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वधु पक्ष देखने आने वाला था उससे पहले ही मौत ने देख लिया

पुलिस के अनुसार बंदूक साफ करने में हुआ हादसा, तीन दिन पहले अपने साथी के साथ 6 कंजरों को खदेड़ा था जवान ने

एएसएफ के जवान रवि यादव

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
शांति के टापू मंदसौर को शायद किसी की नजऱ सी लग गई है। बुधवार तड़के जब लोगों की नींद खुली तो एक और दु:खद खबर से जिले की जनता का सामना हुआ। दरअसल दो दिन पूर्व सीतामउ की खेजडिय़ा चौकी पर अपने साथी के साथ आधा दर्जन कंजरों को खदेडऩे वाले एएसएफ के जवान रवि यादव की अपनी ही रायफल की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस इसे बंदुक की सफाई के दौरान हादसा बता रही है, तो परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। इसी तरह गोली लगने के ढंग से मामले में आत्महत्या की गुंजाईश भी लग रही है। बता दें कि मृतक जवान को 25 मई को अपने घर जाने वाला था, जहां उसे विवाह के लिए वधु पक्ष वाले देखने आने वाले थे, कि उससे पूर्व ही मौत से उसका सामना हो गया। जवान रवि केंद्रीय मंत्री उमा भारती के पेतृक गांव दूड़ा जिला टीकमगढ़ का निवासी है।


