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धुंधड़का सोसायटी में करोड़ों के घपले की आशंका

किसानों के खाते में नहीं पहुंचे रूपए और मैसेज आ गया पहुंचने का, विभागीय जांच टीम ने प्रारंभ की पड़ताल, शुरूआत में 15 किसानों के साथ चौंट की खबर
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

वैसे तो जिला सहकारी बैंक की तमाम सोसायटीयों और संस्थानों की यदि बारिकी से जांच की जाए तो न जाने कितने हैरतंगेज घोटाले इन पड़तालों में सामने आ सकते हैं। खैर फिलहाल बात दलौदा बैंक की धुंधड़का सोसायटी के बारे में हो रही है, जहां करोड़ों रूपयों के घोटाले की आशंका में विभागीय दल ने पड़ताल प्रारंभ कर दी है। प्रारंभ में करीब 15 किसानों के साथ चौंट होने की खबर है। दरअसल इन किसानों के मोबाइल में मैसेज आ गया, कि उनकी उपज की राशि उनके खाते में भेज दी गई है, लेकिन जब बैंक गए तो पता चला कोई राशि आई ही नहीं।
दलोदा जिला सहकारी बैंक के धुंधडका सोसाइटी में करोड़ों का घोटाला सामने आया है जिसमें माह जनवरी 2019 में किसानों की उड़द की भावंतर राशि किसानों के खाते में जमा तो हुई पर किसानों तक नहीं पहुंची। गौरतलब है कि धुंधडका सोसायटी के प्रबंधक नंदकिशोर धाकड़ का नाम इस पूरे घटनाक्रम में सामने आ रहा है। इस मामले में किसानों की उपज को खराब बताकर मंडी में व्यापारी से तुलवाया गया और जब माल तुल गया तो उसी किसान के पंजीयन पर माल डाल कर उसकी राशि उसी किसान के अकाउंट में डाल कर फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से राशि निकाली गई। रोचक बात यह है कि इस पूरे घोटाले के व्हिसल ब्लोअर सोसायटी के डायरेक्टर बद्रीलाल धाकड़ है, जिन्होंने इस घोटाले को उजागर किया। जिसका वे खुद भी शिकार हुए हैं जानकारी देते हुए बताया कि उनकी राशि अकाउंट में आने का संदेश प्राप्त हुआ। राशि नहीं मिली वही किसान देवीलाल धाकड़ ने बताया कि उनकी राशि पंजाब नेशनल बैंक में जमा होने का संदेश आया। जब वहां जाकर पूछा तो पता लगा कि कोई राशि अभी तक नहीं आई है। अब जिला सहकारी बैंक में जाकर तलाश कीजिए शुरुआती जांच में 15 नाम अधिकारी को दिए हैं और सबूतों के आधार पर जांच जारी है।
क्या कहते हैं संबंधित
इधर, मामले के जांच अधिकारी जैन ने बताया कि बद्रीलाल धाकड़ द्वारा दो माह पहले कलेक्टर कार्यालय और जिला सहकारी बैंक की मुख्य शाखा मंदसौर को घोटाले की जांच के लिए आवेदन दिया था जिसमें मुझे बैंक की तरफ से जांच अधिकारी के रूप में भेजा गया है। पूरे मामले की जांच निष्पक्ष रूप से करके बैंक को सौंप दी जाएगी। शुरुआती जांच में 15 नाम पीडि़त किसानों के दिए गए हैं आगे और कितनी परतें खुलती है। देखते हैं जांच के आधार पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।

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