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पान स्टील फैक्ट्री में श्रमिक की संदिग्ध मौत

मुआवजे की मांग को लेकर अड़े ग्रामीण, कांग्रेसजनों ने दी हाई-वे जाम की चेतावनी, चार घंटे चर्चा के बाद हुआ समझौता
पालो रिपोर्टर = मंदसौर/पिपलियामंडी

गांव बरखेड़ापंथ के युवक की मंदसौर की पान स्टील फेक्ट्री (विनस एलॉस प्रायवेट लिमिटेड) में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया व मुआवजे की मांग लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ ग्रामीणों ने अर्थी नही उठने दी, ग्रामीणों की ओर से नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र ने चेतावनी दी कि मुआवजा नही मिला तो फोरलेन पर चक्काजाम होगा, स्थिति बिगड़ते देख पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी जाप्ते के साथ गांव बरखेड़ापंथ पहुंचे, वहीं फेक्ट्री के कुछ कर्मचारी भी सुलह के लिए गांव पहुंचे। ग्रामीणों की मांग थी कि दस लाख रुपए कंपनी मुआवजा दे, जबकि कंपनी के जिम्मेदार 3 लाख रुपए से ज्यादा देने को तैयार नही थे। बाद में दोपहर 3.30 बजे कंपनी ने साढ़े पांच लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही, तब जाकर चार बजे अर्थी उठी।
जानकारी के अनुसार गांव बरखेड़ापंथ निवासी जसवंत कारपेंटर का 17 वर्षीय पुत्र सुभाष, मंदसौर में आईटीआई कर रहा था, साथ ही वह फोरलेन कृषि मंडी के पास इंडस्ट्रीयल एरिए में स्थित पान स्टील फेक्ट्री में रात्रि मजदूरी कर रहा था, शुक्रवार रात्रि संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत हो गई। कंपनी की ओर से शनिवार सुबह छह बजे करीब परिजनों को सूचित किया कि रात्रि में सुभाष की मंदसौर फेक्ट्री में सलिए की लगने से मृत्यु हो चुकी है। इस सूचना पर परिजन मंदसौर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पीएम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पीएम के बाद कंपनी के दो-तीन कर्मचारी प्रात: 11 बजे शव को गांव में रखने के बाद चले गए, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे समझ ही नही पा रहे थे कि कैसे क्या हुआ ? अब क्या करें।
इसलिए बढ़ा आक्रोश
युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई यह बात सामने नहीं आ पाई, युवक का शव लेकर आए फेक्ट्री के एक कर्मचारी का कहना था कि रात्रि में सो रहा था, इस दौरान उपर सलिया गिर गया। इसके बाद सुभाष को मंदसौर जिला अस्पताल ले गए। हालत में सुधार नही होने पर इंदौर ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मौत हो गई। जबकि साथ आए दूसरे कर्मचारी का कहना था कार्य करते समय सलिया उछलकर सिर में लगने से मृत्यु हो गई, युवक की मृत्यु के बाद कंपनी के जिम्मेदार मालिक ने भी परिजनों से चर्चा नही की। मामला संदेहास्पद होने पर ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों व ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक युवक की मौत का कारण स्पष्ट नही हो जाता व 10 लाख रुपए मुआवजा नही मिलता तब तक अर्थी नही उठेगी।
दस की मांग दिए 5.50 लाख
युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र भी गांव बरखेड़ापंथ पहुंचे, साथ ही प्रदेश कांग्रेस महासचिव कमलेश पटेल, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा, दिनेश कारपेंटर, महेश कारपेंटर, लोकेश चड़ावत, मुकेश निडर, विष्णु फरक्या, गोपाल जोकचन्द्र, अम्बालाल कारपेंटर, लक्ष्मीनारायण कारपेंटर, मोहन विश्वकर्मा, जगदीश माकनिया, मदनलाल कारपेंटर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एकत्रित हो गए व कंपनी की ओर से मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने तक, अर्थी नही उठने देने की बात पर अड़े रहे। फेक्ट्री की ओर से आए दो कर्मचारियों को भी यह सूचना कंपनी मालिक तक भिजवाने की बात कही। विवाद बढ़ता देख नायब तहसीलदार सुनील डाबर, मल्हारगढ़ टीआई आनंदसिंह आजाद, सब इंसपेक्टर शिवांशु मालवीय, अभिषेक बौरासी सहित पुलिस बल बरखेड़ापंथ पहुंचा। मल्हारगढ़ सुबह प्रात: 11.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कंपनी की ओर से प्रतिनिधि बनकर आए फेक्ट्री कर्मचारी इन्द्रजीतसिंह व अन्य कर्मचारी के साथ ग्रामीणों के बीच चर्चा चलती रही। कांग्रेस नेता जोकचन्द्र का कहना था जब तक दस लाख रुपए मुआवजा नही दिया जाता तब तक अर्थी नही उठेगी।
पार्ट टाइम में करता था मजदूरी
जानकारी के अनुसार सुभाष के पिता मजदूरी करते है, घर में छोटा भाई विक्रम भी है। सुभाष वर्तमान में मंदसौर में आईटीआई कर रहा था। लेकिन पार्ट टाइम में वह रात्रि में पान स्टील में मजदूरी भी करता था। सुभाष की मौत से परिजन गमगीन है।

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