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अभी तो और नपेगें…, मजदूर संघ ने किया विरोध

मंदसौर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल में जिस प्रकार की धांधली लापरवाही और अनियमितता का राज चल रहा था, उससे ग्रामीणों में लगातार आक्रोश पनप रहा था और जहां भाजपा के नेता गण चुटकी लेकर 2004 से पहले का मिस्टर बंटाडार के राज की वापसी बता रहे थे, वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने नेताओं से पूछ रहे थे कि इतनी कटौती क्यों हो रही है? विद्युत मंडल के कई अधिकारी कर्मचारी बिना कारण से लोड शैडिंग के नाम पर अनियमित कटौत्री कर रहे थे जबकि प्रदेश में बिजली सरप्लस हैं।
जाँच के आधार पर मंदसौर जिले में दो सब इंजीनियर सहित 13 कर्मचारी और 12 आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों पर गाज गिरी है विद्युत मंडल के कर्मचारियों को निलंबित किया गया है व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
लगा झटका
इससे जो झटका बिजली विभाग के कर्मचारी को लगा है वह तिलमिला रहे हैं किंतु उन्हें आम जनता की हुई असुविधा की चिंता नहीं है उन्हें केवल अपने वेतन भत्ते और अपनी सुविधाओं की ही चिंता में लगे रहे।
गोपनीयता से कराई जाँच
मुख्यमंत्री कमलनाथ, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह इन कर्मचारियों का सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया और बाहर का रास्ता बता दिया के पूर्व इन कर्मचारियों के कार्यों की गोपनीय जानकारी एकत्रित की कि किस-किस की ड्यूटी के समय कितने कितने घंटे अकारण बिजली बंद रहेगी और लोगों में आक्रोश पनपा।
सी एस की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
शनिवार को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी सीएसएसीएस ने काफी अधिकारियों से चर्चा का विद्युत आपूर्ति लगातार नियमित करने के निर्देश दिए हैं, और जहां जहां कटौती अनियंत्रित अनियमित कटौती हुई है वहां पर कार्यवाही के निर्देश भी दिए हैं।
दूसरे विभाग भी रखेंगे नजर
अब दूसरे विभाग के कर्मचारियों को विद्युत मंडल पर निगरानी करने के लिए भी लगाया जाएगा और जो कर्मचारी विद्युत मंडल का लापरवाही करते हुए पाया जाएगा उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी अभी तक उज्जैन संभाग में जो कार्यवाही हुई इसमें लगभग 200 कर्मचारियो की बत्ती गुल हो गई है और वे आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर रहे हैं किंतु अपनी गलती नहीं देख रहे हैं जितने लोगों को भी निलंबित किया है या आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है।
क्या लेंगे सबक?
उनकी जांच करने के बाद ही है कार्यवाही की गई है और अब इस कार्यवाही से तय है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी राजनीतिक इच्छाशक्तियों को दबाकर के एक शासकीय कर्मचारी की तरह आम जनता के लिए हमेशा सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे बिना कारण कभी भी अब शायद वे लाइट ऑफ नहीं करेंगे क्योकि उन्हें उनकी सर्विस की बत्ती गुल होने का खतरा बना रहेगा।
आरएसएस समर्थित मजदूर संघ ने जताया रोष
मन्दसौर। विगत दिवस विद्युत व्यवस्था को लेकर अधीक्षण यंत्री मंदसौर द्वारा कर्मचारियों अधिकारियों का निलंबन एवं सेवा से पृथक करने पर भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष अशोक रामावत एवं बिजली कर्मचारी कर्मचारी महासंघ मंदसौर के संरक्षक शक्ति वर्मा ने घोर विरोध एवं असंतोष प्रकट किया। उन्होंने उक्त कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।

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