अब मिलते हैं काम को नवाजने वाले

सेवा की सतत् साधना
फेस -टू- फेस

जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार आमो-खास बंदे मुखर होते रहते है लेकिन समय-समय पर यहां ऐसे डॉक्टर्स और स्टॉफ भी दस्तक देता है जो अपनी सेवा भावना और समर्पण के कारण न सिर्फ पूरे अस्पताल वरन समूचे क्षेत्र के साथ देश-प्रदेश में भी शहर का नाम रोशन करते है… इन में एक नाम शुमार है नर्स अरविना शेख का जो आधी आबादी के प्रतिनिधित्व का सिम्बॉल भी है… काम छोटा हो या बड़ा उसमें डूब जाना है किसी को भी उसके मंजिल मकसूद के आगे तक ले जा सकता है… इसका उदाहरण अरविना बन चुकी है।
टीकाकरण और नन्हें फरिश्तों (बच्चों) को जानलेवा बीमारियों से बचाने की मशक्कत में अहम भूमिका निभाने पर अरविना को महामहिम राष्ट्रपति के हाथों पुरूस्कार से सम्मानित हो चुकी है… यह सम्मान उस आधी आबादी का भी प्रतिनिधत्व करता नजर आता है जो समर्पण भाव से अपने कार्य क्षेत्र में तल्लीन है… इस बार फेस-टू-फेस की फ्रेम में आई प्रदेश में राष्ट्रपति पुरूस्कार प्राप्त करने वाली जिले की एक मात्र अरविना बताती है कि मेरे माता-पिता मुझे टीचर बनाना चाहते थे किंतु मैंने नर्स बनकर सेवा का कार्य चुना, इसके पीछे की कहानी बताते हुए कि वे कहती है मेरे पिताजी की एक बार तबियत खराब हुई, तब वे छोटी थी… पिताजी को उल्टियां होती रही तो परिवार के लोगों ने कम एक नर्स ने उनकी ज्यादा सेवा की और वहीं से मेरे दिमाग में, मेरे मन में आया कि मैं नर्स बनकर मरीजों की, बीमारों की सेवा करुंगी। इधर मेरा परिवार मेरे माता पिता मुझे शिक्षा विभाग में भेजने के इच्छुक थे, किंतु मैंने सेवा का प्रकल्प चुना।
परिवार: अस्पताल में आने वाले छोटे बच्चे और मरीज को वे परिवार का हिस्सा मानती है… अनेक सामाजिक संस्थाओं के साथ लायंस क्लब, रोटरी क्लब, गायत्री परिवार जैसे कई सामाजिक संस्थाओं से अरविना जुड़ी हुई हैं। इन संस्थाओं ने अरविना शेख को उनकी सेवाओं को देखते हुए सम्मानित किया है।
फुर्सत के क्षण: फुर्सत में ये पुराने गाने सुनना पसंद करती हैं, रेडियो पर या मोबाइल में जब भी उन्हें समय मिलता है वह पुराने गानों में लता, आशा, किशोर, रफी, मुकेश, मन्ना डे के गाने और गजल सुनने में अपना समय बिताती हैं। खाना बनाने में भी रुचि रखती हैं। परिवार में पति एक बेटा और पूरा परिवार इनके इस सेवा कार्य पर गर्व करते है।


जीवन के अनमोल क्षण
जिंदगी का सबसे सुखद पल 12 मई 2017 उनके जीवन में आया जब उन्हें महामहिम राष्ट्रपति डॉ प्रणब कुमार मुखर्जी ने सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया, यह जीवन के अनमोल क्षण थे जिन्हें वे कभी नहीं भूल पाती हैं और जिंदगी में यही उनके लिए सब कुछ है।

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