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आचार संहिता का तमाशा बना दिया बदमाशों ने

नाबालिग के साथ दुष्कृत्य के मामले ने लिया द्विपक्षिय विवाद का रूप, मदारपुरा व हरिजन बस्ती में दो घंटे तक चलता रहा तनाव
कलेक्टर-एसपी पहुंचे मौके पर, हालांकि शहर में हालात सामान्य
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

मेरे शहर में चुनावी आचार संहिता चल रही है, जिसके चलते रोज पुलिस व प्रशासन बड़े-बड़े दावे अपराधों व अपराधियों पर नकेल कसने के कर रहा है। किंतु जिस तरह के हालात पिछले दो दिनों में शहर में पनपे हैं उससे तो लगता है या तो आचार संहिता के तहत ये तमाम प्रशासनिक दावे महज जूमले हैं या बदमाशों पर आचार संहिता का कोई खौफ ही नहीं है। शायद यही कारण है, कि एक नाबालिग के साथ दुष्कृत्य के मामले ने द्विपक्षिय विवाद का रूप अख्तियार कर लिया और इसी की आड़ में बदमाशों ने आचार संहिता का अच्छा खासा तमाशा बना दिया और करीब मदारपुरा से लगी हरिजन बस्ती में अच्छा-खासा तांडव कर दिया, जिसके चलते करीब दो घंटे तक यहां स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। हालात यह तक बने कि स्थिति को काबू में करने के लिए शहर निरीक्षक को हवाई फायर तक करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिजन बस्ती निवासी किशन घारू के घर उसके दोनों पुत्रों घनश्याम व लक्ष्मण की शादी का माहोल था। महिलाएं दोनों दुल्हों को लेकर माता पूजन करने जा रही थी, तो वहीं वर निकासी की भी लगभग तैयारियां हो चुकी थी। इसी तरह इसी गली के आगे वाले चौक में भाजपा पार्षद विक्रम भैरवे के घर पर उनकी पत्नी की गोद भराई की रस्म चल रही थी। यहां भैरवे के घर के बाहर महिलाएं पंगत में भोज कर रही थी। एक ही गली में दो मांगलिक आयोजन चल रहे थे और काफी खुशनूमा माहोल था। इसी बीच दोपहर करीब पौने दो बजे लगभग 200 की संख्या में दंगाई युवक पूरी तरह उग्र होकर मदारपुरा की ओर से यहां पहुंचे, इनमें से किसी के हाथ में लकडिय़ां, तो किसी के हाथ में पत्थर थे। साथ हरिजन बस्ती के लोगों यह भी दावा है, कि उनके पास धारदार व आग्नेय शस्त्र भी थे। इसी भीड़ ने आव देखा न ताव एकाएक हमला बोल दिया। एसे में सभी लोग अपनी जान बचाकर यहां-वहां घरों में घुस गए, तो दंगाईयों ने घरों के बाहर खड़े वाहनों, मांगलिक आयोजन में लगे डीजे के बक्सों, कुर्सियों आदि में तोड़-फोड़ चालू कर दी। तभी सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और पुलिस बल ने किसी तरह दंगाईयों को खदेडऩे का प्रयास किया तो वे पुलिस बल पर भी उग्र हो गए और पत्थर फैंकना शुरू कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ पुलिस जवानों को भी अपने आपको बचाते हुए घरों में घुसना पड़ा। हालात अधिक बेकाबू होते देख कोतवाली टीआई नरेंद्रसिंह यादव ने अपनी सर्विस रिवाल्वर हवा में लहराई। जिसके बाद दंगाईयों की तमाम भीड़ तीतर-बीतर हो गई। इसके बाद हरिजन बस्ती के निवासी भी उग्र होकर मदारपुरा की ओर लकडिय़ां आदि लेकर जाने लगे। उन्हें किसी तरह पुलिस बल के साथ खुद कप्तान विवेक अग्रवाल ने रोका। इस दौरान यहां के निवासियों ने पुलिस अधिकारियों पर बिगड़ती कानून व्यवस्था के कई गंभीर आरोप लगाए और लगभग एक दर्जन बार एक ही गली के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल