समाज में ‘जीवनÓ फूंकते गौसर

फेस -टू- फेस
वाल्मिकी समाज चुन रहा है शिक्षा और नशामुक्ति को

अपने समाज को खासकर युवाओं को नशे बुराईयों से दूर कर शिक्षा से जोड़ प्रगति और खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ाना ही अब जीवन जी गौसर के जीवन का लक्ष्य बन चुका है, युवाओं को प्रेरित करने के लिए उन्होंने स्वयं न सिर्फ मांस मदिरा बल्कि गुटके तक को काफी समय पहले ही अपने जीवन से निकाल दिया।
अपनी ऐसी ही अनेक विशेषताओं की वजह से जीवन जी गौसर हमारे फेस-टू-फेस कॉलम का इस सप्ताह का चेहरा है। वे अखिल भारतीय वाल्मिकी सभा के राष्ट्रीय सचिव है।
युवाओं की टीम: युवा सतीश जी खैरालिया जो अखिल भारतीय वाल्मिकी सभा के उपाध्यक्ष है के साथ युवाओं की एक जोशीली टीम समाज को बदलने में जुटी है इन्हें संरक्षक राजाराम जी तंवर, बाबूलाल जी केसरिया, इंदरमल जी परमार, सागरमल जी खेरालिया, किरण जी परमार, राजेश जी परमार, चांदमल जी दलोर जैसे सभी समाजजनों का समर्थन प्राप्त है। राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल जी का सहयोग भी उन्हें भरपूर मिलता है।
समर्थ समाज: प्रतिवर्ष वाल्मिकी जयंति में होने वाले भव्य समारोह और कलश यात्रा के लिए जीवन भाई बताते है कि चंदा उगाही नहीं की जाती समाज की टीम अपने सामथ्र्य से इस आयोजन को करती है। कुछ लोगों ने चंदा उगाने का प्रयास किया था पर जीवन भाई की वजह से यह नहीं हो पाया।
नगरपालिका में: भाई जीवन के प्रयासों से लगभग 350 सफाई कर्मियों को नपा में स्थाई करवाया गया, दलाली प्रथा को खत्म किया और किसी का एक पैसा भी अतिरिक्त नहीं लगने दिया। जीवन बताते है कि दादा प्रहलाद बंधवार ने इसमें पूर्ण सहयोग किया।
अखाड़े के दिन: जीवन भाई एक अच्छे पहलवान रह चुके है और उन्होंने केसरी उस्ताद के अखाड़े से जुड़कर कई कुश्तियां जीती थी। अपने उन दिनों के साथियों जगदीश पहलवान, खूबचंद पहलवान आदि से आज भी उनकी गहरी दोस्ती बनी हुई है, सफदर भाई डोडिया भी उनके गहरे मित्र है।
मंदसौर के डेविड बून: आस्टे्रलिया के फेमस् क्रिकेटर डेविड बून से शकल मिलने की वजह से अनेक लोग प्यार से उन्हें डेविड बून कहते है जिनमें सांसद और विधायक भी शामिल है।
बेटियां है बराबर: समाज में लड़कियों को बराबर मान कर उनकी शिक्षा पर उतना ही ध्यान दिया जा रहा है जीवन भाई कहते है हमें गर्व है कि दहेज प्रताडऩा का एक भी मामला समाज का नहीं है, विवाह समारोह को सादा बनाने की दिशा में एक परिचय सम्मेलन आयोजित हो चुका है दूसरे की तैयारी है।
सबका प्रेम सबका सम्मान: जीवन भाई कहते है उन्हें मंदसौर शहर और नगरपालिका में सबका स्नेह और सम्मान मिला उनका कहना है कि नपा में केजी उपाध्याय जैसे अधिकारी सबका ध्यान रखते है और अच्छा काम कर रहे है। सफाई कर्मियों को उनका संदेश है कि ईमानदारी से काम करें अधिकारियों और जनता का सम्मान करें उन्हें खुशी है कि स्वच्छ अभियान में सभी अच्छा काम कर रहे है।
बाबा साहब हो कोर्स में: जीवन भाई बाबा भीमराव अम्बेडकर को याद करते हुए कहते है कि वे महापुरूष है उन्हें, मात्र किसी समाज विशेष से जोड़कर देखना ठीक नहीं। बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से ही बाबा साहब को पढ़ाया जाना चाहिए।
अपने बचपन में उन्होंने जिस समाज को शोषित पीडि़त के रूप में देखा था आज उसी समाज के बेटे बेटियों को जब वे पढ़ लिखकर योग्य बनते देखते है तो उन्हें लगता है सबकी मेहनत सफल हो रही है और जागृति आ रही है।

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