता आ रहा है। बावजूद इसके मुल्तानपुरा अक्सर धनबाद और मिर्जापुर बन जाया करता है। जबकि इस मामले में भी आवश्यक्ता यह है, कि पुलिस ने जिस तरह नपा पर दबाव बनाकर चुन्नू लाला की जमीने चिन्ह्ति करवाई ठीक उसी तरह खनिज विभाग पर दबाव बनाकर एसी कोई कार्रवाई निश्चित करे कि आगे से कोई भी स्लेट पेंसिल खदानों की तरफ अवैध निगाहें डालने से पहले 10 बार सोचे। वरना वो दिन दूर नहीं जब इन खदानों के खेल में किसी की कब्र खुद जाने की नौबत आ जाए…।

patallok

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