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विशाल का नयापुरा पर मेगा जाम

बेतरतीब पार्किंग के चलते हर आधे घंटे में लग रहा जमकर जाम
राहगिरों से लेकर आसपास के रहवासी, व्यापारी तक दु:खी
पालो रिपोर्टर = मंदसौर
पुराने शहर को नए शहर से मिलाने वाली महत्वपूर्ण नस कही जाने वाली नयापुरा रोड पर भारी वाहनों के चलते पहले क्या कम परेशानियां थी, जो अब विशाल मेगा मार्ट के नाम से खुली नई दुकानदारी ने यहां मेगा जाम लगा दिया है। उंट के मुंह में जीरे के समान बनाए गए पार्किंग स्थल के चलते जितने ग्राहक आ रहे हैं सभी पार्किंग सड़क पर कर रहे हैं, जिससे नयापुरा रोड जैसी चौड़ी सड़क भी महजग एक गली बनकर रह गई। एसे में न सिर्फ राहगिरी, बल्कि आसपास के रहवासियों और दुकानदारों के लिए विशाल मेगा मार्ट एक बड़ा सिरदर्द हो गया है। खास बात यह है, कि इस दुकानदारी के संचालकों पर खाकी के डंडे का भी कोई असर नहीं हो रहा है। शायद यही कारण है, कि एक दिन पूर्व खुद खाकीदारों को यहां गाडिय़ां हटवानी पड़ी।
न जाने कौन से शहर से देशभर के विभिन्न शहरों के व्यापारियों की छाती पर मुंग दलने के लिए विशाल मेगा मार्ट नाम की दुकानदारी अपने पैर पसारती जा रही है। खैर कोई बात नहीं ये तो व्यापार है कोई भी कहीं भी कर सकता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि इससे किसी को परेशानी नहीं होना चाहिए। अन्य शहरों का तो पता नहीं, लेकिन मंदसौर शहर में विशाल मेगा मार्ट के संचालकों ने नयापुरा रोड जैसी जगह चुनी जहां पहले ही यातायात का जबरदस्त दबाव रहता है। उस पर छोटा सा यानि महज 100 वाहनों के खड़े रहने जितना बड़ा पार्किंग स्थल तलघर में बनाकर नपा व प्रशासन की आंखों में भी धुल झोंकने का प्रयास किया गया। एसे में विशाल मेगा मार्ट के ठीक सामने ही नहीं, बल्कि आसपास 100-100 मीटर तक की सड़क की साइडें और आसपास की गलियां इस कदर पार्किंग झोन बन गए हैं, कि इन साइडों में स्थित दुकानों के संचालकों को घरों के मालिकों अपनी ही संस्थान और घर में आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है, कि यातायात महकमा और नपा प्रशासन भी इस बड़ी दुकान का चाहकर भी कुछ नहीं उखाड़ पा रहे हैं। हालांकि इसके पिछे कुछ सियासी कारण भी हैं, किंतु आखिर कब तक इस तरह के कारणों से आम जनता को परेशानियां झेलना पड़ेगी। जबकि यातायात महकमे और नपा प्रशासन को चाहिए कि सारे दबाव और सारी सियासत खुंटी पर टांगकर खुलकर यहां पहुंचना चाहिए और इस दुकानदारी के संचालकों को आदर्श यातायात का पाठ अच्छे से पढ़ाना चाहिए।
एम्ब्यूलेंस तक फंसी रही
शनिवार को चेत्र प्रतिपदा पर सरकारी छुट्टी होने के कारण यहां शाम ढलते ही जबरदस्त भीड़ लगना शुरू हुई। इसी भीड़ के चलते देखते ही देखते यहां बड़े पैमाने पर यातायात जाम हो गया। बात रात करीब 10 बजे की है, जब एक एम्ब्यूलेंस तक यहां यातायात में फंस गई। हालात यह हुए कि बाद में खुद 100 डायल को मौके पर पहुंचकर यातायात खुलवाना पड़ा।
रहवासी कर रहे ज्ञापन की तैयारी
बताया जा रहा है, कि अपने पास खुली इस दुकानदारी की बेतरतीब पार्किंग से इस क्षेत्र के दुकानदार व रहवासी काफी झल्लाए हुए हैं। हालात यह हो रहे हैं, कि अब तो उनकी दुकान के आगे उनके खुद के ग्राहक भी गाडिय़ां खड़ी करने आ रहे हैं तो एक बार के लिए ये उन पर भी अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं और रहवासियों का तो यह तक उदाहरण देखा गया कि शनिवार को एक परिवार के बच्चे को डी-हाईड्रेशन की शिकायत हुई, लेकिन उसके पिताजी उसे अस्पताल ले जाने में असमर्थ नजर आए। क्योंकि घर के बाहर उनकी गाड़ी बेतरतीब पार्किंग में उलझी नजर आई। एसे में दुकानदार और रहवासी आज-कल में विशाल मेगा मार्ट के खिलाफ प्रशासन को ज्ञापन देने की तैयारी में हैं।
यातायात महकमा नोटिस की तैयारी में
इधर, शनिवार रात जब 10 बजे 100 डायल यहां पहुंची तो काफी खराब हालात थे। पुलिसकर्मियों ने तत्काल शाखा प्रबंधक को तलब किया तो उल्टा अपनी गलती मानने की बजाय शाखा प्रबंधक अपना रसुख पुलिसकर्मियों पर झाडऩे लगा। एसे में एक पुलिसकर्मी को मजबुरन कहना पड़ा कि आपको नोटिस देना ही पड़ेगा। एसे में समझा जा सकता है, कि खुद यातायात अमला भी जल्द ही विशाल मेगा मार्ट को बेतरतीब पार्किंग को लेकर नोटिस थमाने के मुड़ में आ गया है।

गार्ड की तो कोई सुनता ही नहीं
मौके पर यदि आप आधा घंटा खडे रहकर यहां पार्किंग व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहे गार्ड पर ध्यान लगाएं तो पता चलेगा कि यहां जो भी आ रहा है वो गार्ड को तो कुछ समझ ही नहीं रहा। सब अपने आपको तीस्मार खां समझकर उल्टा गार्ड को ज्ञान बांटता दिख रहा है। एसे में यह कहें कि गार्ड की कोई नहीं सुन रहा तो यह भी अपने आप में विशाल मेगा मार्ट प्रबंधन के लिए एक कड़वा सच है। हालांकि बावजूद इसके यहां तैनात गार्ड अपने तई पूरा प्रयास कर रहे हैं, कि जाम न लगे।
कुछ जिम्मेदारी आम जनता की भी
यदि विशाल मेगा मार्ट की अव्यवस्था को एक ओर रखकर सोचे तो इस अव्यवस्था में कहीं न कहीं आम जनता का भी हाथ है। क्योंकि यहां तैनात गार्ड बार-बार लगातार आम ग्राहकों से वाहन पार्किंग में खड़े रहने का निवेदन कर रहे हैं, लेकिन चुंकि भारत की 80 प्रतिशत जनता में भी तो ट्रैफिक सेंस है कहां,जिसका उदाहरण विशाल मेगा मार्ट के सामने स्पष्ट देखने को मिल रहा है। हालांकि शनिवार रात जब प्रबंधक ने पुलिस के सामने इसे अपना पक्ष बताया तो पुलिस ने स्पष्ट किया कि जनता को इस बात से कहां मतलब रहता है जिम्मेदारी आपकी है, कि यहां आने वाला हर वाहन पार्किंग में ही खड़ा हो।

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