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कंप्यूटर सीपीयू सील किए गए, मान्यता को लेकर उठ रहे सवाल

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय शार्ट सर्किट से लगी आग या लगाई गई?

मंदसौर। पालो ने 28 अप्रेल को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के नवीन भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ उसे लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। किंतु अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और ठेकेदार ने भी कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है उसका नुकसान शिक्षा विभाग को झेलना पड़ा।
शनिवार को सांय 4.30 पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लाइट फाल्ट होने से आग लग गई और पूरे कार्यालय की वायरिंग जल गई, फाल्ट होने से पूरे कार्यालय में अंधेरा छा गया अभी लाइट ठीक होने के बाद ही पता चल पाएगा कि नुकसान कितना हुआ। कंप्यूटर और सीपीयू सील्ड करवा कर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आदित्य सिंह आईएएस ने एक कमरे में रखवा दिए हैं।
क्योंकि लाइन फाल्ट हुई है उस समय कंप्यूटर भी ऑन थे, इसलिए अगर उनकी हार्ड डिस्क उड़ गई होगी तो कार्यालय के रिकार्ड नष्ट होने का अंदेशा जताया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है क्योंकि अभी कंप्यूटर चेक नहीं हुए हैं।
यह तो अच्छा हुआ कि पाताल लोक द्वारा अध्यापकों की सेवा पुस्तिका यहां रखी थी उसे लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए और सेवा पुस्तिकाओ संकुल पर तत्काल भेज दी गई शिक्षकों की सेवा पुस्तिका है अगर जल जाती तो शिक्षकों का बहुत बड़ा नुकसान हो गया होता। क्योंकि दूसरी सेवा पुस्तिका बनाना संभव नहीं होता है।
नुकसान से बचा जा सकता था
अगर पाताल लोक की न्यूज पर अधिकारी ने ध्यान दिया होता और इस मामले में जांच करवा ली होती तो इस नुकसान से बचा जा सकता था किंतु चुनाव के कारण व्यस्तता के चलते अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे पाए। उसका नुकसान का आकलन तो अब जांच के बाद ही पता चलेगा।
पाताल लोक द्वारा प्रकाशित खबर 80 लाख का जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय 6 माह में हुआ भंगार पर अगर कार्यवाही होती तो लाइट फॉल्ट और कंप्यूटर में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता था। क्योंकि अगर कंप्यूटर का डाटा हार्ड डिस्क उड़ तो फिर से डाटा कलेक्ट करना असंभव है।
सेवा पुस्तिकायें बची
पाताल लोक सेवा पुस्तिकाओं को लेकर भी समाचार प्रकाशित किए थे कि लगभग 34000 अध्यापक का शिक्षा विभाग में संविलियन के लिए सेवा पुस्तिका अध्यतन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक माह से पड़ी हुई थी और संकुल प्राचार्य जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र के बाद भी नहीं ले जा रहे थे, किंतु जब पाताल लोक में समाचार प्रकाशित किए तो लगभग संकुल पर अपनों की सेवा पुस्तिका ले गए। जिससे 34000 अध्यापकों की सेवा पुस्तिका है बच गई। वरना जल जाती तो 3400 शिक्षकों का भविष्य दांव पर लग जाता क्योंकि सेवा पुस्तिका दूसरी बनाना असंभव है।
इनका कहना
अभी तो नुकसान कितना हुआ इसका आकलन करना मुश्किल है क्योंकि पूरी लाइन फाल्ट हैं। यह तो वापस लाइन जोडऩे पर कंप्यूटरों को चेक करने के बाद ही पता चल पाएगा।
आर एल कारपेंटर
जिला शिक्षा अधिकारी मंदसौर
मुझे आप से पता चला है मैं दिखाता हूं कि कितना नुकसान हुआ है और किसकी गलती से हुआ है इसकी पूरी जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धनराजू एस
कलेक्टर मंदसौर
मैंने ठेकेदार को भी बोला हैं और हमारी सब इंजीनियर को भेजा था कल रिपोर्ट आ जाएगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
डीके श्रीवास्तव
अधीक्षण यंत्री पीआईयू
एमसीयू या तो नहीं लगाई होगी या हल्की क्वालिटी की लगाई होगी। क्योंकि लाइन फाल्ट होती है तो एमसीयू ट्रिपमार देती जिससे डीईओ ऑफीस की लाइन का शार्ट सर्किट नहीं होता। कल जांच करता हूं।
दिनेश एस चौहान
अधीक्षण यत्री एमपीईबी मंदसौर

patallok

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