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शिक्षा विभाग-कही भी, कभी भी…

जन शिक्षकों ने जारी किए तुगलकी आदेश
मंदसौर। शिक्षा विभाग के तुगलकी आदेश कभी भी कही से भी कोई भी जारी कर सकता है, ऐसे ही आदेश आजकल मंदसौर विकास खंड में चर्चा का विषय बने हुवे हैं। 1 से 8 तक के विद्यालयों को कुछ जन शिक्षकों ने परेशान करने की ठान ली है कुछ स्कूलों में और कुछ विकास खंडों में शिक्षकों को विद्यालय में जाकर अपनी उपस्थिति रजिस्ट्रर में हस्ताक्षर कर और छात्रों के साथ फोटो खिंचवा कर प्रात: 10.३० पर जन शिक्षा केंद्र प्रभारी, जन शिक्षक को भेजने हेतु निर्देशित किया गया है। जबकि कई जन शिक्षा केंद्रों पर या विकास खंडों में यह आदेश नहीं है। केवल शिक्षकों को परेशान करने और उनसे अनुचित लाभ लेने के लिए यह रास्ता अपनाया गया है, मंदसौर विकासखंड में इस प्रकार के आदेश जारी किए गए हैं, जब इसकी तह में गए तो पता चला कि जन शिक्षक और एपीसी की सांठ-गांठ से ये आदेश जारी किये जिसके पीछे की कहानी ये है कि विद्यालयों में मरम्मत की और टीएलएम की राशि आई है उसमें अपना हिस्सा चाहते हैं, जिन का हिस्सा पहुंच गया है उनके लिए टाइम बुक पर हस्ताक्षर करके और बच्चों के साथ फोटो डालने का प्रावधान शिथिल कर दिया गया है, वह कभी भी डाल सकते हैं और जिन्होंने अभी तक जन शिक्षकों को उनका हिस्सा नहीं पहुंचाया है, उनके लिए तरह तरह के प्रतिबंध लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
इसके लिए कई शिक्षको से जब पता चला कि कुछ संकुल में ही यह या कुछ विकास खंडों में ही यह आदेश लागू है, और कुछ स्कूलों में ही कई स्कूलों के स्कूल इस आदेश नही हैं।
शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि भोपाल स्तर पर इस संबंध में राज्य संचालक शिक्षा में कोई आदेश जारी नहीं किए हैं किंतु मंदसौर के ही कुछ जन शिक्षक अपनी मनमर्जी से नए-नए आदेश जारी कर भ्रष्टाचार के नए-नए आयाम स्थापित करने में अपने आप को सबसे आगे रखना चाहते हैं। शिक्षक कांग्रेस ने मांग की है कि जब राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी नहीं किए तो जन शिक्षक इस प्रकार के आदेश जारी वार करने वाले होते कौन हैं? बिना योग्यता की कई एपीसी नियुक्त कर दिए गए हैं जो अपनी मनमर्जी से भ्रष्टाचार करने के लिए तरह-तरह के आदेश जारी कर रहे हैं इसके पीछे उनकी मंशा क्या है यह सब परिलक्षित होता है।
जन शिक्षा केंन्द्र शाकउमावि बालागंज शरद नारायण नीमे के नाम से जन शिक्षक चंचल शर्मा द्वारा आदेश जारी कर व्हाट्सएप पर जारी किया गया जबकि जन शिक्षा केंद्र प्रभारी शरद नारायण नीमे को इस संबंध में कुछ भी पता नहीं है।
इनका कहना
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किए गए कि शिक्षक हस्ताक्षर कर उसकी छाया प्रति जन शिक्षा केन्द्र, जिला शिक्षा केंद्र को भेजे।
आइरिन सिंथिया, संचालक
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल हमारे द्वारा विकास खंड कार्यालय द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया की शासकीय मावि प्रावि के शिक्षक हस्ताक्षर की छाया प्रति दिन विकास खंड कार्यालय भेजें।
आरसी बागड़ी
विकास खंड शिक्षा अधिकारी मंदसौर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक कार्यालय द्वारा भी ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किए गए कि शिक्षक अपने पूरे विद्यालय के हस्ताक्षर कर उसकी छाया प्रति जन शिक्षकों को भेजें।
मनीष गौर, बीआरसी मंदसौर
मेरे द्वारा जन शिक्षक चंचल शर्मा को कोई आदेश नहीं दिया गया उनके द्वारा जो आदेश जारी किया गया है उसने मेरे नाम का दुरूपयोग हुआ है इसके लिए मैं जवाबदार नहीं हूँ।
शरद नारायण नीमे, संकुल केंद्र प्रभारी प्राचार्य कन्या उमावि बालागंज
चंचल शर्मा जन शिक्षक और जन शिक्षक जितेंद्रसिंह को चार-पांच बार कॉल किया किंतु उन्होंने हर बार आवाज नहीं आ रही कह कर काट दिया।
जन शिक्षक द्वारा शिक्षक उपस्थिति पंजी का व्हाट्सएप पर फोटो मंगवाया गया जा रहा था वह मिस अंडरस्टैंडिंग के कारण था ऐसा कोई आदेश नहीं है शिक्षक उपस्थिति पंजिका प्रमाणीकरण मंगवाने का। गूगल शीट भरना है वह भेजी जाएगी। यह आदेश निरस्त कर दिया गया है अब शिक्षकों को व्हाट्सएप पर उपस्थित नहीं डालना पड़ेगी।
सुदीप दास, प्राचार्य एवं संकुल केंद्र प्रभारी दलौदा

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