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सत्ता पक्ष का विधायक बैठेंगा कलेक्ट्रेड में धरने पर

प्रदर्शन/अधिकारियों की गलती ने हरदीप को किया धरने के लिए मजबूर
उपार्जन केन्द्रों की सूची में गांवों को सम्मिलित करने में की गलतियां तथा ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं मिलना होगा धरने के बिंदू
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

सुना था कि कांग्रेस का शासन आते ही प्रदेश में नौकरशाही सुद सावल में आ जाएगी, लेकिन भाजपा के गढ़ में एकमात्र कांग्रेस का झंडा लगातार 10 साल से थामे हुए सुवासरा विधायक हरदीपसिंह डंग के साथ कुछ उल्टा ही हो रहा है। उन्हें अपनी ही पार्टी के सत्ता में होने के बावजूद जीतने के बाद भी संघर्ष करना पड़ रहा है। दरअसल नौकरशाही उन पर हावी होती दिख रही है। शायद यही कारण है, कि हरदीप को 9 अप्रैल को अधिकारियों और कर्मचारियों से उनकी गलती सुधरवाने के लिए धरने का रास्ता अपनाना पड़ेगा। हालांकि दबी जूबान में सियासी हल्कों में यह भी चर्चा है, कि हरदीप से सीनियर जिले के कई कांग्रेसी उनकी चलने नहीं दे रहे हैं। खैर फिलहाल खबर यह है, कि डंग के धरने के मुख्य बिंदु उपार्जन केंद्रों की सूची में गावों को सम्मिलित करने की गलतियां तथा ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं मिलना होंगे। अब देखना यह है, बतौर रूठे किरदार में डंग की यह दूसरी पारी प्रदेश सरकार पर क्या असर छोड़ती है और जिले की नौकरशाही कितनी सुद सावल में आती है।
वर्तमान समय में खाद्य नागरिक आपूर्ति द्वारा नवीन उपार्जन केन्द्र स्थापित करने में तथा सम्मिलित ग्रामों के नाम जोडऩे में गलती कि है। जिसके कारण किसानों को अपनी फसल बिक्री में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षैत्र के उपार्जन केन्द्रो में गांव के नाम जोडऩे से पहले किसी भी जनप्रतिनिधि से किसी प्रकार की जानकारी नहीं चाही गई। जबकि विभागीय अधिकारियों को यह ज्ञात नहीं है कि कौनसा गांव किस उपार्जन केन्द्र के नजदीक है। कई गांव उपार्जन केन्द्रो के बहुत दूरी पर सम्मिलित कर दिये गये है जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि अतिनिकटतम स्थल पर उपार्जन केन्द्र स्थापित हैं इतना ही नहीं खजूरीनाग उपार्जन केन्द्र स्थापित करने के बाद भी खजूरीनाग के किसानों को दूसरे उपार्जन केन्द्र पर अपनी फसल बिक्री करना होगी। विभाग की लापरवाही के कारण किसानो को समय पर एसएमएस नहीं मिल पा रहे है। कर्मचारियों के द्वारा किसानों में लगातार भय का वातावरण निर्मित कर दिया है कि यदि वह अपनी फसल उपार्जन केन्द्र पर बिक्री करते है तो उनके रूपये कर्जे की बकाया राशि में काट लिया जावेंगा। जबकि शासन द्वारा कर्ज में रूपये करने की बात से नकारा जा रहा है। क्षैत्र में विगत दिनों हुई ओलावृष्टि के मुआवजा के राशि जानकारी नहीं भेजने के कारण अभी तक किसानो को नहीं मिल पाई है। इसके साथ ही विगत दिनों नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम फसल को नष्ट करने के लिये जो वसूली कि गई। उसकी भी जांच कि जावें। उक्त सभी समस्याओं के कारण मेरे द्वारा एक दिवसीय धरने का आयोजन कलेक्ट्रेट भवन मंदसौर मे किया जावेगा यदि शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो आचार संहिता को ध्यान में रखते हुवे किसानो की समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम उठाये जावेंगे।

patallok

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