की इस समूह से बहसबाजी भी हुई। लगभग दो घंटे चले इस घटनाक्रम में हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थानीय पुलिस के तमाम अधिकारियों के साथ ही नाहरगढ़, पिपलियामंडी, भावगढ़, दलौदा, सीतामउ सहित आसपास के पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों का बल सहित मौके पर पहुंचना पड़ा। इसी तरह कलेक्टर धनराजू एस सहित तमाम प्रशासनिक मशीनरी भी मौके पर पहुंची। इधर, घटनाक्रम के बाद कुछ देर के लिए बाजार में दहशत का माहोल बन गया। हालांकि बाद में सब कुछ सामान्य हो गया और पुलिस ने पूरी स्थिति नियंत्रण में कर ली।
खानपुरा की ओर से आए थे 25 दुपहियां वाहन
गुरूवार दोपहर 1.30 बजे एक के बाद एक करीब 25 दुपहियां वाहन एक साथ जनकूपुरा स्थित बड़ा चौक में खानपुरा की दिशा से मदारपुरा की ओर जाते दिखाई दिए। प्रत्येक वाहन पर औसतन दो युवक बैठे हुए थे और सभी वाहनों की गति बहुत अधिक थी। एसे में किसी राहगिर ने धानमंडी में उनसे पूछा कि हुआ क्या है, तो एक बाइक सवार युवक ने जवाब दिया कि अभी बताते हैं तुझे क्या हुआ है…। सभी युवक मदारपुरा घाटी के नीचे एकत्र हुए और यहां से योजना बना ही रहे थे, कि शनि विहार वाले रास्ते से एक युवक बाइक पर आया और कहा कि चलो हरिजन बस्ती और यह कहते हुए भीड़ का एक बड़ा हिस्सा मदारपुरा स्थित मस्जिद का चौक, जमाअत खाने होते हुए हरिजन बस्ती पहुंचा, तो कुछ युवक अपनी बाइक से पुन: शनि विहार वाले रास्ते पर निकले तथा करीब 4 मोटर सायकिल सवार युवक नरसिंहपुरा सत्यनारायण कॉलोनी के पहले नाले वाली पुल की ओर पहुंचे।
रास्ते चलते भीड़ बढ़ती गई
मदारपुरा घाटी से हरिजन बस्ती की ओर निकले युवकों के साथ भीड़ बढ़ती गई और करीब दो सौ से अधिक की संख्या में हरिजन बस्ती में तांडव मचाया गया। इस भीड़ ने रास्ते में जहां से जो मिला उठा लिया। जमाअत खाने के सामने लकड़ी की टाल से लकडिय़ां हाथों में ले ली, तो वहीं सत्यनारायण कॉलोनी की ओर निकले चार बाइक सवार युवकों ने दुष्कृत्य के आरोपी कालूराम के किराए के घर में तोडफ़ोड़ की। इसी दौरान मकान मालिक रवि जीनगर के घर पर वॉशिंग मशीन, वॉश बैसीन, घर के बाहर खड़ा लोडिंग, बाइक आदि तोडफ़ोड़ कर दिए गए और तो और यहां सिर्फ महिलाएं ही थी उन पर भी हमला बोलने का प्रयास किया गया।
तीन फायर का भी दावा
इधर, हरिजन बस्ती में हुडदंगियों द्वारा मचाए गए तांडव के संदर्भ में पार्षद विक्रम भैरवे ने यह तक दावा किया कि दंगाईयों में से किसी ने 3 फायर भी किए, जिसमें से एक गोली खुद भैरवे के कान के पास से गुजरी। हालांकि पुलिस ने इस बात की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की, वहीं भैरवे के दावों की जांच करने का आश्वासन आला अधिकारियों ने उन्हें दिया है।
धरी रह गई तमाम वाहन चैकिंग
एक ओर आचार संहिता के चलते जिले के कलेक्टर धनराजू एस व पुलिस कप्तान जिलेभर में निरंतर वाहन चैकिंग कर अपराधियों, अवैध हथियारों आदि की धरपकड़ के दावे कर रहे हैं, वहीं बुधवार रात अनिल सोनी हत्याकांड में आग्नेय शस्त्रों के उपयोग व हरिजन बस्ती में हुए तनाव में आग्नेय शस्त्रों के उपयोग के दावों ने पुलिस व प्रशासन की आचार संहिता की तमाम वाहन चैकिंगों की पोल खोल कर रख दी है। बड़ा सवाल यह है, कि यदि पुलिस की वाहन चैकिंग इमानदारी से चल रही है, तो बावजूद इसके शहर में हुई घटनाओं में हथियारों का खुलकर इस्तेमाल होने के बाद यह कहा जाए कि धरी की धरी रह गई तमाम वाहन चैकिंगे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