सीतामउ टीआई बीएस गौरे ने बताया कि खेजडिय़ा चौकी पर एएसएफ जवान आरक्षक रवि यादव के साथ मौजूद आरक्षक देवेंद्र के अनुसार रवि बार-बार अपनी थ्री-नॉट-थ्री की रॉयफल से छेड़छाड़ कर रहा था। तब देवेंद्र ने उसे समझाया भी कि हथियार से छेड़छाड़ मत करो। तड़के 3.55 बजे देवेंद्र जब लघु शंका के लिए गया तो उसने अचानक धमाके की आवाज सुनी और पीछे पलटकर देखा तो जवान रवि चौकी के सामने सड़क पर गिरा हुआ था और उसके सीर व मुंह पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। देवेंद्र ने तत्काल सीतामउ थाने व अपने वरिष्ठ अधिकारियों की को घटना की जानकारी दी। तत्काल सीतामउ थाने से आला अधिकारी दलबल सहित मौके पर पहुंचे। अल सुबह एसपी विवेक अग्रवाल, सीतामउ एसडीओपी ओपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया व आरक्षक देवेंद्र व अन्य ग्रामीणों से भी चर्चा की। इधर, मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने घटना स्थल का पंचनामा बनाया व शव को सीतामउ अस्पताल पीएम के लिए पहुंचाया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में घटना रायफल को गलत तरिके से हैंडलिंग करने के दौरान गोली चलने से होना सामने आया हैं। फिलहाल एसपी विवेक अग्रवाल खुद इस मामले को गंभीरता से लेकर एक-एक बिंदू पर पड़ताल कर रहे हैं।
उमा भारती के पेतृक गांव दूड़ा जिला टीकमगढ़ का रहने वाला था जवान रवि, खेजडिय़ा चौकी के बाहर हुई घटना
आत्महत्या भी एक बिंदू
इस मामले में दो बिंदू और आशंका के घेरे में हैं। पहला और प्रमुख बिंदू यह भी है, कि दो दिन पूर्व ही रवि का सामना कंजरों से हुआ था और कंजरों को भागना पड़ा था। एसे में किसी षडय़ंत्र के तहत रवि को मौत के घात तो नहीं उतार दिया गया। हालांकि घटना का तरिका और घटना स्थल के निरीक्षण में इस तरह का रत्तीभर भी कोई तथ्य दिख नहीं रहा। बावजूद इसके पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है। इसी तरह एक बिंदू यह भी है, कि कहीं यह आत्महत्या तो नहीं। क्योंकि अक्सर पुलिस, आर्मी, एएसएफ जवानों आदि द्वारा जब अपने हथियार से सुसाइड की जाती है तो कुछ इसी तरह गोली मारी जाती है। यदि उस बंदे के पास रायफल है, तो वह ठीक उसी जगह गोली मारता है जहां रवि को लगी है। क्योंकि कंठ के ठीक उपर एक बहुत नाजूक हिस्सा होता है, जिससे गोली चीरती हुई भेजे में पहुंच जाती है और आसानी से मौत हो जाती है। खैर फिलहाल मामले में कुछ भी अधिकारिक तौर पर कहा जाना जल्दबाजी ही होगी।
10 अप्रैल 2017 को की थी ज्वाईनिंग
10 फरवरी 1993 को जन्मा मृतक रवि चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का बेटा था। उससे बड़े दो भाई-बहन हैं व एक छोटी बहन है। रवि के पिता खेती-किसानी का काम करते हैं। अपने चंचल और खुश मिजाज स्वभाव से वह परिवार में सबकी जान था। रवि ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव दूड़ी में ही की थी। इसके बाद बड़ा गांव जिला टीकमगढ़ स्थित एक कॉलेज से उसने बीई की डिग्री ली थी। इसके बाद भर्ती भरने के पश्चात 3 अप्रैल 2017 को उसने एएसएफ ज्वाईन की थी। बताया जा रहा है, कि रवि मंदसौर जिले के गरोठ थाने में भी रहा।
10 फरवरी को निकला था घर से
रवि आखरी बार 10 फरवरी 2019 को अपने घर से निकला था। इस दौरान रवि बा-कायदा परिवार के बड़ों के पैर छूकर निकला। तब बड़ों ने उसे आशीर्वाद दिया था कि बेटा ठीक से ड्यूटी करना और जल्दी वापस लौटकर आना। इस दौरान किसी ने एक पल के लिए भी नहीं सोचा था कि परिवार के ये जान अब कभी लौटकर नहीं आने वाली। परिजन तो रवि की शादी के लिए लड़कियां खोज रहे थे और आगामी 25 मई को एक वधु पक्ष वाले उसे देखने के लिए उसके घर भी आने वाले थे, जिसके लिए वह छुट्टी जाने वाला था। किंतु इस अनहोनी का किसी को रत्तीभर भी ख्याल नहीं था।
तीन दिन पूर्व कंजरों को खदेड़ा था
बता दें कि तीन दिन पूर्व ही रवि ने अपने साथी प्रभुलाल परमार के साथ मिलकर तड़के करीब 4 बजे खेजडिय़ा से खेड़ा के बीच गांव में चोरी की नियत से आए आधा दर्जन कंजरों को अपने अदम्य साहस के बल पर खदेड़ा था। करीब 20 मिनट रवि व प्रभु से सामना करने के बाद आखिरकार कंजरों को अपनी दो मोटरसायकिल मौके पर ही छोड़कर भागना पड़ा था। इस बहादुरी के लिए दोनों जवानों की खुद एसपी अग्रवाल ने भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की थी।
पहले सफाई, फिर हैंडलिंग
रवि की मौत के तुरंत बाद प्रारंभिक तौर पर ये माना जा रहा था कि रायफल की सफाई करते समय गलती से ट्रीगर दबने से गोली चली और उसकी मौत हो गई, लेकिन बाद में मामले में यह तथ्य निकलकर आए कि गलत तरिके से हैंडलिंग के दौरान यह घटना घटित हुई है। इस तरह दो अलग-अलग बिंदू चंद घंटों में सामने आना भी घटना को और अधिक संदिग्ध बनाता है। खैर मामले में पुलिस जांच चल रही है। संभवत: पुलिस घटना के असल कारणों तक पहुंचने का पूरा प्रयास करेगी।
इनका कहना
मेरे चाचा ने तीन दिन पूर्व ही कंजरों का सामना किया था। यह भी हो सकता है, कि उनकी हत्या की गई हो। वे एक बहादुर और सरल स्वभाव व खुश मिजाज इंसान थे। चाचा हमारे परिवार की जान थे। हम लोग यही चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष व बारिकी से जांच होकर हमे इंसाफ मिले।
-गुड्डू यादव, मृतक जवान का भतीजा
मामले में मर्ग कायम कर जांच की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्ट्या निरीक्षण व जवान के परिचीतों से बातचीत में हथियार स्वयं के हाथ से चलने की बात सामने आई है। अभी हमारी जांच चल रही है अभी से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। कंजरों वाले घटनाक्रम में त्वरित रूप से मैंने स्वयं ने मौके पर पहुंचकर जवानों का प्रोत्साहन बढ़ाया था और उनके पुरूस्कार की कागजी कार्रवाई चल रही है।
-विवेक अग्रवाल, एसपी, मंदसौर
खेजडिय़ा में जो हुआ वह वाकई एक दु:खद घटना है, जिसमें हमारा एक जवान चला गया। पूरे मामले की जांच मंदसौर पुलिस कर रही है। इसलिए जांच से संबंधित हर बिंदु मंदसौर एसपी ही ठीक से बता पाएंगे। कंजरों से सामना करने में जो बहादुरी जवान ने दिखाई थी उसके लिए हमारा प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द और अच्छे से अच्छा रिवॉर्ड उसके परिजनों को दिलाया जाए।
-महेशचंद्र जैन, एसपी, 24वी वाहिनी बटालियन जावरा
उसके साथ तैनात देवेंद्र यादव के अनुसार बंदुक गलत तरिके से हैंडलिंग करने से गोली चलना घटना का कारण लग रहा है। जब रवि ने बंदुक हैंडलिंग की तब नाल का मुंह उसकी गर्दन की ओर था तब यह हादसा हुआ। मेरे सामने किसी परिजन ने हत्या की आशंका नहीं जताई है। फिलहाल मामले में हमारी जांच खत्म नहीं हुई है। इस मामले की तह तक हमारी जांच पहुंचेगी। कंजर वाले घटनाक्रम को मैं मुठभेड़ नहीं मानता। मुठभेड़ में तो दोनों ओर से हथियार चलते हैं। हां, लेकिन उस दौरान जो साहस इन दोनों जवानों ने दिखाया वह प्रशंसनीय है।
-ओपी शर्मा, एसडीओपी सीतामउ
गोली चली तो है, लेकिन अब यह खुद रवि के हाथों गलती से चली या उसने जान बुझकर चलाई। इन बिंदुओं की जांच चल रही है। प्रारंभिक तौर पर बंदुक को गलत तरिके से हैंडलिंग करने से गोली चलने के तथ्य सामने आ रहे हैं। फिलहाल हमारी जांच जारी है। परिजन पहुंचने वाले हैं, पीएम हो चुका है।
-बीएस गौरे, निरीक्षक, सीतामउ थाना

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