3 कार व आधा दर्जन से अधिक दुपहियां वाहन
हरिजन बस्ती में हुए घटनाक्रम में पार्षद विक्रम भैरवे के घर आए उज्जैन निवासी मेहमानों की दो कार व इसी गली में खड़ी हंस परिवार की भी एक कार पूरी तरह फोड़ दी गई। इसी तरह गली में खड़े करीब आधा दर्जन से अधिक दुपहियां वाहनों में भी नुकसान किया गया।
एसे ही कप्तान की जरूरत थी जिले को
इस शहर ने इससे पहले भी इस तरह के कई घटनाक्रम देखे, लेकिन उन तमाम घटनाक्रमों में या तो पुलिस कप्तान खुद बाद में एक निरीक्षण के लिए पहुंचते दिखे या घटना के दौरान साइड में हाथ बांधे दिखे। किंतु इस पूरे घटनाक्रम में जब से एसपी विवेक अग्रवाल मौके पर पहुंचे तब से ही एक सामान्य आरक्षक की तरह हैलमेट, कवछ पहनकर हाथ में डंडा लिए स्थिति पर काबू पाने के प्रयास करते दिख। एसे में उनके मातहत खुद भी पूरी तरह मुश्तैद दिखे कि जब खुद कप्तान मैदान में हैं तो वे कैसे चुकते। इस दौरान कप्तान बैखोफ होकर एक नहीं कई बार भीड़ के बीच भी घुसे और हालात सामान्य किए।
नाबालिग के पिता का दोस्त था आरोपी
दरअसल नरसिंहपुरा घाटी पर रहने वाली एक 8 वर्षीय बालिका के साथ उसी बिल्ंिडग में किराए से रह रहे कालूराम हरिजन 60 साल ने बुधवार को बलात्कार किया। बालिका ने उक्त घटना परिजनों को बताई और रात को कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद देर रात आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया। किंतु कुछ शरारती तत्वों ने गुरूवार दोपहर घटना को इस तरह का रूप दे दिया। इधर, जानकारों की माने तो जिस बालिका के साथ दुष्कृत्य हुआ उसके पिता व आरोपी कालूराम दोनों दोस्त थे। पहले से इस मकान में किराए पर रह रहे नाबालिग के पिता ने किसी तरह मकान मालिक को मनाकर कालूराम को भी यहां किराए पर मकान दिलवा दिया, लेकिन खुद नाबालिग के पिता भी नहीं जानते थे कि उनका यह सहयोग उन्हीं की बेटी के लिए भारी पड़ जाएगा।
22 के खिलाफ नामजद केस दर्ज
इधर, मामले में कोतवाली पुलिस ने रवि पिता फकीरचंद डागर निवासी वाल्मिकी कॉलोनी मदारपुरा की रिपोर्ट पर भादसं की धारा 294, 323, 506, 452, 147, 149 व एसीएसटी एक्ट के तहत 22 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। जिन पर केस दर्ज किया उनमें अली खान, मोहसीन टेलर, टींडा, शादाब, साहिल, जाफर ऑटो वाला, एहसान, रइस, अकरम, फिरोज, अबिद, शाहरूख, साबिर चक्की वाला, फारूख किराना वाला, आसिफ, हैदर, आदम पठान, सोएब, लियाकत, शोएब, मुन्ना आदि शामिल है। ़
क्या कहते हैं जिम्मेदार
हमारा फोर्स समय पर पहुंचने से विवाद अधिक नहीं बड़ पाया और पूरी तरह स्थिति नियंत्रण में हैं। दोनों पक्षों को कोतवाली पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कह दिया है। एहतियात के तौर पर फोर्स लगा रहेगा। विवाद के असल कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। कल एक घटना हुई थी उससे भी इसका कोई तार हो सकता है, लेकिन जब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो तब तक कुछ कहना ठीक नहीं होगा। -धनराजू एस, कलेक्टर

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